सीबीआई चुपके से आई, होश उड़ाकर चली गई

Kanpur Updated Tue, 05 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कानपुर। समय सुबह लगभग 11 बजे - भार्गव एस्टेट स्थित आयकर निदेशालय (जांच) के दफ्तर का माहौल सामान्य है। अधिकारियों-कर्मचारियों के आने के लिए एक गेट खुला है। करीब दो तिहाई स्टाफ मौजूद है। निदेशक कुणाल सिंह को आना था लेकिन अभी तक कोई खबर नहीं है। तीन माले की इस बिल्डिंग में पहले तल पर उनका ऑफिस है। निदेशक के निजी सहायक अपनी कुर्सी पर हैं।
विज्ञापन

11.30 बजे - साधारण से दिखने वाले 6 लोग परिसर में घुसते हैं। हाथ में कुछ फाइलें हैं। एक व्यक्ति ने आंखों पर रे-बैन का चश्मा चढ़ा रखा है। 4 लोग दफ्तर की तरफ बढ़ जाते हैं तो 2 लोग गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी को अपना परिचय देते हुए दरवाजा बंद करने के निर्देश देते हैं। परिचय सुनकर गार्ड सकपका जाता है। इसके बाद कुणाल सिंह के स्टाफ के होश उड़ने की बारी थी। आलोक शाही अपना परिचय सीबीआई इंस्पेक्टर के रूप में देते हैं तो स्टाफ के लोग जड़वत से हो गए। इसके बाद सीबीआई वाले अलग-अलग अपने काम में लग जाते हैं। कोई फाइलों को खंगालता है तो कोई कंप्यूटर की जांच में जुट जाता है। वहां से एक व्यक्ति धीरे से सरक कर दूसरे तल पर जाता है और वहां मौजूद अफसरों को सीबीआई के आने की जानकारी देता है।
11.50 बजे - सीबीआई छापे की खबर आयकर निदेशालय के साथ-साथ आयकर मुख्यालय तक फैल चुकी है। अफसर, कर्मचारी सभी बेचैन हैं। सहायक निदेशक पंकज श्रीवास्तव समेत अन्य लोग निदेशक के केबिन में पहुंचते हैं। सीबीआई टीम उन्हें अपना परिचय देती है। 2 घंटे तक बारीकी से पड़ताल के बाद कुछ कागजात और लैपटॉप वे अपने कब्जे में कर लेते हैं। निजी सचिव से उनकी सर्विस बुक मंगाई जाती है और उसे भी वे रख लेते हैं।
2.30 बजे - दोपहर के भोजन के लिए आयकर अफसर तीसरे तल पर बनी कैंटीन की ओर जाने की तैयारी करते हैं। सीबीआई टीम को भी खाने का ऑफर दिया जाता है। सभी साथ चले जाते हैं। इसके बाद मेन गेट पर लगाई पाबंदी हटाने का संदेशा भेजते हुुए वहां मौजूद सीबीआई के अफसर को ऊपर बुला लिया जाता है। गेट पर मीडिया वालों की भीड़ लगी है। साढ़े तीन बजे तक सभी लोग साथ खाना खाते हैं। घंटे भर तक बातचीत के बाद सभी जाने की तैयारी करते हैं। जाते वक्त गेट पर मीडिया के लोग अफसरों के आगे माइक अड़ाते हैं, मगर वे कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उनके जाने के बाद आयकर अधिकारियों के केबिन में कर्मचारियों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। तब तक स्पष्ट हो चुका था निदेशक समेत कई अफसर नोएडा में गिरफ्तार किए गए हैं। माहौल में अजीब सी खामोशी छा जाती है। कोई कुछ कहने को तैयार नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us