निर्दलीयों ने छुड़ाए पसीने, सभी घोषित प्रत्याशी जीते

Kanpur Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
कानपुर। निर्दलीयों ने शनिवार को हुए सदन में कार्यकारिणी चुनाव में राजनीतिक दलों के पसीने छुड़ा दिए। सर्वसम्मति से कार्यकारिणी गठित करने के लिए पार्षदों ने एक-दूसरे की मान-मनौव्वल की। बहस और खेमेबंदी भी हुई। कोई नतीजा न निकलने पर महापौर ने चुनाव कराने की घोषणा की जिसमें पूर्व में घोषित किए गए भाजपा के चार, कांग्रेस और सपा के तीन-तीन प्रत्याशियों के अलावा दो निर्दलीय पार्षदों ने जीत हासिल की। कुल 25 पार्षदों ने नामांकन पत्र भरा था जिसमें से 11 ने नाम वापस ले लिए थे। पदेन सदस्यों में सांसद राजाराम पाल, विधायक सत्यदेव पचौरी, सतीश निगम और रघुनंदन भदौरिया ने वोट डाले। इससे पूर्व समस्याओं पर चर्चा कराने की मांग पर पार्षदों ने हंगामा किया जिसके चलते करीब बीस मिनट तक सदन की कार्यवाही ठप रही।
सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद अपर नगर आयुक्त द्वितीय उदय नारायन तिवारी निर्वाचन के संबंध में जानकारी दे रहे थे तभी पार्षदों ने समस्याओं पर चर्चा के लिए वक्त मांगते हुए हंगामा शुरू कर दिया। महापौर कैप्टन जगतवीर सिंह द्रोण ने कहा चुनाव हो जाए फिर जो पार्षद चाहेंगे वही होगा। पूरी रात समस्याओं पर चर्चा होगी। इस पर पार्षदों ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया। हालांकि, निर्दलीय पार्षद शमीम आजाद ने दूषित पेयजल पर जोरदार विरोध जताया। जोहरा खातून भी पीछे नहीं रहीं और माइक पर समस्याएं गिनाने लगी। अन्य पार्षदों को भी जोश आ गया और उन्होंने गृहकर, पानी, सड़क सहित अन्य समस्याओं को लेकर शोर मचाना शुरू कर दिया। भाजपा पार्षद दल के नेता सतेंद्र मिश्रा, डॉ. नीना अवस्थी, कांग्रेस पार्षद दल के नेता कमल शुक्ल बेबी, नवीन पंडित, निर्दलीय पार्षद मनीष शर्मा, धीरेंद्र त्रिपाठी धीरू ने सबको समझाकर शांत कराया। इस दौरान करीब बीस मिनट तक सदन की कार्यवाही ठप रही। इसके बाद नगर आयुक्त एनकेएस चौहान ने पार्षदों को वोटिंग के बारे में समझाया। दोपहर डेढ़ बजे नामांकन पत्र बांट दिए गए। हालांकि, पार्षदों का एक खेमा सर्वसम्मति से कार्यकारिणी के 12 सदस्य तय करने की कोशिश में लगा था। कांग्रेस, भाजपा और सपा अपने नाम पहले ही घोषित कर चुकी थी बावजूद इसके कांग्रेस से अशोक चंद्र तिवारी और विप्लव भट्टाचार्य ने नामांकन करा दिया। हालांकि, बाद में दोनों ने नाम वापस ले लिया लेकिन निर्दलीयों ने गणित बिगाड़ दी। निर्दलीयों में महेंद्र पाण्डेय पप्पू, विनय अग्रवाल, मनीष शर्मा, मदन बाबू, कैलाश नाथ पाण्डेय, मनोज यादव, महेंद्र प्रताप सिंह, श्रीमती रानू बाजपेयी सहित अन्य ने नामांकन कराया। संख्या बढ़ने पर लॉटरी डालकर महेंद्र पाण्डेय पप्पू, श्रीमती रानू बाजपेयी और महेंद्र प्रताप सिंह का नाम निकाला, बाकी ने नाम वापस ले लिए। उधर, शमीम आजाद ने मो. इरफान खान का नामांकन करा दिया जिससे मैदान में 14 प्रत्याशी रह गए। पार्षदों ने काफी कोशिश की लेकिन कोई भी दो प्रत्याशी का नाम वापस नहीं करा सके। साढ़े चार बजे महापौर ने दो घंटे के लिए मतदान कराने की घोषणा की। सबसे पहले विधायक सतीश निगम ने वोट डाला भाजपाइयों ने अपने प्रत्याशियों के लिए विधायक सत्यदेव पचौरी को बुलवाकर वोट डलवाया तो कांग्रेसी भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने सांसद राजाराम पाल को बुलाकर तत्काल शपथ ग्रहण कराई और अपने प्रत्याशियों के समर्थन में वोट डलवाया। अंतिम वक्त पर भाजपाइयों ने विधायक रघुनंदन भदौरिया को भी वोट डालने के लिए बुलवाया। कांटे की लड़ाई के चलते कांग्रेस की गीता देवी, भाजपा के धर्मनाथ मिश्रा, निर्दलीय महेंद्र प्रताप सिंह और श्रीमती रानू बाजपेयी के वोटों की पुर्नमतगणना कराई गई जिसमें महेंद्र और रानू हार गईं। मतगणना के बाद रात करीब नौ बजे से डेढ़ घंटे तक पार्षदों ने सदन में गृहकर, सड़क, पानी, कूड़ा-गंदगी, मार्ग प्रकाश, सीवर सहित अन्य समस्याएं रखीं। इसके बाद नगर आयुक्त एनकेएस चौहान ने पार्षदों की समस्या और सुझाव के मुताबिक विकास की योजनाएं बनाने की बात कही। उन्होंने कहा समस्याएं बहुत हैं लेकिन विकल्प भी हैं। सब मिलकर बेहतर काम करेंगे।

सदन में हुए यह निर्णय
-गृहकर के लंबित न नये प्रकरणों का 30 सितंबर तक जोनल ऑफिसर व सेंट्रल टैक्स ऑफिस में निस्तारण होगा
-30,000 तक का टैक्स संशोधन सेंट्रल टैक्स ऑफीसर, पांच लाख तक उपनगर आयुक्त व इससे ऊपर अपर व नगर आयुक्त करेंगे
-कर्मचारियों की कमी को आउटसोर्सिगिं से पूरा किया जाएगा
-बारिश के बाद गलियों और सड़कों की मरम्मत का काम वृहद स्तर पर होगा
-रिबोर हैंडपंप अगर दस-पंद्रह मीटर पाइप डालकर चालू हो सकते हैं तो उन्हें फिर शुरू कराया जाएगा
-खराब पड़े सबमर्सिबल ठीक कराए जाएंगे।
-सीवर समस्या के लिए सीवर सकर मशीन खरीदी जाएगी
-कैप्टन लक्ष्मी सहगल के नाम पर नगर निगम के विद्यालय का नामकरण होगा
-मार्ग प्रकाश व्यवस्था सुधारी जाएगी

पोस्टमैन न बनें पार्षद : महापौर
महापौर कैप्टन जगतवीर सिंह द्रोण ने कहा पार्षद पोस्टमैन न बनें। वह लोगों से समस्याएं सुनकर उन्हें सदन में गिनाने के बजाए जमीनी स्तर पर काम करें। उन्होंने कहा जब तक जनमानस की सहभागिता नहीं होगी, विकास कार्य सही तरीके से और सही दिशा में नहीं होंगे। उन्होंने पार्षदों को जनता से जुड़कर उनकी समस्याएं निपटाने की बात कही। महापौर ने पार्षदों से सदन की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया। बोले उत्तेजना में आकर सदन की गरिमा को खंडित न करें।

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