आईआईटी की स्टूडेंट सीनेट भी विरोध में उतरी

Kanpur Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
कानपुर। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और आईआईटी काउंसिल के ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) 2013 में बदलाव के फैसले को आईआईटी, कानपुर की स्टूडेंट सीनेट ने भी खारिज कर दिया है। शनिवार को विशेष बैठक में रिजोल्यूशन पास करके स्टूडेंट सीनेट ने कहा है कि बिना ठोस योजना के ही बदलाव का खाका तैयार किया गया है। इससे छात्रों में दबाव, तनाव बढ़ेगा। स्टूडेंट सीनेट ने एकेडमिक सीनेट के उस फैसले को सही बताया है, जिसमें अपना एंट्रेंस एग्जाम कराने की बात कही गई है।
आईआईटी, कानपुर की एकेडमिक सीनेट के बाद शनिवार को स्टूडेंट सीनेट ने भी मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल को झटका दिया है। जेईई में बदलाव के फैसले को खारिज करते हुए कहा है कि एनआईटी, एआईईईई, आईआईटी जेईई को खत्म करके सिंगल एंट्रेंस एग्जाम कराना ठीक नहीं है। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, स्टेट बोर्ड के अंकों को समान करने और जेईई में चयन के आधार का फार्मूला अभी साफ नहीं हुआ है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने परसेंटाइल निकालकर 40 फीसदी अंकों का वेटेज देने की बात कही है, लेकिन इसका प्रारूप नहीं बना है। स्टूडेंट सीनेट ने 2013 से बदलाव की जल्दबाजी पर भी सवाल उठाए हैं। कहा है कि यह काम 2014 तक भी हो सकता है। आईआईटी की शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षकों की वजह से बेहतर है। बदलाव में उनके सुझाव और प्रस्ताव को शामिल करना चाहिए था। ऐसा न करके मंत्रालय और काउंसिल ने गलत किया है। एकेडमिक सीनेट के सुझाव को बदलाव में शामिल किया जाना चाहिए था।
जिमखाना क्लब के अध्यक्ष और स्टूडेंट सीनेट के चेयरमैन अभय जैन ने बताया कि जेईई में बदलाव का आईआईटी, कानपुर के सभी छात्रों ने विरोध किया है। सभी ने कहा है कि यदि एकेडमिक सीनेट, स्टूडेंट सीनेट के निर्णय को पलटने की कोशिश की गई तो विरोध किया जाएगा। स्टूडेंट सीनेट से रिजोल्यूशन पास करके काली पट्टी बांधकर पढ़ाई करने का फैसला होगा। शांति, कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इस मुहिम के लिए आईआईटी मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, गुवाहाटी, खड़गपुर और रुड़की के भी स्टूडेंट सीनेट से बातचीत की गई है। जेईई में बदलाव के जो फैसले हुए हैं, उनके अध्ययन के बाद स्टूडेंट सीनेट ने निर्णय लिया है। इसका पूरा ब्यौरा वेबसाइट पर पड़ा है।
इनसेट
ऐसे बनती है स्टूडेंट सीनेट
दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिमखाना क्लब (स्टूडेंट यूनियन) का चुनाव होता है। आईआईटी के 100 छात्रों पर एक सीनेटर चुना जाता है। इसके लिए वोटिंग होती है। यही सीनेटर जिमखाना क्लब के अध्यक्ष, सचिव और महासचिव का चुनाव करते हैं। चुनाव के बाद ही स्टूडेंट सीनेट गठित की जाती है, जिसमें हर 100 स्टूडेंट का प्रतिनिधि मौजूद रहता है। यह सीनेट उसी तरह काम करती है, जैसे कि एकेडमिक सीनेट। छात्र-छात्रा या फिर शैक्षिक गतिविधि से जुड़ा कोई भी निर्णय स्टूडेंट सीनेट ही लेती है। सीनेट का समन्वयक अध्यक्ष को चुना जाता है।
-----------------------------------

Spotlight

Most Read

Dehradun

आरटीओ में गोलमाल, जांच शुरू

आरटीओ में गोलमाल, जांच शुरू

21 जनवरी 2018

Related Videos

कानपुर में बड़ा हादसा, मिट्टी में दबने से दो मजदूरों की मौत

शनिवार का दिन कानपुर के इन मजदूरों के लिए काल बनकर आया। दो मजदूरों की मौत तब हो गई जब वे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट की खुदाई कर रहे थे। वहीं तीन मजदूर बुरी तरह घायल हैं।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper