सुशील और प्रवीण की तलाश में छापे

Kanpur Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
कानपुर/लखनऊ। लैकफेड घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व चेयरमैन सुशील कटियार व उनके पीआरओ प्रवीण सिंह की तलाश में पुलिस कोऑपरेटिव सेल ने मंगलवार को कानपुर में करीब एक दर्जन ठिकानों पर छापा मारा। इस दौरान एक अरब से अधिक की संपत्तियों से जुड़े कागजात जांच टीम के हाथ लगे हैं। लखनऊ में भी लैकफेड के एकाउंटेंट अनिल अग्रवाल की तलाश में छापामारी की गई। छानबीन में घोेटालेबाजों द्वारा हड़पी गई रकम के एक शिक्षण संस्थान में भी लगाए जाने की सूचना सामने आई है।
कोऑपरेटिव सेल ने छापेमारी की तैयारी सोमवार को ही कर ली थी। इसके लिए अदालत से सुशील कटियार व प्रवीण सिंह के खिलाफ वारंट भी हासिल कर लिया गया था। डीजी कोऑपरेटिव सुब्रत त्रिपाठी के नेतृत्व में 11 टीमें मंगलवार को दिन में ही कानपुर पहुंच गईं। टीम के आधिकारिक सूत्र के मुताबिक सुशील कटियार के काकादेव हितकारी नगर स्थित आवास और भौंती स्थित हॉट मिक्स प्लांट, भगवती देवी डिग्री कॉलेज बिल्हौर और प्रवीण सिंह के जरीब चौकी और बिरहाना रोड स्थित आवास पर छापा मारा गया। इन जगहों से टीम को सुशील और प्रवीण की करीब एक अरब की संपत्तियों से संबंधित जानकारी मिली है। कानपुर के अलावा मुंबई, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, झांसी और लखनऊ आदि शहरों से जुड़ी करीब 15 संपत्तियों के कागजात भी मिले हैं। सूत्रों की मानें तो 40-50 संपत्तियां जल्द ही और पता चलेंगी।
टीम को सूचना मिली थी कि सुशील कटियार पूर्व कबीना मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी शिक्षक राज कुशवाहा के यहां छिपे हैं। इस पर राज कुशवाहा के मॉडल टाउन स्थित आवास, काकादेव स्थित एक्सिस बिल्डिंग और एक्सिस क्लासेज, रूमा स्थित एक्सिस यूनिवर्सिटी आदि जगहों पर छापा मारा गया। पता चला कि सुशील सुबह नौ बजे ही यहां से खिसक गए। टीम ने राज कुशवाहा से लंबी पूछताछ की। उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ बुलाया गया है। देर रात तक छानबीन के बाद टीम नोएडा रवाना हो गई।


इन्फो-
100 करोड़ से् अधिक रकम कानपुर के ही एक शिक्षण संस्थान में निवेश करने की जानकारी पुलिस कोऑपरेटिव सेल को मिली है। जांच एजेंसी को आरंभिक पड़ताल में पता चला है कि यह संस्थान देश के एक बड़े व्यवसायी का था, जिसे सौ करोड़ में खरीदा गया। जांच एज़ेंसी इस संस्थान के दस्तावेज तलाश रही है।


कोट--
मेरा सुशील कटियार से कोई संबंध नहीं रहा है। एक-दो बार मुलाकात जरूर हुई है। लैकफेड के सिलसिले में जो लोग यहां छानबीन करने आए थे, वे खुद नहीं बता पा रहे थे कि वे यहां क्यों आए हैं। उनसे सर्च वारंट मांगा तो वे दिखा नहीं पाए, जबरन पूरे घर को तहस-नहस करके तलाशी ली गई। यह पूरा तमाशा प्रायोजित है।
राज कुशवाहा

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाला: लालू और जगन्नाथ मिश्रा को 5 साल की सजा, कोर्ट ने 5 लाख का लगाया जुर्माना

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

थर्ड डिग्री से डरे युवक ने पुलिस कस्टडी में पिया तेजाब

एक लूट के मामले का जब उन्नाव पुलिस खुलासा नहीं कर पाई तो उसने एक शर्मनाक कृत्य को अंजाम दिया।

23 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls