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आचार संहिता तार-तार, कॉलेज प्रशासन लाचार

Kanpur Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। छात्रसंघ चुनाव आचार संहिता का पालन किसी भी डिग्री कॉलेज में नहीं हो रहा है। संभावित उम्मीदवार धड़ल्ले से स्टीकर सहित अन्य चुनाव सामग्री जगह-जगह बांट रहे हैं। चौराहा, गली-कूचों में संभावित उम्मीदवारों के बड़े-बड़े पोस्टर, बैनर भी तन गए हैं। आचार संहिता तार-तार हो रही है और कालेज व पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
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डीएवी पीजी कॉलेज में आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई गई हैं। यहां की दीवारों पर चुनाव संबंधित स्लोगन लिखे हुए हैं। परिसर के बाहर बड़े-बड़े झंडा, पोस्टर, बैनर तने हुए हैं। कॉलेज के कैंटीन में चुनाव लड़ने और लड़ाने वालों का दिनभर जमावड़ा रहता है, जहां पैसा खर्च करने का खुला खेल भी चल रहा है। यही हाल डीबीएस कॉलेज का है। फजलगंज से गोविंदपुर की तरफ जाते ही छात्रनेताओं के प्रचार-प्रसार के बड़े बोर्ड मिल गए। कुछ बोर्ड पर सभी स्टूडेंट को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना दी गई हैं। निवेदकों का नाम, फोटो लगाकर वोट बैंक साधने की कोशिश हुई है। कॉलेज परिसर और बाहर भी चुनाव का माहौल दिख रहा है। तमाम संभावित उम्मीदवारों के नाम के स्टीकर आसपास फैले मिले। बीएनडी कॉलेज में सबसे पहले चुनाव होने की संभावना है। इसे लेकर ही बीए, बीएससी और बीकॉम के संभावित उम्मीदवार चुनाव प्रचार में लग गए हैं। प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट को साधने की कोशिश में जुटे हैं। यहां भी मुद्रित स्टीकर की मदद से चुनाव प्रचार किया जा रहा है, जो कि प्रतिबंधित है। वीएसएडी कालेज में आचार संहिता के अनुपालन को लेकर सोमवार को ही हंगामा हुआ है। कुछ छात्रनेता सुबह 11 बजे महाविद्यालय परिसर में स्टीकर बांटने लगे। इसका प्राक्टोरियल बोर्ड ने विरोध किया तो संभावित उम्मीदवारों ने हंगामा कर दिया। पीपीएन, हलीम मुस्लिम पीजी कालेज, हरसहाय डिग्री कालेज, डीसी लॉ कालेज में भी आचार संहिता का अनुपालन नहीं हो रहा है। एसएन सेन गर्ल्स कालेज, एएनडी कालेज, जुहारी देवी गर्ल्स कालेज, ज्वाला देवी गर्ल्स पीजी कालेज, डीजी कालेज और महिला महाविद्यालय में भी चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। यहां की संभावित उम्मीदवरों ने भी जनसंपर्क अभियान छेड़ दिया है। ज्यादातर उम्मीदवारों ने मुद्रित स्टीकर, पोस्टर, बैनर का सहारा लिया है।


ये है आचार संहिता
वोटिंग से चुने जाएं छात्रसंघ पदाधिकारी।
विवि या डिग्री कालेज का स्टूडेंट ही चुनाव लड़ सकेगा।
नामांकन प्रक्रिया के 10 दिन के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं।
शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने के 6-8 हफ्ते के बीच में चुनाव कराएं
हर वर्ष चुनाव कराए जा सकते हैं।
चुनाव लड़ने वाले बीए, बीएससी, बीकॉम के स्टूडेंट की न्यूनतम उम्र 17 साल, अधिकतम 22 वर्ष।
एमए, एमएससी और एमकॉम के 24-25 साल के स्टूडेंट चुनाव लड़ सकेंगे।
रिसर्च स्कालर के चुनाव लड़ने की आयु 28 वर्ष तय है।
प्रत्याशी के लिए कक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति जरूरी।
प्रत्याशी का आपराधिक रिकार्ड न हो, अनुशासनात्मक कार्रवाई न हुई हो।
रेग्यूलर स्टूडेंट ही चुनाव लड़ सकेंगे, पूर्णकालिक कोर्स में दाखिला जरूरी।
चुनाव के प्रचार-प्रसार पर 5,000 रुपये खर्च किए जा सकेंगे, उल्लंघन पर चुनाव निरस्त होगा।
मुद्रित पोस्टर, बैनर लगाने, पम्फलेट बांटने पर प्रतिबंध, हस्त निर्मित पोस्टर का प्रयोग किया जा सकेगा।
चुनाव प्रचार में वाहन, लाउडस्पीकर, जानवर का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित।
प्रत्याशी को चुनाव के लिए तैनात अधिकारियों का सहयोग करना होगा।

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