कालेजों में बिछी चुनावी चौसर

Kanpur Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
कानपुर। जीतेगा भाई जीतेगा अपना भाई जीतेगा..., कौन बनेगा प्रेसिडेंट...जैसे नारों की गूंज डिग्री कालेजों में सुनाई देने लगी है। डीएवी, पीपीएन, बीएनडी, हरसहाय, वीएसएसडी, डीबीएस, हलीम मुस्लिम और शहर के महिला कालेजों में चुनाव प्रचार चरम पर है। एक बात जो चुनाव प्रचार में खटक रही है वह है कालेज में बाहरी लड़कों की धमाचौकड़ी। उधर मुद्दों के अभाव में आम स्टूडेंट्स चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले रहा है। ऐसे में छात्रनेता भीड़ जुटाने के लिए बाहरी लड़कों का सहारा ले रहे हैं। एहतियातन डीबीएस कालेज समेत अन्य कालेजों में पुलिस और पीएसी की बटालियन तैनात की जा रही है। डीबीएस कालेज के प्राचार्य डा. अशोक श्रीवास्तव और वीएसएसडी के प्राचार्य डा. दिलीप सरदेसाई का कहना है कि लिंगदोह कमेटी के अनुसार कालेज में बैनर, पोस्टर लगाने की मनाई है। जल्द प्रशासन के साथ होने वाली बैठक में चुनाव संबंधी कार्यक्रम तय किए जाएंगे।

पहले छात्र संघ चुनाव में कई मुद्दे उठाए जाते थे। गुट चुनाव जरूर लड़ते थे, लेकिन उनमें वर्चस्व की जंग नहीं होती थी। पर आज स्टूडेंट लीडर के पास न मुद्दे हैं और न ही चुनाव की तैयारी।
श्रीकांत उपाध्याय, पूर्व रनरअप महामंत्री वीएसएसडी कालेज 2005

छात्रनेता की सोच आज इतनी सीमित हो गई है कि स्टूडेंट को चुनाव का सही मतलब भी नहीं समझा पा रहे हैं। किसी के पास कोई मुद्दा नहीं है और गुरुजनों का सहयोग भी नहीं है। छात्र राजनीति भटक गई है।
अनुभव मौर्या, महामंत्री, वीएसएसडी कालेज 2008

चुनावी हथकंड़े

‘दीदी रखना ध्यान’
चुनाव प्रचार में लगे समर्थक, प्रत्याशी गर्ल्स स्टूडेंट के पैर छूकर और उन्हें दीदी बनाकर उनसे वोट मांग रहे हैं। उधर लड़कों से गले मिलकर अपना वोट बैंक पक्का कर रहे हैं। इनके अलावा आईकार्ड, लाइब्रेरी कार्ड बनवाने से लेकर नोट्स शेयर करना और कोल्ड ड्रिंक्स पार्टी भी चुनावी हथकंडे में शामिल है।

छात्र संघ चुनाव आचार संहिता के मुख्य बिंदु-
.विश्वविद्यालय या महाविद्यालय का संस्थागत छात्र ही चुनाव लड़ सकेगा।
.नामांकन के बाद 10 दिन के अंदर चुनाव, मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
.चुनाव लड़ने वाले स्नातक छात्र की उम्र न्यूनतम 17 साल, अधिकतम 22 साल, परास्नातक छात्र की अधिकतम उम्र 24-25 साल, शोध छात्र की उम्र 28 साल होनी चाहिए।
.प्रत्याशी का पिछला आपराधिक रिकार्ड न हो, आपराधिक मुकदमा, किसी विवि या महाविद्यालय की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई न की गई हो।
.चुनाव के लिए अधिकतम 5 हजार रुपये खर्च करने की छूट होगी।
.यदि कोई प्रत्याशी आचार संहिता का उल्लंघन करेगा तो उसकी प्रत्याशिता व चुनाव निरस्त कर दिया जाएगा।
.कोई भी प्रत्याशी जाति, समुदाय और धार्मिक तनाव पैदा नहीं करेगा।
.प्रत्याशी मुद्रित पोस्टर, मुद्रित पम्फलेट सहित अन्य मुद्रित सामग्री का इस्तेमाल चुनाव प्रचार में नहीं करेगा, हाथ से लिखे और बने हुए पोस्टर का ही प्रयोग किया जा सकेगा।

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