व्यापारियों के 459 फॉर्म-38 गायब

Kanpur Updated Fri, 10 Aug 2012 12:00 PM IST
कानपुर। वाणिज्य कर विभाग से कारोबारियों को जारी किए गए 151 से ज्यादा फर्मों के 459 आयात घोषणा पत्र (फॉर्म-38) गायब हो गए हैं। शहर की चार फर्मों के भी पांच फॉर्म गायब हैं। सूत्रों के अनुसार टैक्स चोरी की तिकड़म के लिए इन फॉर्मों को गायब कराया गया है। हालांकि विभाग के अधिकारी इसे सामान्य बात कहकर टाल रहे हैं लेकिन अंदरखाने हड़कंप मचा है। मामले की जांच शुरू करा दी गई है। प्रदेश भर के वाणिज्य कर अधिकारियों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
दूसरे प्रदेशों से माल लाने के लिए व्यापारियों को फॉर्म-38 की आवश्यकता होती है। इन फॉर्मों पर लाए जाने वाले माल का पूरा ब्यौरा, तारीख, फर्म आदि का जिक्र होता है। रास्ते में पड़ने वाले शहरों में वाणिज्य कर विभाग की टीमें इनकी जांच भी करती हैं। जांच के दौरान फॉर्म न मिलने पर कारोबारियों से टैक्स लेने के अलावा पेनाल्टी भी लगाई जाती है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक हाल ही में लखनऊ मुख्यालय को सूचना दी गई कि प्रदेश की तमाम फर्मों के फॉर्म-38 गायब हैं। इस संबंध में जब सभी जिलों से रिपोर्ट मंगाई गई तो चौंकाने वाली जानकारी हुई। कानपुर के अलावा बनारस, बरेली, मेरठ, अलीगढ़, इलाहाबाद, अलीगढ़, झांसी, मुरादाबाद, गोरखपुर, हापुड़, कासगंज आदि शहरों की 151 से अधिक फर्मों के 459 फॉर्म के गायब होने का पता चला। सूत्रों के मुताबिक सभी फॉर्म के नंबरों और फर्म के नाम पूरे प्रदेश के वाणिज्य कर अधिकारियों को भेजे गए हैं। उनसे कहा गया है किइन नंबरों के फॉर्म की क्रॉस चेकिंग की जाए। यदि कोई गड़बड़ मिले तो तत्काल कार्रवाई करके मुख्यालय को सूचित किया जाए। इसके अलावा इस सूची का प्रकाशन विभाग के गजट में भी करवाने को निर्देशित किया गया है। सूत्रों की मानें तो चुनाव के दौरान अधिकारियों की व्यस्तता के दौरान इनमें से ज्यादातर फॉर्मों के जरिए भारी टैक्स चोरी की गई है।



(कानपुर की फर्में जिनके फॉर्म गायब)

राजश्री सोप प्रोडक्ट्स, कोपे इस्टेट दादानगर - एक फॉर्म
सिमी केम लेबोरेट्रीज, कोपे इस्टेट दादानगर - दो फॉर्म
एलआर कोल्ड्स प्रा. लि. पनकी साइट पांच - एक फॉर्म
जै भगवती इंटरप्राइजेज, उद्योग कुंज - एक फॉर्म

सभी कार्यालयों में अधिकारियों को अलर्ट किया गया है कि वे जांच-पड़ताल करें कि कहीं इन फॉर्मों का इस्तेमाल गलत तरीके से न हो सके। यदि कहीं इन फॉर्मों का दुरुपयोग पाया जाए तो सख्त कार्रवाई करके मुख्यालय को सूचित करने को कहा गया है।
एमपी अग्रवाल, एडिशनल कमिश्नर (विधि) वाणिज्य कर विभाग


ऐसे होते हैं खेल

टैक्स चोरी के लिए फॉर्म-38 का जमकर इस्तेमाल होता है। कुछ व्यापारी फॉर्म-38 में पूरा ब्यौरा भरकर माल दूसरे प्रदेशों में लाते हैं, यदि रास्ते में इसकी जांच हो गई तो उस फॉर्म का काम खत्म। वहीं फॉर्म चेक न होने की दशा में उसे गायब या चोरी होना दिखाकर कर चोरी कर लेते हैं। कुछ व्यापारी एक खास तरह की स्याही से भी फॉर्म भरकर टैक्स चोरी करते हैं। इस स्याही की खासियत होती है कि थोड़ी सी गर्माहट से स्याही उड़ जाती है और फॉर्म पर दिया गया ब्यौरा गायब हो जाता है। इस फॉर्म का फिर से इस्तेमाल कर लिया जाता है। फर्जीवाड़ा ज्यादातर लोहा, सुपाड़ी, कोयला आदि उत्पादों के परिवहन में ज्यादा इस्तेमाल होता है।

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