फिर जूनियर डाक्टर ने की दबंगई, इमरजेंसी ठप

Kanpur Updated Mon, 21 May 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। हैलट इमरजेंसी में रविवार को लगातार तीसरे दिन जूनियर डाक्टरों ने गुंडागर्दी की। एक वार्ड ब्वाय को थप्पड़ मारकर भगा दिया और सिपाही से भी बदतमीजी की। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया। नारेबाजी करते हुए जूनियर डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पौन घंटे बाद इमरजेंसी मेडिकल आफीसर (ईएमओ) से वार्ता हुई और उनके आश्वासन पर कर्मचारी काम पर लौटे।
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हुआ यूं कि इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहा वार्ड ब्वाय बिरजू प्रसाद मिश्रा दोपहर में वहीं बने आरएसओ रूम में खाना खा रहा था। हड्डी विभाग के जूनियर डाक्टर (जेआर-2) ने उसे वहां खाना खाने से मना किया। वार्ड ब्वाय ने कहा कि खाना खाकर चला जाएगा तो जेआर उसे थप्पड़ मारते हुए बाहर करने लगा। इसी बीच हैलट चौकी से एक सिपाही पहुंच गया तो जूनियर डाक्टर उससे भी भिड़ गया। इसका पता चलने पर इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे अन्य कर्मचारी काम बंद कर बाहर निकल गए। इंडोर वार्ड से अन्य कर्मचारी और कई कर्मचारी नेता भी पहुंच गए। कर्मचारियों ने इमरजेंसी ठप कर दी। उनका कहना था कि जब तक जूनियर डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, वे काम नहीं करेंगे।
सफाई कर्मचारी संघ के नेता राजकुमार बाल्मीकि, राकेश, सुशील, अकबर, बिरजू आदि ईएमओ डा.आरएल महीप से मिले। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.सीएस सिंह से भी बात की। इसके बाद मैटर्न रीना भी पहुंची। वहां बातचीत के बाद आश्वासन देकर मामला शांत कराया गया। राजकुमार और राकेश ने बताया कि मरीजों के हित में वे काम पर लौट आए हैं। कल प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा.अनीता सोनी से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
आधा-पौना घंटा कर्मचारियों के काम न करने से चिकित्सा व्यवस्था कुछ प्रभावित जरूर हुई, पर कोई कैजुअलटी नहीं हुई। बाद में इमरजेंसी के सभी कर्मचारी काम पर लौट आए।
डा.आरएल महीप, ईएमओ, हैलट



18 मई
हैलट में जूनियर डाक्टरों ने वार्ड - 4 के बेड संख्या - 6 में भर्ती श्रीनिवास के भाई अनुज, साले अरविन्द कुमार, बहनोई शिवकुमार को पीटा था। जूनियर डाक्टर इन पर दलाल होने का आरोप लगा रहे थे। इनमें से अनूप और शिवकुमार को घसीटकर इमरजेंसी लेकर पीटा था। बाद में हैलट चौकी इंचार्ज ने दोनों तीमारदारों को बंधनमुक्त कराया था।

19 मई
जूनियर डाक्टरों ने इमरजेंसी में आए मरीज को पीटा। वीगो लगने में दर्द होने पर मरीज अचानक बेड से उठ बैठा था जिससे उसका सिर जूनियर डाक्टर की नाक से टकरा गया था। इसके बाद जूनियर डाक्टरों ने मरीज और परिजनों की पिटाई करते हुए उन्हें अस्पताल से भगा दिया था।


प्राचार्य बोले, जूनियर डाक्टर बेकसूर
कानपुर। हैलट अस्पताल में बढ़ती अराजकता से तीमारदार दहशत में हैं, वहीं कर्मचारियों में भी रोष है। हालांकि मेडिकल कालेज प्राचार्य डा.आनंद स्वरूप ने जूनियर डाक्टरों को क्लीनचिट दी है। कहा परसों दलाल पिटा था। कल इमरजेंसी की घटना को मैंने दिखवा लिया है। इसमेें लड़कों (जूनियर डाक्टरों) की कोई गलती नहीं थी। जिस जूनियर डाक्टर से विवाद हुआ, वह सीधा-साधा है। अब हैलट और संबद्ध अस्पतालों में दलालों पर सख्ती की जाएगी। परिसर में खड़ी हो रहीं बाहरी एंबुलेंस को हटवाया जाएगा। यह काम पुलिस का है। कल डीआईजी को फोन कर इसके लिए कहा था। वह सिक्योरिटी गार्डों से परिसर में खड़ी होने वाली एंबुलेंसों की हवा निकलवाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
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