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लीलामनी हास्पिटल में हंगामा, तोड़फोड़

Kanpur Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। सिविल लाइंस के लीलामनी हास्पिटल में सोमवार दोपहर को बिल कम कराने को लेकर तीमारदारों और कर्मचारियों के बीच मारपीट और तोड़फोड़ हुई। पुलिस के सामने एक तीमारदार का सिर फट गया। उसने कर्मचारियों और डाक्टरों पर मारपीट का आरोप लगाया। इस पर हास्पिटल संचालक का कहना है कि तीमारदार ने अस्पताल के लोगों को फंसाने के लिए खुद ही अपना सिर दरवाजे से टकराया है। पूरी घटना सीटी टीवी कैमरे में कैद है। बाद में खुद को फंसता देख घायल तीमारदार ने हास्पिटल संचालक से माफी मांग ली। इसके बाद दोनों पक्षों में सुलह हो गई।
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कलक्टरगंज के धनकुट्टी निवासी सुशील गुप्ता के बेटे पवन (11) को कंजर्वेशन (झटके आने) की बीमारी थी। 14 जून को अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। शाम को भाई अंकित ने उसे सिविल लाइंस के लीलामणि हास्पिटल में दाखिल कराया। 13,500 रुपये एडवंास में जमा अस्पताल में जमा किए गए। सोमवार को अस्पताल से छुट्टी होनी थी। सुबह अस्पताल प्रबंधन ने 26,497 रुपये का बिल परिजनों को थमा दिया। परिजनों के अनुरोध पर अस्पताल ने 35 सौ रुपये छूट दे दी। पवन के परिजन बिल और कम करने का दबाव बनाने लगे। कर्मचारियों ने मना किया तो उन लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पवन के परिजनों में अशोक ने अस्पताल में गाली-गलौच शुरू कर दी तो कर्मचारियों ने विरोध किया, तो अशोक और उनके साथियों ने कर्मचारियों से हाथापाई शुरू कर दी। मैनेजर उमेश मिश्रा और दीपक भार्गव के रोकने पर उनसे मारपीट की। इसी बीच अस्पताल पहुंचे संचालक डा. महेंद्र सरावगी से भी हाथापाई की गई। मेन गेट का शीशा तोड़ डाला। हाथापाई के दौरान अशोक का सिर फट गया। बवाल की सूचना पाकर ग्वालटोली थानाप्रभारी थाने और एसपी रिजर्व का फोर्स लेकर मौकेपर पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। बताते हैं जिस दौरान अस्पताल में बवाल चल रहा था। रायपुरवा थानाध्यक्ष अखिलेश गौड़ अपने मातहतों के साथ वहां मौजूद थे. लेकिन पुलिस वालों ने स्थिति को संभालने का प्रयास नहीं किया। मूकदर्शक बने खड़े रहे। यहां थानाध्यक्ष की मां भर्ती हैं। करीब एक घंटे बाद तीमारदार पवन को डिस्चार्ज कराकर घर ले गए।
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तीमारदार बिल चुकता नहीं करना चाहते थे। इसलिए हंगामा और मारपीट की। सीसी टीवी फुटेज में अशोक की सारी हरकतें कैद है। अशोक को किसी ने पीटा नहीं बल्कि उन्होंने खुद दरवाजे पर अपना सिर लड़ाया। डा. महेंद्र सरावगी, संचालक लीलामणि हास्पिटल।
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अशोक ने अपनी गलती मानी है। डाक्टर महेंद्र सरावगी से माफी भी मांगी। दोनों ने किसी भी कार्रवाई से मना कर दिया है। मंगल प्रसाद सिंह, थानाप्रभारी, ग्वालटोली।
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