दोस्त को मार कर कार लूटी

Kanpur Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। सात दिन पहले नौबस्ता से मारुति कार समेत लापता हुए युवक का शव रायबरेली के बछरांवा थाना क्षेत्र में मिला। शव अर्धनग्न अवस्था में था, दोनों हाथ उसी की बनियान से बंधे थे और मुंह में भी उसका ही रूमाल ठूंसा गया था। चेहरा तेजाब से जला हुआ लग रहा था। परिजनों ने युवक के कपड़ों से उसकी शिनाख्त की। परिजनों का आरोप है कि कार लूटने के इरादे से दोस्तों ने ही हत्या की है। बछरांवा पुलिस ने कार बरामद कर ली है, जिसे नौबस्ता पुलिस के सुर्पुद कर दिया गया है। बछरांवा पुलिस का कहना है कि युवक को जहरीला पदार्थ देकर मारा गया है। वहीं नौबस्ता पुलिस अभी भी हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
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यशोदानगर के ब्लाक निवासी दिलीप केसरवानी (28) की हाईवे पर पान की दुकान थी और वह कभी कदार कार की बुकिंग का भी काम करता था। परिजनों ने बताया कि 9 अगस्त को केंद्राचंल कालोनी निवासी सुशील एक अन्य लड़के के साथ दिलीप को उसकी कार समेत फतेहपुर ले गया था। वहां से लौटने के बाद सुशील ने दिलीप को अपने साथी के साथ जहानाबाद किसी काम से भेज दिया था। तब से दिलीप लापता था। तीन दिन बाद नौबस्ता पुलिस ने दिलीप की गुमशुदगी दर्ज की थी। पत्नी नीता के मुताबिक 13 अगस्त की शाम उन्हें पता लगा कि बछरांवा के खेत में अज्ञात युवक का शव मिला है। नौबस्ता पुलिस के पास गए तो पुलिस ने कह दिया कि शव दिलीप का नहीं है। इसके बावजूद वे लोग 14 अगस्त की शाम को बछरांवा पहुंच गए तो वहां की पुलिस ने बताया कि शव सड़ गया था, इसलिए अंतिम संस्कार करा दिया गया। शव से मिले कपड़ों से परिजनों ने दिलीप की शिनाख्त की। इसके बाद नौबस्ता पुलिस को घटना की जानकारी दी। बछरांवा पुलिस का कहना है कि कार लूटने के इरादे से ही दीपक को जहर देकर मारा गया। वहीं नौबस्ता पुलिस का कहना है कि सुशील को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसने अपने साथी का नाम अरुण बताया है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस को गच्चा देकर निकल गए कातिल
बछरावां लखनऊ रोड पर दीपक की कार बिजली के पोल से टकरा गई। उस वक्त मौके पर पहुंचे सिपाहियों को कार के साथ दो लड़के मिले थे, जिन्होंने सिपाहियों को अपना ड्राइविंग लाइसेंस दिखाया और वहां से खिसक लिए। पुलिस कार लेकर बछरांवा थाने चली आई। परिजनों के पहुंचने पर पता लगा कि कार दीपक की ही थी।


परिजन बेहाल
दिलीप के परिजनों को उसका अंतिम दर्शन करने का मौका भी नहीं मिला। गुरुवार शाम पता लगा कि नौबस्ता पुलिस कार लेकर आ रही है, तो बूढ़े पिता बुद्ध देव चीख पड़े कि पुलिस बेटे को तो ला नहीं सकी, अब बुढ़ापे में उसकी कार लेकर क्या करूंगा। बहू कितनी बार थाने गई, लेकिन पुलिस ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। पत्नी नीता और बच्चे अभय और वैभव भी बिलखते रहे।
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