विज्ञापन

10 हजार रोगियों को लगा दिए संक्रमित इंजेक्शन

Kanpur Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कानपुर। संक्रमित जेंटामाइसिन के इंजेक्शन हैलट और जच्चा-बच्चा अस्पताल में 10 हजार रोगियों को लगे हैं। चूंकि इन अस्पतालों में अधिकांश रोगी नाजुक हालत में नर्सिगिंहोमों से रिफर होकर यहां आते हैं, तो संक्रमित इंजेक्शन लगने पर तबियत बिगड़ी भी तो किसी ने ध्यान नहीं दिया। 8 जुलाई 2011 को जच्चा-बच्चा में 9 रोगियों की तबियत बिगड़ने के एक हफ्ते पहले इसी इंजेक्शन के लगने से 4 रोगियों की हालत नाजुक हो गई थी, लेकिन इस मामले को दबा दिया गया और संक्रमित दवा के इंजेक्शन लगते रहे।
विज्ञापन
संक्रमित जेंटामाइसिन के 5 हजार इंजेक्शन हैलट में खपे हैं। जच्चा-बच्चा के रोगियों को 25 हजार इंजेक्शन लगाए गए। मरीजों की हालत बिगड़ने की घटना के बाद तत्कालीन प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल के आदेश पर दवा के 5100 वायल्स रोक दिए गए थे, जो अभी तक जच्चा-बच्चा अस्पताल में रखे हैं। जच्चा-बच्चा अस्पताल में मई-जून 2011 में लेबोरेट कंपनी से दो बार में 30 हजार इंजेक्शन वायल्स लिए गए थे। हैलट के 5 हजार इंजेक्शन इमरजेंसी, मेडिसिन और सर्जरी विभाग में भरती रोगियों को तीन महीने में लगा दिए गए।
जच्चा-बच्चा में इन्हें गंभीर रोगियों को लगाया जाता रहा। 8 जुलाई की घटना के एक हफ्ते पहले वार्ड नंबर 6 के बेड नंबर 22 पर भरती चौबेपुर के संजीव मिश्र की पत्नी पूजा, बेड नंबर 10 भरती छाया, बेड नंबर 7 पर भरती विजयनगर की लक्ष्मी (17) और रोगी निधि ओझा की हालत बिगड़ी थी। उन्हें लाल चकत्ते उभरे और बेहोशी आ गई। कर्मचारियों का कहना है कि खराब दवा की शिकायत बराबर की जाती रही, लेकिन किसी अधिकारी ने सुना ही नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हो सकता है कि रोगियों की तबियत बिगड़ी हो। हैलट और जच्चा-बच्चा अस्पताल रिफरल सेंटर हैं। यहां गंभीर रोगी ही आते हैं। छोटी-मोटी गड़बड़ी पता ही नहीं चलती। दवा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? मुंह खोलने को मेडिकल कालेज प्रबंधन का कोई अधिकारी तैयार नहीं है। हैलट के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ सीएस सिंह का कहना है कि दवा की गड़बड़ी पता चलने पर इंजेक्शन वायल्स को अलग रखवा दिया गया। बाकी यह कमेटी तय करती है कि किस कंपनी के टेंडर स्वीकर किए जाएंगे।
------------
.जेंटामाइसिन के संक्रमित होने की रिपोर्ट अभी ड्रग विभाग से उनके पास नहीं आई है। गड़बड़ी है तो कार्रवाई होगी। मैं दवा कंपनी को क्यों बचाऊंगा। जहां गड़बड़ी पता चलती है कार्रवाई की जाती है।
-प्रोफेसर आनंद स्वरूप, प्राचार्य मेडिकल कालेज
------------
------------
वर्ष-2011
-हैलट और संबद्ध अस्पतालों में भरती हुए रोगी-55 हजार रोगी
-हैलट में भरती हुए 32 हजार और जच्चा-बच्चा में 8 हजार रोगी
-जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल-प्रतिदिन औसत रोगी मृत्यु दर-2 रोगी
-मई, जून, जुलाई और अगस्त-प्रतिदिन औसत रोगी मृत्यु दर-5 रोगी
-सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर-प्रतिदिन औसत रोगी मृत्यु दर 4 रोगी
-----------
-razas@knp.amarujala.com
-----------

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Jammu

जम्मू-कश्मीरः पाकिस्तानी ने किया सीजफायर उल्लंघन, बॉर्डर से बीएसएफ जवान गायब

पाकिस्तानी सेना द्वारा पुंछ जिले के आर एस पुरा सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन करने के बाद जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा से बीएसएफ जवान के गायब होने की खबर है। माना जा रहा है कि वह पाकिस्तानी फायरिंग में घायल होने के बाद गायब हुआ है।

18 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

‘मौत के कुएं’ ने ली दो सगे भाईयों की जान, गांव में कोहराम

कानपुर देहात में कुएं में उतरे दो सगे भाइयों की मौत से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि गांव के सालों पुराने कुएं से जहरीली गैस निकल रही थी जो दोनों भाईयों की मौत की वजह बनी।  

7 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree