निर्यातकों के चेहरे खिले

Kanpur Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
कानपुर। विदेश व्यापार नीति की घोषणा से निर्यातकों के चेहरे खिले हैं। मंगलवार को जारी नीति को उद्यमियों ने ‘बेहतरीन’ का दर्जा दिया। उद्यमियों का मानना है कि रियायती ब्याज पर लोन, औद्योगिक इकाई की बेहतरी के लिए आने वाली मशीनों पर जीरो फीसदी आयात शुल्क और बैंक रियलाइजेशन सर्टिफिकेट से मुक्ति आदि की घोषणाएं आर्थिक मंदी के दौर में निर्यात को और मजबूती देंगी।
सुपरहाउस समूह के निदेशक मुख्तारुल अमीन के मुताबिक शहर के 98 फीसदी लघु एवं मध्यम चर्म उद्यमियों को लोन के ब्याज में दो फीसदी सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इससे निर्यात के लिए तैयार होने वाले उत्पादों की लागत कम होगी। इसके अलावा कानपुर और उन्नाव में खुद को अपग्रेड कर रही 240 इकाइयां आयात शुल्क की छूट का फायदा विदेशी मशीनों के आयात पर उठा सकेंगी। इससे इकाइयों के अपग्रेडेशन में तेजी आएगी। सूरी शूज के निदेशक राकेश सूरी के मुताबिक निर्यात के लिए बनाए जाने वाले चर्म उत्पादों में कई बार घरेलू बाजारों से भी खरीदारी की जाती है, मगर इस पर कोई रियायत नहीं मिलती थी। इस बार की नीतियों में घरेलू बाजार से खरीदे गए उत्पाद की एक्साइज ड्यूटी का भुगतान भी लाइसेंस राशि से किए जा सकने की व्यवस्था की गई है। इससे निर्यात होने वाले उत्पाद की लागत घटेगी। साथ ही घरेलू उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। यदि लाइसेंस की राशि का कोई इस्तेमाल नहीं होता है तो इसे दूसरे चर्म निर्यातक को बेचा जा सकता है या फिर ट्रांसफर भी संभव है।
प्रमुख चर्म निर्यातक ताज आलम के मुताबिक चर्म निर्यातकों को अभी तक तमाम सरकारी रियायतों का लाभ उठाने के लिए बैंक का रियलाइजेश प्रमाणपत्र कस्टम व अन्य विभागों में देना होता था। बैंक इसमें इस बात का प्रमाण देता था कि संबंधित निर्यातक के खाते में भुगतान के रूप में विदेशी मुद्रा उन्हें प्राप्त हुई है। अब इस झंझट से उन्हें मुक्ति मिल गई है। बैंक खुद ही इसे इलेक्टॉनिक रूप से विभागों को भेजेंगे। इससे ट्रांजेक्शन कॉस्ट और झंझट तो बचेगी ही फर्जीवाड़ा रुकेगा भी रुकेगा।


4200 करोड़ का शहर से बीते वित्तीय वर्ष में हुआ निर्यात
25 फीसदी की दर से पिछले पांच साल से बढ़ रहा निर्यात

उत्पाद निर्यात
शेडलरी उत्पाद - 500 करोड़
फिनिश लेदर - 1800 करोड़
फुटवियर अपर और फुटवियर - 1500 करोड़
सिंथेटिक फुटवियर, बैग, जैकेट आदि- करीब 1000 करोड़
-----------------------


लेदर इंडस्ट्री को जितनी रियायतों और निर्यात प्रोत्साहन की उम्मीद थी, उसे कहीं ज्यादा बढ़कर उन्हें दिया गया है। इससे बारहवीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा। अपेक्षा है कि दो प्रतिशत ब्याज सब्सिडी स्कीम केवल एसएमई सेक्टर को नहीं बल्कि बड़ी औद्योगिक इकाइयों के लिए भी दी जाए।
आरके जालान, वाईस चेयरमैन (काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट)
-------------------------

रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग को भी मिली रियायत
कानपुर। निर्यात के लिए तैयार किए जाने वाले रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग को भी विदेश व्यापार नीति में दो फीसदी की ब्याज सब्सिडी दी गई है। उत्तर प्रदेश रेडीमेड गारमेंट्स मैन्युफैक्चर एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरज शाह ने बताया कि शहर से करीब बीस करोड़ रुपए का सालाना निर्यात है। दो फीसदी ब्याज सब्सिडी मिलने से उन्हें फायदा होगा। साथ ही निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

कैराना व नूरपुर में हुई ईवीएम से छेड़छाड़, सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने किया दावा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बीजेपी पर कैराना और नूरपुर उपचुनाव को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है।

28 मई 2018

Related Videos

किसान से लेखपाल मांग रहा था बीस हजार, हुआ ये हाल

कन्नौज के छिबरामऊ में विजिलेंस टीम ने छापा मारकर अवध नारायण पांडेय नाम के लेखपाल को रंगे हांथों दबोच लिया।

25 मई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen