‘कलम से ‘कलम’ कर दूंगा अफसरों की गर्दन’

Kanpur Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
कानपुर। ‘मेरा नाम श्यौराज जीवन है। दूषित मानसिकता के अधिकारी सुन लें, समझ लें। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग को हलकेपन से न लें। जो अफसर प्रोटोकॉल का उल्लंघन करेगा उसकी गर्दन को कलम से कलम कर दूंगा। पत्रकार बंधुओं लिख दीजिए, अधिकारी चाहे कितना भी ताकतवर हो, छोड़ूंगा नहीं। लिस्ट बना रहा हूं। उनके खिलाफ कार्रवाई करूंगा। 28 को सर्किट हाउस में डीएम की बैठक बुलाई है। बताऊंगा नहीं लेकिन वहां कठोर निर्णय लूंगा’। प्रोटोकॉल पर भड़के राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य श्यौराज जीवन ने शुक्रवार को इसी अंदाज में अफसरों को चेतावनी दी। श्यौराज जीवन सफाईकर्मियों की समस्याओं और बस्तियों का निरीक्षण करने शहर आए थे। निरीक्षण के बाद नगर निगम के समिति कक्ष में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा शहर में सफाईकर्मी बदतर हालात में रह रहे हैं। उनकी बस्तियों में गंदगी का अंबार है। घरों में पानी घुसा है। पीने का पानी नहीं है। उन्होंने सफाईकर्मियों की भर्ती में मायावती और मुलायम सिंह की पूर्व सरकार पर निशाना साधा। बोले, मायावती के समय में सफाईकर्मियों को उनका अधिकार नहीं मिला तो मुलायम सिंह के समय में बाल्मीकि के अलावा अन्य वर्गों से भी सफाईकर्मी भर्ती कर लिए गए। नतीजतन अन्य वर्ग और बैकलाग भर्ती वाले सफाईकर्मी काम नहीं करते। जो ईमानदारी से काम करते हैं, उनके लिए अफसर हिटलर बन जाता है। मीडिया को अपना निरीक्षण बढ़ा-चढ़ाकर बताने के लिए सफाईकर्मियों को निलंबित कर देते हैं। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। श्यौराज जीवन ने कहा हमारे हाथ में भी कलम आ गई है। आप कुछ करेंगे तो हम भी करेंगे। उन्होंने बताया सफाईकर्मी ज्योति भारती की पिटाई के मामले में जानकारी के लिए एडीपीआरओ को बुलाया था लेकिन वह भाग गए। बैठक में भी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, डीपीआरओ, डिप्टी एसपी, जिला समाज कल्याण अधिकारी को बुलवाया था पर वह नहीं आए। इन अफसरों को प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर बख्शा नहीं जाएगा। सफाई कर्मचारी यूनियनों का कोई नेता श्यौराज जीवन से मिलने नहीं आया। उन्होंने इस पर दुख जताते हुए कहा ऐसे नेताओं की वजह से ही सफाई कर्मचारी पीड़ित और उपेक्षित हैं। इन नेताओं ने ही एटूजेड को पैदा किया है। इनकी निष्क्रियता के चलते एटूजेड जैसी कंपनियां सफाई के क्षेत्र में आ गईं।
मैला ढोने वालों जीवन सम्मानजनक होगा
श्यौराज जीवन ने सफाईकर्मियों से जीवन स्तर सुधारने का आह्वान करते हुए कहा आधी रोटी खाओ, बच्चों को पढ़ाओ। शिक्षा से ही परिवार का स्तर सुधरेगा। उन्होंने बताया 17/18 जून को नई दिल्ली में आयोग ने एक सेमिनार कराया था जिसमें मैला ढोने की परंपरा पर चर्चा हुई। सारे प्रदेश की सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट को लिखकर दिया है कि उनके प्रदेश में सफाईकर्मी मैला नहीं उठा रहे हैं। सेमिनार में मैला ढोने वालों को सम्मानजनक जीवन के लिए पांच लाख रुपए देने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसमें दो लाख रुपए अनुदान बाकी तीन लाख रुपए न्यूनमत ब्याज पर दिया जाएगा। इसके अलावा उनके लिए नि:शुल्क शिक्षा, भोजन व रहने की व्यवस्था की जाएगी।

बस्तियों में शुरू हुआ काम
आयोग के सदस्य के आते ही सफाईकर्मियों की बस्तियों में काम शुरू हो गया। नगर आयुक्त एनकेएस चौहान ने बताया मोतीमोहाल की बस्ती में सीवर के पाइप पतले हैं। फिलहाल अस्थाई निस्तारण के रूप में सफाई कराई जा रही है। आगे नई लाइन डाली जाएगी। बस्ती की हालत जर्जर है। इसकी भी मरम्मत होगी। यहां लगा सबमर्सिबल तीन साल से खराब है जिसकी मरम्मत का काम तत्काल शुरू कर दिया गया है। यहां तैनात जलकल के सफाई नायक को लापरवाही में निलंबित कर दिया गया है। बिरहाना रोड और फूलबाग में केईएम हॉल के पीछे सफाईकर्मियों के लिए कम्युनिटी हॉल बनाया जाएगा। नगर आयुक्त के काम से प्रभावित श्यौराज जीवन ने कहा अच्छे अफसरों को सम्मानित किया जाएगा।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

एडीजी आनंद कुमार बोले- 12 विधायकों को धमकी के मामले का जल्द कर लेंगे खुलासा

भाजपा विधायकों को धमकी मिलने और रंगदारी मांगने के मामले बढ़ते देख अब एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने अपना बयान दिया है। इससे यह स्पष्ट है कि भय का माहौल बनाने के लिए ऐसा किया गया है।

23 मई 2018

Related Videos

VIDEO: पुलिस कस्टडी में एक-दूजे के हुए प्रेमी, रचाई अनोखी शादी

कन्नौज में बड़ा ही अनोखा नजारा देखने को मिला जहां एक प्रेमी जोड़े ने पुलिस की पनाह में शादी रचाई ली। दरअसल लड़की के परिवार के कुछ सदस्य इनकी शादी के खिलाफ थे। जिसके डर की वजह से इस जोड़े ने पुलिस से मदद मांगी थी।

23 मई 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen