एक्साइज ड्यूटी की वापसी पर खिलखिलाया सराफा जगत

Kanpur Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। ब्रांडेड और गैर ब्रांडेड ज्वैलरी पर लगाई गई एक्साइज ड्यूटी को सोमवार की दोपहर दो बजकर 27 मिनट पर जैसे ही वित्त मंत्री ने वापस लेने की घोषणा की, सराफा व्यापार से जुड़े कारोबारियों के चेहरे दमक उठे। इसी के साथ 21 दिन तक चली लड़ाई में हुए नुकसान को वे पल भर में भूल गए। इस खबर के मिलते ही शहर की प्रमुख बाजारों में जश्न का माहौल हो गया। जमकर मिठाइयां बांटी गईं, पटाखे फोड़े गए और पदाधिकारियों के स्वागत का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।
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‘मैं ड्यूटी वापस लूंगा, यह मेरा जेंटलमैन प्रॉमिस है’। एक्साइज ड्यूटी थोपने के विरोध में वित्त मंत्री से मिलने गए यूपी सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश जैन को वित्त मंत्री के यही शब्द याद थे। सोमवार को जब इस प्रावधान के समाप्त होने की खबर आई तो वे खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। उन्होंने कहा कि दादा का वादा पूरा हुआ। उन्हें पूरी उम्मीद भी थी। इसके बाद महेश जैन के नेतृत्व में रामकिशोर मिश्रा, रामनाथ महेंद्र, महेश पारस्वानी आदि बिरहाना रोड, चौक सराफा, नयागंज, पीपीएन मार्केट, नवीन मार्केट आदि के सराफा प्रतिष्ठानों पर गए और सभी को शुभकामनाएं दी। इस खुशी में दिन भर पटाखे फोड़ने व मिठाइयां बांटने का भी दौर चलता रहा। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल समेत इस आंदोलन में सराफा व्यवसाइयों के सहयोगी रहे विभिन्न व्यापार मंडलों को भी धन्यवाद दिया है। उधर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री ज्ञानेश मिश्रा ने कहा कि यह व्यापारियों की एकता की जीत है। इसी प्रकार के संघर्ष से ही लड़ाई जीती जाती है। वहीं कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मणिकांत जैन, महामंत्री राजेंद्र शुक्ल आदि ने भी इस जीत पर सराफा व्यवसाइयों को बधाई दी है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी कानपुर सराफा बाजार में ड्यूटी के विरोध में 21 दिन तक एतिहासिक बंदी हुई थी। इस दौरान धरना, प्रदर्शन, जाम, भूख हड़ताल आदि का भी आयोजन हुआ था। इस बंदी से कई अरब रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ था।
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टीसीएस की सीमा भी बढ़ाई
कानपुर। दो लाख से अधिक की ज्वैलरी खरीदने पर बजट में एक फीसदी टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) करने की व्यवस्था भी प्रस्तावित की थी। यानी कोई ग्राहक यदि इस सीमा से ऊपर की ज्वैलरी या बुलियन सोने की खरीद करता है तो उसे खरीदे गए माल के कुल मूल्य का एक फीसदी टीसीएस के रूप में देना होगा। सोमवार को वित्त मंत्री ने ज्वैलरी पर टीसीएस की सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दी। वहीं बुलियन पर इसे दो लाख रुपए ही रखा गया है।
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