सब कुछ भूल, रैली पर बरसाए फूल

Kanpur Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
कानपुर। एक ऐसा नजारा था जिसने देखा, उसके मुंह से बरबस निकल पड़ा, ‘मां तुझे प्रणाम’। ‘मां तुझे प्रणाम’ ‘अमर उजाला’ के अभिनव अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बुधवार को निकली रैली ने पूरे शहर को देशभक्ति के अहसास से सराबोर कर दिया। कोई छतों-छज्जों से रैली पर फूल बरसा रहा था, कोई तिरंगे लहरा रहा तो कोई आतिशबाजी कर रहा था, कोई भारत मां को नमन कर रहा तो कोई लड्डू बांट रहा था। बच्चे हों या बुजुर्ग, महिलाएं हों या लड़कियां, कारोबारी हों या कर्मचारी, मजदूर हों या आम नागरिक, हर किसी में रैली को निहारने और स्वागत करने की होड़ मची थी। कुछ इन यादगार लमहों को कैमरों में कैद करने में जुटे हुए थे।
दिन में ठीक 11 बजे बाल विकास मंत्री अरुणा कोरी ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। जैसे ही रैली बढ़ी, वंदे मातरम और देशभक्ति के नारों से आसमान गूंज गया। रैली स्वरूप नगर होती हुई जब आर्य नगर चौराहे पहुंची, उस वक्त रैली का पिछला छोर मोतीझील गेट पर ही था। सबसे आगे भारतमाता की चौकी, पीछे कतारबद्ध तीनों सेनाओं की चौकियां और देशभक्ति के प्रसंगों पर आधारित एक के बाद एक कई झांकियां थीं। हवा में लहराते तिरंगे लिए युवा बाइकर्स रैली स्कॉर्ट कर रहे थे। जो जहां था, वहीं थम गया, सड़कों के किनारे, छतों पर लोगों का उत्साह देखते बनता था। शहर के विभिन्न संगठनों ने पूरे मनोयोग से स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित शहर के इस सबसे बड़े कार्यक्रम को यादगार बना दिया। शहर की सड़कों पर गुलाब की पंखुड़िया इस कदर पड़ी थीं, जैसे किसी ने फूलों का गलीचा बिछा दिया हो। हवा में उड़ते फूल, फूलों की बरसात का अहसास करा रहे थे। कोई कह रहा था, ये तो दिल्ली में 26 जनवरी को निकलने वाली रैली जैसी है, टीवी पर देखा था। दूसरा बोला, नहीं उतनी बड़ी नहीं है। पहले वाला कुछ झुंझलाते हुए बोला, मेरा मतलब समझो, सेना वाली झांकी भी तो ऐसी ही होती है ना। एक बुजुर्ग कुछ बच्चों को रैली का मकसद समझाने की कोशिश कर रहे थे। चुन्नीगंज से बड़े चौराहे तक कहीं मजदूरों, कहीं कारोबारियों, कहीं कर्मचारियों तो कहीं अभिभावकों ने स्वागत किया। कदम-कदम पर स्वागत के चलते बिरहाना रोड से लेकर थोक बाजार और घंटाघर चौराहा तक रैली मानो रेंग रही थी। नयागंज के पास उस जगह जहां 14 अगस्त 1947 की रात चांदी की सिल्लियों का गेट बनाकर स्वतंत्रता का जश्न मनाया गया था, वहां रैली कुछ देर के लिए थम गई। यहां किराना, सराफा, कपड़ा, शक्कर, मेवा, जड़ी-बूटी और अनाज का थोक कारोबार होता है। कोई भारत माता के चित्र पर फूल चढ़ा रहा तो कोई दूर से नमन कर रहा था। सराफा कारोबारी राम किशोर मिश्र के मुंह से निकल पड़ा-शायद ऐसा ही जोश 14 अगस्त 1947 की रात यहां रहा होगा।
दोपहर 1.10 बजे रैली साउथ सिटी की ओर बढ़ी। तपती धूप में लोग इंतजार कर रहे थे। चौतरफा ‘मां तुझे प्रणाम’ गूंज रहा था। किदवई नगर चौराहे पर तिरंगे लहरा रहे युवाओं का जोश देखते ही बनता था। वहां से चंद कदम की दूरी पर भारत माता का रूप धारण करे बालिका विराजमान थी जिसका लोग नमन कर रहे थे। चावला मार्केट चौराहे तक छज्जों और रास्तों पर भीड़ ही भीड़। बारादेवी चौराहे पर बुजुर्ग विश्वनाथ शुक्ल बोल पड़े-वाह, यह रैली तो इस पीढ़ी को प्रेरणा देने वाली है। गोविंद नगर नंदलाल चौराहे से पहले एक बच्ची रोशनी अपने पिता श्याम कुमार से जिद कर बैठी कि वह झांकी को छूकर देखेगी। अच्छा लग रहा था, तमाम युवा इस रैली की झांकियों को मोबाइल फोन के कैमरे में कैद करने में जुटे थे। ये वही युवा थे, जिन पर कई बार बुजुर्ग तोहमत लादते हैं कि पश्चिमी रंग में रंगकर वे अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ब्राइटलैंड स्कूल का प्रिंसिपल गिरफ्तार, पक्ष में माहौल बनाने के लिए अपनाया ये तरीका

राजधानी के ब्राइटलैंड स्कूल में छात्र पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।

18 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: यूपी पुलिस के इस सिपाही ने किया खाकी को शर्मसार

फतेहपुर में एक बार फिर पुलिस का खौफनाक चेहरा सामने आया है। यूपी पुलिस के सिपाही ने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। पुलिसवाले ने युवक की पिटाई इसलिए कर दी क्योंकि युवक की बाइक से सिपाही को टक्कर लग गई।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper