विज्ञापन

ख्वाबों के आगे बौनी हुईं तंगहाली की तकलीफें

Kanpur Updated Sat, 19 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कानपुर। ‘देख जिंदां (जेल) से परे रंग-ए-चमन, जोश-ए-बहार रश्क (नृत्य) करना है तो पांव की जंजीर न देख।’ गरीबों के बेटों ने तंगहाली की जंजीर को तोड़ सपनों को हकीकत में तब्दील कर दिया। आईआईटीजेईई में सफल होकर गुरबत झेल रहे इन बच्चों ने घरवालों की उम्मीदों को नई रोशनी दे दी। महाराजपुर के सैबसी गांव के कृष्ण कुमार अवस्थी के पिता कैलाश अवस्थी ब्रेन ट्यूमर के मरीज हैं और एसजीपीजीआई में भरती हैं। ऐेेसे मानसिक तनाव की स्थिति में कृष्ण कुमार ने मनोबल बनाए रखा और 11980वीं रैंक हासिल कर ली है।
विज्ञापन
इन गुदड़ी के लालों के ख्वाबों को परवाज दी है सुपर 35 ने। गाजियाबाद के मुरादनगर के प्रशांत सिद्धार्थ को देखिये पिता मंशाराम दिन में 140-150 रुपए कमाते हैं। फिर भी सिद्धार्थ जुटे रहे और अब आईआईटीयन हो जाएंगे। कच्ची मड़ैया निवासी दिहाड़ी मजदूर राम कुमार के 17 वर्षीय राहुल गौतम का चयन भी जेईई में हुआ है। उनकी रैंक 839वीं हैं। रोजाना की 120-130 रुपए की आय से परिवार चलाने वाले राम कुमार को बेटे की पढ़ाई कराने में दिक्कत जरूर हुई। कहते हैं कि अब दिन बहुरेंगे।
गांधी नगर के हिमांशु वाधवानी का किस्सा भी अजीब है। पिता हरी किशन सेल्स मैन हैं, लंबे समय से बीमार हैं। बहन इंदु वाधवानी ने बीए किया है, वही ट्यूशन करके परिवार चला रही हैं। हिमांशु को पढ़ाने में उन्हीं का योगदान है। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए फीस नहीं थी। इसे लेकर ओंकारेश्वर के प्रधानाचार्य से बात की तो उन्होंने फीस माफ कर दी। रावतपुर निवासी अमरजीत मैथ्यू (449 रैंक) ने तंगहाली की वजह से पिता से कभी जेब खर्च नहीं मांगा। कामयाबी ने कल्पना को पंख दे दिए। पढ़ाई और फीस का इंतजाम बैंक लोन से करेंगे।
रितेश सिंह चौहान (13794 रैंक) शुक्रवार सरेशाम से छोटे से औरास गांव की शान बन गए। पिता बलराम सिंह किसान हैं। तीन बीघा जमीन है। उसी से घर का खर्च चलता है। दो बड़े भाई बेरोजगार हैं। लेकिन रितेश ने हालात से उबरने के लिए हौसले को कम न होने दिया। सीमिक संसाधनों में जूझे और आज आगे निकल गए। ख्वाहिश एयरोनॉटिकल, मैकेनिकल या सिविल ब्रांच मिलने की है। थोड़ी फिक्र भी है कि आगे की पढ़ाई कैसे होगी। लेकिन हौसले बुलंद है। रितेश के दोस्त रोहित कुमार (2708 रैंक एससी) ने बताया कि उसके गांव में अभी तक कोई आईआईटी तक नहीं पढ़ा।
विकास कुमार को 1772वीं रैंक मिली है। यहीं काकादेव में मामा शिक्षामित्र गोर्बधन सिंह और मामी रामादेवी शिक्षिका के यहां रहकर पढ़ाई करते थे। माता-पिता का देहांत हो चुका है। तंगहाली की तकलीफें ख्वाबों के आगे बौनी हो गईं। रात-दिन मेहनत की कामयाबी मिलेगी तो छोटे भाई को कायदे से पढ़ा पाएंगे। वह अपने जूनियर साथियों को पढ़ाते रहे। विकास कहते हैं कि मम्मी-पापा तो नहीं हैं, लेकिन उनको सपनों को साकार करना था। अब अपने छोटे भाई को भी आईआईटीजेईई की तैयारी कराएंगे। वह मेकेनिकल ब्रांच चाहते हैं।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Kanpur

कानपुरः जबलपुर एक्सप्रेस की चपेट में आईं 15 अधिक गाय, दर्दनाक मौत से मची अफरातफरी

कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में शिर्डी इटारा गांव के पास से काफी संख्या में रेलवे लाइन पैर बैठी गायें जबलपुर एक्सप्रेस की चपेट में आ गईं। ड्राइवर की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। ड्राइवर ने लगभग तीस मिनट तक ट्रेन घटनास्थल पर ही खड़ी रखी।

16 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

सीएम योगी ने रक्षा प्रदर्शनी का किया उद्घाटन, दिया ढाई लाख नौकरियों का तोहफा

शुक्रवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के सीएसए विश्वविद्यालय परिसर में लगी रक्षा प्रदर्शनी-2018 का उद्घाटन किया। डिफेंस कॉरीडोर के निर्माण से कारखानों में उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

17 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree