विवि में घोटाले की जांच शुरू, अफसर, रजिस्टर तलब

Kanpur Updated Sun, 24 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में उपकरण खरीद में धांधली के मामले की जांच कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने शुरू कर दी है। शनिवार को उन्होंने दफ्तर में संबंधित अफसरों को तलब कर पूछताछ की। सामान खरीद, आपूर्ति, वितरण का स्टाक रजिस्टर भी तलब किया है। वहीं कल्याणपुर के विधायक सतीश निगम ने मामला मुख्यमंत्री के सामने ले जाने की जानकारी दी है। कमिश्नर ने भी ‘अमर उजाला’ की खबर को संज्ञान में लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब तलब करने की बात कही है।
‘अमर उजाला’ ने 23 जून के अंक में खुलासा किया था कि विश्वविद्यालय में वर्ष 2011 में करीब 61 लाख के सामान की खरीद में जमकर धांधली की गई। बिना जरूरत के कंप्यूटर, सर्वर, एलसीडी स्क्रीन टीवी आदि खरीदे गए जो डंप पड़े हैं। बाजार में करीब 46 हजार कीमत का एलसीडी स्क्रीन टीवी 1.75 लाख में खरीदा गया। इसी तरह अन्य सामान भी बाजार भाव से कई गुना अधिक कीमत में खरीदा गया। मामले का खुलासा होने के बाद कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने शनिवार को कई अफसरों को बुलाकर पूछताछ की। सही जानकारी न दे पाने पर नाराजगी भी जताई। वहीं कमिश्नर शालिनी प्रसाद ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन से इस बारे में रिपोर्ट मांगी जाएगी। यदि खरीद में गड़बड़ी हुई तो शासन से कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। दूसरी ओर कल्याणपुर के सपा विधायक सतीश निगम ने कहा कि वे 29 जून को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष यह मामला उठाएंगे। बिना टेंडर सरकारी एजेंसी से ज्यादा दाम पर खरीदारी करना गलत है। इसमें शामिल अफसर, कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।



मामले की फाइल मंगवाई गई है। स्टाक रजिस्टर भी देखा है। जांच शुरू हो गई है। पूरी छानबीन के बाद ही कार्रवाई होगी। यह खरीद सरकारी एजेंसी से हुई है, जिसके रेट हमेशा ज्यादा रहते हैं।
प्रोफेसर अशोक कुमार, कुलपति कानपुर विश्वविद्यालय




आडिट आब्जेक्शन से बचने के लिए किया खेल
कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में उपकरण खरीद में धांधली के मामले में पता चला है कि आडिट आब्जेक्शन से बचने के लिए खरीद का काम यूपीडेस्को को दिया गया, जिसने एक निजी कंपनी से अनुबंध करके मनमाने दाम पर उपकरण खरीदे और आपूर्ति करा दी। खरीद के लिए निर्धारित प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई।
सूत्रों ने बताया कि एचपी एमएल 350 जी6 सर्वर और एचपी एमएल 350जी6 सर्वर (डुवल प्रोसिजर) करीब 6.12 लाख रुपये में खरीदे गए। ये सर्वर 3.80 लाख रुपये में खरीदे जा सकते थे। यही हाल अन्य उपकरणों की खरीद में हुआ है। सूत्रों के मुताबिक बिना टेंडर, तकनीकी समिति के अनुमोदन और रिक्वायरमेंट के तहत उपकरण खरीदे गए हैं। यही वजह है कि खरीद का काम सरकारी एजेंसी को दिया गा ताकि आडिट आब्जेक्शन से बचा जा सके। सरकारी एजेंसी का हवाला देकर ही मामले का आडिट नहीं कराया गया। विश्वविद्यालय के अफसरों का तर्क है कि सरकारी एजेंसी के दाम हमेशा ज्यादा होते हैं। ऐसी एजेंसी से खरीद पर सवाल नहीं उठते हैं। हालांकि उनके पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि क्या सरकारी एजेंसी से करीब 4 गुना ज्यादा दाम पर उपकरण खरीदना उचित है? 46 हजार रुपये की एलसीडी 1.75 लाख रुपये में कैसे खरीद ली गई?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

कोर्ट के फैसले के बिना ही शुरू होगा अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण: राम विलास वेदांती

पूर्व सांसद व राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ रामविलास दास वेदांती ने कहा कि चुनाव से पहले सीएम योगी ने राम मंदिर के नाम पर घूम-घूमकर वोट मांगा था।

25 जून 2018

Related Videos

VIDEO: कार में बैठे-बैठे ऐसे जिंदा जल गया सेना का अफसर

इटावा में एक दर्दनाक हादसा हो गया। दरअसल यहां एक सेना के अफसर की कार में जलकर मौत हो गई जबकि उनके परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। आखिर ये हादसा कैसे हुआ। इस रिपोर्ट पर नजर डालें।

25 जून 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen