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एसएएफ में कारबाइन, एलएमजी का प्रोडक्शन बंद

Kanpur Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। स्माल आर्म्स फैक्ट्री (एसएएफ) में 9 एमएम कारबाइन और लाइट मशीन गन (5.56 बोर एलएमजी) का प्रोडक्शन ठप कर दिया गया है। प्रबंधन का दावा है कि सेंट्रल और स्टेट पुलिस से बकाया न मिलने पर ऐसा किया गया है। इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के महासचिव केके तिवारी का आरोप है कि आल इंडिया स्माल आर्म्स फैक्ट्री बोर्ड कोलकाता की मंशा ठीक नहीं है। वह प्रोडक्शन को पूरी तरह से बंद करना चाहते हैं, ताकि रायबरेली के कोरबा स्थित नई गन फैक्ट्री चलाई जा सके। ऐसा हुआ तो एसएएफ के अतिरिक्त स्टाफ को कोरबा या देश की दूसरी फैक्ट्रियों (इच्छापुर, त्रिचुनापल्ली) में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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एसएएफ कानपुर में 9 एमएम कारबाइन का प्रोडक्शन 1975 से चल रहा है। इस बार (2012-13) में भी 8,000 कारबाइन के प्रोडक्शन और सप्लाई का लक्ष्य रखा गया था। अप्रैल से कारबाइन बनाने, असेंबल करने का काम भी शुरू हुआ जो 8 अगस्त के आस-पास तक चलता रहा। एक सप्ताह पहले अचानक आल इंडिया स्माल आर्म्स फैक्ट्री बोर्ड कोलकाता ने कारबाइन का प्रोडक्शन बंद करने का आदेश जारी कर दिया। इससे पहले जुलाई के अंतिम सप्ताह मेें एलएमजी का प्रोडक्शन भी बंद करने का आर्डर आया था। इसके बाद से अधिकारियों-कर्मचारियों में यह चर्चा है कि कोरबा की फैक्ट्री को काम देने के लिए ऐसा किया जा रहा है। हालांकि प्रबंधन इस बात से इंकार कर रहा है।

सूत्रों का कहना है कि एसएएफ कानपुर की 9 एमएम कारबाइन काफी सफल असलहा रहा है। इससे 100 मीटर की दूरी का लक्ष्य आसानी से भेदा जा सकता है। 90 के दशक में तो प्रतिमाह 2000 कारबाइन तक बनाकर पुलिस, बीएसएफ, पैरा मिलेट्री फोर्स, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स को दी जाती थीं। अभी भी कारबाइन का प्रोडक्शन ठीक ठाक था लेकिन अचानक इनका प्रोडक्शन रोकने से कारबाइन के भविष्य पर विराम लग गया है। इसी तरह एलएमजी का प्रोडक्शन भी पिछले 10 सालों से चल रहा था। इस बार (2012-13) में 12,000 पीस एलएमजी बनाने का लक्ष्य था। एलएमजी से 1000 मीटर की दूरी का लक्ष्य भेदा जा सकता है।

(बयान)
4000 कारबाइन स्टाक में हैं। सेंट्रल, स्टेट पुलिस से कारबाइन सप्लाई का पैसा नहीं मिला, इसलिए प्रोडक्शन बंद कर दिया गया है। यह बंदी अस्थायी है। पैसा मिलने के बाद प्रोडक्शन शुरू कराया जा सकता है। इसी तरह एलएमजी और रायफल एक ही लाइन की बंदूक हैं। चूंकि एलएमजी स्टाक में है, इसलिए रायफल का प्रोडक्शन किया जा रहा है। एलएमजी का प्रोडक्शन भी शुरू कराया जाएगा।
प्रिय रंजन, महाप्रबंधक एसएएफ कानपुर

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