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अव्यवस्था की शिकार यूजीसी की परीक्षा

Kanpur Updated Mon, 25 Jun 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) 2012 अव्यवस्था की शिकार हो गई है। कापियों का सीरियल नंबर बिगड़ने के कारण छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में करीब एक घंटे बाद परीक्षा शुरू हो सकी। इसे लेकर अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। डीबीएस कालेज में भी 15 देर से कॉपी, पेपर बांटे जाने की शिकायत मिली है। दूसरी ओर नेट के पेपर में करीब पांच प्रश्न रिपीट होने की बात कही गई है। इसके साक्ष्य परीक्षा के आयोजकों को दिए गए हैं।
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नेट के करीब 7800 अभ्यर्थियों ने रविवार को परीक्षा दी है। सुबह (9:45-10:45 बजे) की परीक्षा समय से शुरू हुई, जबकि दूसरे पेपर की परीक्षा ने झेला दिया है। कानपुर विश्वविद्यालय परिसर में परीक्षा देने वाले अमित मिश्रा, अखिलेश सिंह, अमित पांडेय, गिरिजा प्रसाद मिश्रा, आकांक्षा तिवारी, राजेश सिंह ने बताया कि 10:45 बजे शुरू होने वाली परीक्षा करीब 11:50 बजे प्रारंभ हो सकी। अभ्यर्थी कापी, पेपर मिलने का इंतजार करते रहे। परीक्षा के विलंब होने का कारण भी पूछा, लेकिन आयोजकों ने सटीक जवाब नहीं दिया। इसी बीच सूचना मिली की कि डीबीएस, वीएसएसडी कालेज और कानपुर विद्या मंदिर में परीक्षाएं चल रही हैं। कापी, पेपर समय से बंट गया था। इसी से नाराज होकर अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। नारेबाजी करके विरोध दर्ज कराया। यही नहीं दोपहर 1:30 बजे की परीक्षा भी करीब 2:30 बजे शुरू हो सकी है। सबसे ज्यादा दिक्कत इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग सेक्शन में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को हुई है। यहां की परीक्षा ज्यादा देर से शुरू हुई है। इसे लेकर अभ्यर्थियोें ने मेज थपथपाकर विरोध दर्ज कराया। साथ ही हंगामा करके अव्यवस्था को कोसा है। परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को पानी का संकट भी झेलना पड़ा है। उनके साथ आए अभिभावक चिलचिलाती धूप, गर्मी से खूब परेशान हुए। विश्वविद्यालय परिसर में प्रदेश के कई जिलों के अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है। उन्होंने बताया कि एमबीए, शिक्षाशास्त्र के करीब पांच प्रश्न रिपीट हुए हैं। एक ही तरह के आब्जेक्टिव प्रश्न पूछे गए हैं।


पेपर टफ रहा
नेट का पेपर टफ रहा है। पहला और दूसरा पेपर 100-100 अंकों का है। एक-एक घंटे में आब्जेक्टिव प्रश्न हल करने थे, जिसे हल करने में अभ्यर्थियों के पसीने छूट गए। शिक्षाशास्त्र, एमबीए से पूछे गए सवाल ज्यादा टफ रहे हैं। तीसरा पेपर भी आब्जेक्टिव रहा, जो कि 150 अंकों का था। नेहा यादव, आकांक्षा तिवारी, दीपा द्विवेदी, राजेश सिंह और गिरधारी पाठक का कहना है कि इसबार के पेपर पैटर्न बदला था। यही वजह है कि सब्जेक्टिव प्रश्न की संख्या कम रही। आब्जेक्टिव प्रश्न पूछकर कर ही पात्रता परीक्षा कराई गई है। वहीं, नेट के आयोजकों का कहना है कि पेपर आसान था। 350 अंकों के पेपर में 200 या फिर उससे ज्यादा अंक पाने वाले अभ्यर्थियों का चयन हो सकता है।


कापियों का सिरीज बिगड़ने के कारण परीक्षा देर से शुरू हो सकी, लेकिन किसी अभ्यर्थी का नुकसान नहीं हुआ है। सभी को अतिरिक्त समय देकर परीक्षा कराई गई है। चार केन्द्रों पर हुई परीक्षा ठीक रही है। किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है। प्रश्न रिपीट होने की शिकायत कुछ परीक्षकों से हुई थी, लेकिन लिखित शिकायत नहीं मिली है।
प्रोफेसर अशर्फी लाल जाटव, समन्वयक यूजीसी नेट

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