पुलिस-कैदी की यारी, कानून पर भारी

Kanpur Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। गुरुवार दोपहर 2.15 बजे, जानकारी मिली कि एक सिपाही करोड़ों रुपए के घपले के अभियुक्त इंद्रजीत यादव को डीआईजी दफ्तर के सामने स्थित एक होटल में ऐश करा रहा है। अमर उजाला की टीम होटल की पहली मंजिल पर पहुंची, कमरे का दरवाजा खोला, ...सामने की टेबिल पर एक सिपाही और एक नौजवान बतिया रहे थे। बगल में दूसरी टेबिल पर 4 लोग बैठे हैं। दूसरी तरफ आड़ में एक व्यक्ति महिला के साथ बैठा है। ..सिपाही की नेम प्लेट पर चंद्रप्रकाश तिवारी लिखा है। सिपाही से पूछा गया बंदी को यहां कैसे ले आए..?। सिपाही घबराते हुए उठा..सर...क्या एसओजी से हैं? गलती हो गई...। आसपास बैठे लोग खड़े हो गए। पूछा कि इंद्रजीत कौन है तो महिला के साथ बैठे व्यक्ति की ओर इशारा किया गया। सिपाही ने फिर पूछा..सर एसओजी से हैं क्या..संवाददाता ने परिचय दिया तो सिपाही उखड़ गया। यहां कोई बंदी नहीं है..मैं तो अपने रिश्तेदार के साथ बैठा हूं...। सभी लोग नीचे उतरे..इंद्रजीत यादव अकेले डीआईजी दफ्तर के गेट पर खड़ा हो गया..(जबकि वह अभियुक्त है और जेल से पेशी पर लाया गया था) सिपाही अकेले ही कोर्ट की तरफ बढ़ गया। आरआई को सूचना दी गई पर वह नहीं पहुंचे। डीआईजी को बताया गया तो उन्होंने सीओ को भेजने की बात कही पर वह भी नहीं आए। संवाददाता सेशन हवालात पहुंचा तो बताया गया कि इस नाम का कोई बंदी ही नहीं आया। सदर हवालात में पता किया तो टाल-मटोल हुई। थोड़ी देर बाद वही सिपाही इंद्रजीत यादव का हाथ पकड़कर सदर हवालात पहुंच गया। तब तक हवालात के सामने कई प्रेस फोटोग्राफर पहुंच गए। गाड़ी लगी तो इंद्रजीत की तरह सफेद शर्ट पहने 4-5 लोग अंगोछे से मुंह ढककर निकले। सभी ने गाड़ी की तरफ दौड़ लगाई और बैठ गए। सफेद शर्ट वाले सभी बंदियों को इस तरह बैठाने का आइडिया हवालात प्रभारी ब्रजेंद्र यादव का था ताकि इंद्रजीत की खुले चेहरे की फोटो न खिंच सके। इस बारे में ब्रजेंद्र यादव का कहना था कि बंदियों ने साथी की मदद के लिए ऐसा किया। उन्होंने नहीं कराया।
इनसेट

जवाब-तलब, पेशी होगी
आरआई अवधेश पांडेय का कहना है कि आरोपी सिपाही से जवाब तलब किया गया है। उसे शुक्रवार को आर्डली रूम में एसपी के सामने पेश किया जाएगा। इसके बाद सजा तय होगी। उन्होंने स्वीकारा कि कुछ सिपाहियों ने चंद्र प्रकाश को होटल की तरफ जाने और वहां से निकलने की पुष्टि की है।

डीआईजी ने जांच एएसपी को दी
डीआईजी अमिताभ यश का कहना है कि सूचना देर से मिली वरना सिपाही जेल में होता। मामले की जांच एएसपी अजय साहनी को दी गई है। उनकी रिपोर्ट मिलते ही सिपाही पर कार्रवाई होगी। सदर हवालात के प्रभारी की भी जांच कराई जाएगी।


कौन है इंद्रजीत यादव
नई दिल्ली रोहणी निवासी इंद्रजीत यादव पर करोड़ों रुपए के गबन के 10 मुकदमे चल रहे हैं। हरियाणा में 8, बरेली में 1 और शहर कोतवाली में 1 मुकदमा दर्ज है। वह बरेली जेल से शहर कोतवाली के मुकदमे में जिला जेल लाया गया है। गुरुवार को स्पेशल सीजेएम कोर्ट में उसकी पेशी थी। जेल की वीआईपी 7 नंबर बैरिक में इंद्रजीत यादव बंद है।

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