वीआईपी एरिया छोड़ पूरा शहर असुरक्षित

Kanpur Updated Sun, 24 Jun 2012 12:00 PM IST
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आशुतोष मिश्र
कानपुर। मानक और नियमों को दरकिनार कर बिछे बिजली के तारों के जाल, गलत तरीके से रखे ट्रांसफार्मर और उपकरण पब्लिक के लिए खतरा बने हैं। बरसात के दौरान हादसों का खतरा ज्यादा है। विद्युत सुरक्षा विभाग की हालिया रिपोर्ट में ये तथ्य उजागर हुए हैं। इसके मुताबिक वीआईपी इलाको को छोड़कर बाकी पूरा शहर असुरक्षित है। रिपोर्ट के मुताबिक वीआईपी रोड पर पड़ने वाला हिस्सा सेफ है। यहां पर केस्को ने 90 फीसदी काम मानक के अनुरूप कराए हैं। इसलिए तिलक नगर और सिविल लाइंस का क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित है। यह रिपोर्ट केस्को को उपलब्ध करा दी गई है पर फाइल डंप पड़ी है। क्रास चेकिंग में यह भी पता चला है कि केस्को ने जिन इलाकों में ट्रांसफार्मर और तार सही कराने का दावा किया है वो झूठ है। औद्योगिक और सघन इलाकों का हाल तो और खराब है।


ये हैं मानक
-रोड क्रासिंग तार है तो गार्डिंग (तारों के नीचे जाल) होनी चाहिए
-ट्रांसफार्मर पर टीपीओ स्विच (इससे करेंट बंद होता है) लगे होने चाहिए
-ट्रांसफार्मर बाडी में अर्थिंग होनी चाहिए
-ट्रांसफार्मर चबूतरे पर हों और चारों ओर जाली लगी हो
-एचटी और एलटी एक सपोर्ट पर है तो गार्डिंग अनिवार्य
-न्यूट्रल अर्थिंग, इससे करेंट का खतरा कम होता

ये है हकीकत
-वीआईपी रोड को छोड़कर कहीं भी गार्डिंग नहीं
-किसी ट्रांसफार्मर पर टीपीओ स्विच नहीं
-ट्रांसफार्मरों में अर्थिंग न होने से करेंट का खतरा
-करीब 30 फीसदी ट्रांसफार्मर जमीन पर असुरक्षित ढंग से रखे हैं
-सैक़ड़ों ट्रांसफार्मर जाली के घेरे मे नहीं
-लटकते और जर्जर तार ले सकते हैं जान

ये हैं खतरे
-आग लगने का खतरा
-करेंट की चपेट में आ सकते
-आर्थिक नुकसान हो सकता
-जर्जर तार गिरने से दुर्घटना

विद्युत सुरक्षा विभाग का काम
-निरीक्षण कर गड़बड़ी मिलने पर केस्को को बताना
-दुर्घटना की जांच कर पीड़ित को मुआवजा दिलाना
-दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई
-अस्थाई कनेक्शनों की जांच कर केस्को को रिपोर्ट देना
-घरों में वायरिंग के लिए इलेक्ट्रिशियनों को लाइसेंस देना

हादसे-दर-हादसे
विद्युत सुरक्षा विभाग कानपुर जोन में कानपुर और रमाबाई नगर जिले आते हैं। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 11 से मार्च 12 तक कुल 34 दुर्घटनाएं हुईं। इसमें 31 दुर्घटनाएं घातक रहीं। इनमें 10 लोगों की मौत हुई और एक व्यक्ति झुलस गया। इसके अलावा कई जानवर मरे। शहर में हूलागंज में अग्निकांड हुआ। इसमें लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

ज्यादा खतरनाक इलाके
बेकनगंज, चमनगंज, अनवरगंज, हालसी रोड, बिराहना रोड, मेस्टन रोड, मूलगंज, काहूकोठी, मनीराम बगिया, घुमनी मोहाल, गोविंद नगर बाजार, गुमटी बाजार, कर्नलगंज

ठेकेदार कर रहे गोलमाल
विद्युत सुरक्षा विभाग ने करीब 150 इलेक्ट्रिशियन को लाइसेंस दिए हैं। घरों और प्रतिष्ठानों में बिजली कनेक्शन लेते समय उपभोक्ताओं से कार्य पूरक प्रमाणपत्र भरवाया जाता है। इसके मुताबिक विभाग से लाइसेंसधारक इलेक्ट्रिशियन ले मौका-मुआयना कर वायरिंग करानी होती है पर ऐसा नहीं होता। लाइसेंसधारक अपनी मोहर दलालों को बांट देते हैं। वे लोग पैसा लेकर अपनी रिपोर्ट लगा देते हैं।


क्या कहते हैं जिम्मेदार
-विभाग समय-समय पर निरीक्षण कर केस्को और शासन को अपनी रिपोर्ट देता है। इसके बावजूद काम नहीं कराए जाते। कई बार तो पत्र आया कि काम हो गए। क्रास चेकिंग में यह बात गलत मिली।
शत्रुघ्न सिंह, सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा


केस्को मानक के अनुरूप काम करा रहा है। हो सकता है कि कुछ क्षेत्रों में ऐसा न हो। वह अभी कुछ ही दिन पहले आए हैं। इसलिए सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं है। जो कमियां हैं वह दूर कर ली जाएंगी।
-आरएस पांडेय, एमडी केस्को

दिक्कत पर केस्को से करें शिकायत
-9919102123
-9919457274

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