अनुपस्थित मतदान कर्मियों पर गिरेगी गाज

Kanpur Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
कानपुर। रविवार को राजकीय इंटर कालेज चुन्नीगंज में दूसरे दिन भी पीठासीन अधिकारी, मतदान कार्मिक प्रथम, द्वितीय और तृतीय का प्रशिक्षण दिया गया। इससे करीब 348 मतदान कार्मिक नदारद रहे। इन सभी के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है। दूसरी ओर रविवार को ही करीब 4000 मतदान कर्मचारियों ने डाक पत पत्र का फार्म मांगा है। इसमें से 350 फार्म जमा हो गए हैं। डाक मत पत्र प्राप्त करने और जमा करने वाले कर्मचारी 21 जून से पोस्टल बैलेट से मत डाल सकेंगे।
रविवार को भी पीठासीन अधिकारी और मतदान कर्मचारियों को ईवीएम सेट करने का तरीका बताया गया। डीपीआरओ केएस अवस्थी ने बताया कि मतदान से पहले बैटरी लगाकर ईवीएम जांच लें। यदि बैटरी कमजोर हो तो दूसरी लगाकर मतदान कराएं। पोलिंग पार्टी रवाना होने के साथ ही ईवीएम को खोलकर नए सिरे से सेट, सील करें। मतदान शुरू होने से एक घंटे पहले करीब छह बजे से मॉक पोल डलवाया जाएगा। यह काम पोलिंग एजेंटों की देखरेख में होगा। भीषण गर्मी, धूप को देखते हुए वोट डालने की समयसीमा एक घंटे बढ़ाई गई है। इसबार शाम पांच बजे तक वोट डाले जाएंगे। इसलिए पीठासीन अधिकारी, मतदान कार्मिकों को ज्यादा संयम बरतने की जरूरत है। निर्धारित समय तक लाइन में लगने वाले हर वोटर से मतदान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुबह सात बजे से शुरू होने वाली वोटिंग से मतदान प्रतिशत बढ़ने के आसार हैं। इसलिए मतदान कार्मियों को मित्रवत भूमिका निभानी होगी, ताकि बाधा रहित मतदान कराया जा सके।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

बीजेपी सरकार कर रही निजीकरण के जरिए आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था पर प्रहार: बसपा सुप्रीमो मायावती

कोयला खदानों को निजी कंपनियों को देने के केंद्र सरकार के फैसले का बसपा सुप्रीमो मायावती ने विरोध किया है। शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि मोदी सरकार की यह नीति धन्नासेठों के तुष्टीकरण की एक और नीति है।

24 फरवरी 2018

Related Videos

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत यहां एक-दूसरे के हुए 63 जोड़े

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मण्डी समिति सुमेरपुर में 63 जोड़े ने शादी की। जिसमें एक मुस्लिम, दो नेत्रहीन जोड़े भी परिणय सूत्र में बंधे।

24 फरवरी 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen