नामांतरण के लिए 15 साल से लगा रहे चक्कर

Kanpur Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
कानपुर। एयरफोर्स से रिटायर जूही केशवनगर के डब्ल्यू ब्लाक निवासी 63 वर्षीय राजेंद्र नागर मकान का नक्शा पास कराने और नामांतरण के लिए पंद्रह साल से केडीए के चक्कर लगा रहे हैं। तीसरी मंजिल तक जाने के लिए सीढि़यां चढ़ते-चढ़ते उनकी सांस फूल जाती है, लेकिन गलत ढंग से काम न कराने का जज्बा नहीं टूटता। कहते हैं, बाबूओं की जेब तो नहीं गरम करूंगा। अब तो अमर उजाला के जनहित गारंटी अधिनियम जागरूकता अभियान ने नई राह भी दिखा दी है। श्री नागर ने अमर उजाला को फोन कर पूरी कहानी बताई। सोमवार को अमर उजाला संवाददाता श्री नागर के साथ केडीए पहुंचा और अपनी आंखों से देखा कि कैसे छोटे से काम के लिए उन्हें 15 साल से टरकाया जा रहा है।
विज्ञापन

अरे चच्चा, कब तक घूमत रहियो?
सोमवार दोपहर 12.35 बजे
झोले में कागजों का पुलिंदा लेकर राजेंद्र नागर जैसे ही केडीए के मुख्य भवन में दाखिल हुए, किनारे कुर्सी डालकर बैठा होमगार्ड उन्हें देखकर मुस्कुरा उठा। बोला, चच्चा का हुआ? काम भया कि नाहीं? श्री नागर ठिठके तो होमगार्ड उठकर उनके पास आ गया। बोला, चच्चा कब तक घूमत रहियो? कुछ लई-दई के मामला निपटाए लेओ।

बाबू साहब कब आएंगे, पता नहीं
दोपहर 12.50 बजे
हांफते हुए किसी तरह सीढि़यां चढ़कर श्री नायर तीसरी मंजिल पर बने जोन तीन के विक्रय विभाग पहुंचे। यहां बैठने वाले विक्रय बाबू कश्यप द्विवेदी के पास उनकी फाइल फंसी हुई है। कश्यप बाबू नहीं दिखे तो बगल की कुर्सी में बैठी महिला कर्मचारी से पूछा तो उसने किसी काम से उपसचिव के पास जाने की बात कही। श्री नागर ने पूछा कब तक आएंगे। महिला बिना उनकी तरफ देखे कहा, पता नहीं।

ईद के बाद आना तब देखते हैं...
दोपहर 1.15 बजे
श्री नायर गैलरी में बैठे इंतजार कर रहे थे कि कश्यप बाबू सामने से आते हुए दिख गए। श्री नागर ने कहा नमस्कार तो बोले...बगैर फोन किए आए हो आप। नागर जी बोले...साहब फोन करके आते हैं तो मिलते नहीं हो। कश्यप बाबू बोले...अभी रुको, आते हैं? यह कहकर वह फिर कहीं चले गए। कुछ देर बाद लौटे तो बोले...आपकी अप्लीकेशन फारवर्ड कर दी है। काम हो जाएगा। लेकिन आपके भाई का काम पैसा दिए बगैर नहीं होगा। इस पर नायर जी ने कहा कि हम पैसा क्यों दें? हमारी क्या गलती है? तो कश्यप बाबू ने कहा... फिर दस दिन इंतजार करो। ईद के बाद आना, फिर देखते हैं।

साहब निकलने वाले हैं, चार बजे आना
दोपहर 2.10 बजे
शायद साहब कुछ कर दें... यह सोचकर नागर जी जोन तीन प्रभारी व पहली मंजिल पर बैठने वाले उपसचिव राकेश कुमार यादव के दफ्तर चले गए। लेकिन चपरासी ने रोक दिया। बोला-साहब निकलने वाले हैं। लंच पर जाना है। चार बजे आना तभी मुलाकात हो पाएगी। परेशान नायर जी ने काफी मिन्नतें की, लेकिन चपरासी का दिल नहीं पसीजा।

वीसी साहब तो हैं नहीं, कागज दे दो
दोपहर 2.25 बजे
साहब नहीं मिले तो श्री नागर वीसी के कमरे की तरफ बढ़ गए। उनके सचिव श्री शुक्ला से मिले तो उन्होंने कहा साहब तो हैं नहीं। बताइए क्या मामला है। श्री नागर बोले...नामांतरण के लिए कई साल से चक्कर काट रहा हूं। श्री नागर की आपबीती सुनकर आश्चर्यचकित श्री शुक्ला ने कहा, आप कागज दे दो। वीसी साहब तक पहुंचा दूंगा। श्री नागर के मुंह से बेसाख्ता निकल पड़ा, कितने कागज दूं? इतना कहकर वह दोबारा आने की बात कहकर बाहर चले गए।

ये है मामला
पुलिस में दारोगा रहे एसके नागर ने वर्ष 1967 में यह प्लाट खरीदा था। वर्ष 1986 में रजिस्ट्री कराई और दो कमरे बनवाकर रहने लगे। 1992 में नक्शा पास कराने केडीए पहुंचे। रिश्वत के लिए बाबुओं ने उनके काम में तमाम अड़ंगे लगाए। नक्शा पास कराने की आस लिए ही तीन फरवरी 1997 को वह स्वर्ग सिधार गए। इसके बाद उनके बेटे राजेंद्र नागर व सतीश नागर ने मोर्चा संभाला। अब इनके पास केडीए के दो काम हो गए। एक नक्शा पास कराने का और दूसरा संपत्ति के नामांतरण का। श्री नागर ने जोन तीन (बी) में सभी आवश्यक कागजात जमा किए पर काम नहीं हुआ।

कोट--
पंद्रह साल से काम नहीं हुआ तो कोई न कोई गड़बड़ी जरूर होगी। या तो नागर जी में कोई कमी होगी या बाबू खेल कर रहे होंगे। नागर जी पुराने अफसरों से मिले होंगे। मेरे पास नहीं आए। मुझसे मिलेंगे तो मामला देखूंगा। नियमानुसार जो काम होगा, कराया जाएगा।
राकेश कुमार शुक्ला, सचिव, केडीए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us