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चिट्ठी बोलेगी, ठगी की पोल खोलेगी

Kanpur Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। ऑनलाइन और लॉटरी फ्रॉड के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक अब इसके खिलाफ जुलाई से जागरूकता अभियान की शुरुआत करेगा। इसके तहत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ढाई हजार से ज्यादा डाकघरों को खास संदेश लिखीं मुहरें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन्हें प्रत्येक डाक पर लगाया जाएगा। इसी तरह रेलवे और रेडियो स्टेशनों पर भी लुभावने ऑफरों से बचने की सूचनाएं प्रसारित की जाएंगी।
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ई-मेल या एसएमएस पर लोगों को करोड़ों रुपये की लॉटरी लगने संबंधी तमाम मैसेज आते हैं। कुछ तो ऐसे भी होते हैं, जिन्हें असली दिखाने के लिए रिजर्व बैंक के अलावा देश की अन्य महत्वपूर्ण एजेंसियों के असली जैसे दिखने वाले पत्र भी लगे रहते हैं। लोग अक्सर ऐसे झांसे में फंस जाते हैं और इनाम की रकम जीतने के लालच में खुद का पैसा गंवा देते हैं। इन्हीं से बचने के लिए आरबीआई ने जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक केआर दास ने बताया कि बैंक ने यूपी-उत्तराखंड के 2600 डाकघरों से करार किया है। इन डाकघरों को लॉटरी स्कैम से बचाने संबंधी संदेश लिखी मुहरें दी जाएंगी। इन्हें वे प्रत्येक चिट्ठी पर लगाएंगे। जिससे घर-घर में जागरूकता फैलेगी। इसी प्रकार रेलवे स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड के जरिए भी संदेश का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। वहीं रेडियो पर भी लॉटरी स्कैम से बचने और फौरन किन विभागों को सूचित किया जाए, इसके बारे में बताया जाएगा।

ऐसे होते हैं लॉटरी फ्रॉड
- मोबाइल पर मैसेज आता है कि आपका नंबर हमारे लकी ड्रॉ में चुना गया है। आपको करोड़ों की रकम इनाम में दी जाएगी। मैसेज भेजने वाला पहले मोबाइल धारक के खाते और ई-मेल की जानकारी मांगता है। यह देने के बाद विदेश के नंबर से फोन करके सूचित किया जाता है कि उसके नाम की चेक जारी हो गई है। उसकी छाया प्रति उसे मेल के जरिए भेजी गई है। छाया प्रति के साथ रिजर्व बैंक समेत तमाम एजेंसियों के फर्जी पत्रों द्वारा मेल की सत्यता का प्रमाण दिया जाता है। बाद में संबंधित व्यक्ति से मनी ट्रांसफर के लिए होने वाली औपचारिकताओं का हवाला देते हुए पैसे मांगे जाते हैं। दिल्ली या अन्य किसी शहर के बैंक केखाते का ब्यौरा भेजा जाता है। लालच में फंसकर लोग उस खाते में पैसे जमा कर देते हैं। इसकी फर्जी उसे रसीद भेजी जाती है। उसे विश्वास दिलाने की कोशिश की जाती है कि उसके पैसे का सही इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद फिर किसी औपचारिकता के बहाने और पैसे मांगे जाते हैं। यह ठगी कई चरण में होती है। बाद में अचानक सभी फोन नंबर बंद हो जाते हैं। जिस खाते में पैसा डाला जाता है, वह भी फर्जी निकलता है।
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ये होगा संदेश
- किसी भी संदिग्ध मैसेज या मेल की सूचना तत्काल साइबर क्राइम सेल या पुलिस को दें
- आरबीआई किसी व्यक्ति के खाते की जानकारी कभी नहीं मांगता
- इनामी राशि या लुभावने ऑफर के लिए रिजर्व बैंक किसी प्रकार का प्रमाण पत्र जारी नहीं करता
- ऑनलाइन इनाम जीतने या लॉटरी आदि के वादे फर्जी होते हैं, इनसे सतर्क रहें
- किसी भी ऑफर की असलियत जानने के लिए रिजर्व बैंक की वेबसाइट देखें

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