फर्जीवाड़े में वकील निलंबित, दूसरे का वारंट

Kanpur Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
कानपुर। फर्जीवाड़े के आरोप में फिर दो वकील फंस गए हैं। एक मामले में पीड़ित की शिकायत पर उत्तर प्रदेश बार कौंसिल ने एक अधिवक्ता को पांच साल के लिए निलंबित कर दिया है। दूसरे मामले में अधिवक्ता के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाकर 49 लाख रुपये का स्क्रैप बेचने के मुकदमे में अदालत ने वारंट जारी किया है।
1- फर्जीवाड़ा की शिकायत थी
चौबेपुर के ग्राम अब्दुलपुर निवासी सतीश कुमार शुक्ला ने उत्तर प्रदेश बार कौंसिल में गांव के ही अधिवक्ता शिव शंकर शुक्ला की शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि शिव शंकर शुक्ला फर्जी वसीयत बनाकर संपत्ति हड़पना, लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसवाकर रुपये ऐंठना, दूसरों के मुकदमों में जबरदस्ती आपत्ति दाखिल करना और ट्रक फाइनेंस कराकर चोरी छिपे बेचने का काम कर रहे हैं। उन्हें भी झूठे मुकदमे में फंसा दिया था। उन्होंने आरोपों के साक्ष्य भी दिए थे। बार कौंसिल ने इनका संज्ञान लेेते हुए अधिवक्ता को तलब किया था। उनके न पहुंचने पर एक पक्षीय आदेश जारी किया है। इस आदेश की कापी पीड़ित को 25 अप्रैल को मिली है।


बार कौंसिल का आदेश
अधिवक्ता का यह कृत्य एडवोकेट एक्ट की धारा 35 के अतंर्गत दंडनीय है। इसलिए अधिवक्ता को पांच साल के लिए निलंबित किया जाता है।


2-फर्जी दस्तावेज से गोलमाल का आरोप
दूसरे मामले में अधिवक्ता महेश मणि पांडेय के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाकर 49 लाख रुपये के स्क्रैप बेचने के मुकदमे में एमएम 6 की कोर्ट ने वारंट जारी किया है। उनके खिलाफ पहले भी एमएम 3 की कोर्ट से फर्जीवाडे़ में गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। अधिवक्ता अविनाश दीक्षित ने बताया कि जीटी रोड थाना रायपुरवा निवासी राकेश रस्तोगी ने महेशमणि पांडेय के खिलाफ 7 जुलाई 2010 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि अधिवक्ता ने फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें 49 लाख रुपये में स्क्रैप बेचकर गबन कर लिया। अदालत न आने पर अधिवक्ता के खिलाफ वारंट जारी किया गया है।

पहले भी फंसे कई वकील
27 अप्रैल 2012-114/193 ई पंचवटी विनायकपुर कल्याणपुर निवासी बाबूराम कुशवाहा ने कोतवाली में अधिवक्ता विष्णुपुरी नवाबगंज निवासी धीरेंद्र सिंह यादव, उनके बड़े भाई शिवशंकर सिंह यादव एडवोकेट, वीरेंद्र बहादुर सिंह एडवोकेट, 81 ख्योरा नवाबगंज निवासी कुमार गौरव एडवोकेट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमानत लेने का आरोप था। विवेचना चल रही।

25 मई 2010-फेथफुलगंज निवासी सुनील कुमार ने मूलगंज थाने में अधिवक्ता महेशमणि पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था अधिवक्ता ने अपने आप को भारतीय स्टेट बैंक का अधिकृत एजेंट बताते हुए स्क्रैप का सौदा किया था। इसके लिए कूटरचित दस्तावेज भी तैयार किए गए थे। इसके बाद उन्होंने नकद और चेक से करीब 33 लाख रुपये लिए। मुकदमा एमएम 3 की कोर्ट में। गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ।

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