विज्ञापन

कोचिंग हब से निकल रहे हैं मुन्नाभाई!

Kanpur Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कानपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले कानपुर के मुन्नाभाइयों का जाल अब प्रदेश से बाहर भी फैल गया है। बीते रविवार को देशभर में हुई एआईईईई (आल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम) में मध्यप्रदेश के जबलपुर में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गए तीन मुन्नाभाई भी काकादेव कानपुर की एक कोचिंग से मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्र निकले। इन छात्रों का कहना है कोचिंग के ही एक युवक ने उन्हें 30,000 रुपये का लालच देकर जबलपुर भेजा था। जबलपुर पुलिस की एक टीम बुधवार को पैसा देने वाले युवक की तलाश में कानपुर आई लेकिन उसका पता नहीं चला। पुलिस टीम मुन्नाभाइयों के पते-ठिकाने की जानकारी करके लौट गई है। गौर रहे कि एआईईईई में ही कानपुर के चार
विज्ञापन
जबलपुर के गर्गी थाना के दारोगा वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम बुधवार को काकादेव पहुंची और संबंधित कोचिंग के संचालक और कर्मचारियों से पूछताछ की। टीम में शामिल मथुरा प्रसाद पौराणिक ने बताया एआईईईई में सॉल्वर बनकर आजमगढ़ निवासी मुलायम सिंह यादव, प्रतापगढ़ निवासी मो. सादिक रजा और आकाश उर्फ पिंटू बैठे थे। तीनों ने पुलिस को बताया वे काकादेव स्थित न्यू लाइट कोचिंग से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। कोचिंग में साथ पढ़ने वाला जौनपुर का संजय चंदेल नाम का युवक उन्हें मिला और सॉल्वर बनने का लालच दिया। संजय ने परीक्षा से पहले उन्हें 5000 रुपये दिए थे जबकि बाकी के 25,000 रिजल्ट घोषित होने के बाद मिलने थे। पुलिस टीम संजय की तलाश में मुलायम को लेकर कानपुर की संबंधित कोचिंग पहुंची। यहां संजय नाम के दो लोग थे। पुलिस ने मुलायम को दोनों का फोटो दिखाया लेकिन उसने दोनों को पहचानने से इनकार कर दिया। दारोगा वीरेंद्र सिंह ने बताया कि संजय नाम के जो लोग कोचिंग में हैं, आरोपियों ने उन्हें नहीं पहचाना। यानी कोचिंग के छात्र के नाम पर किसी बाहरी व्यक्ति ने छात्रों को सॉल्वर बनाकर भेजा था। कोचिंग के लोगों से पूछताछ के अलावा पुलिस तीनों छात्रों के पते लेकर जबलपुर लौट गई।


मुन्नाभाइयों के कारनामे
-23 मार्च को हुई बीएड की प्रवेश परीक्षा में एसएन सेन डिग्री कालेज में मिर्जापुर निवासी सुनील को दूसरे की जगह परीक्षा देते दबोचा गया था। उन्नाव में एक, झांसी में दो व जौनपुर में भी एक मुन्नाभाई पकड़ा गया था।
-पॉलीटेक्निक संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2010 में अकेले कानपुर में ही 127 मुन्ना भाई धरे गये थे। 90 का प्रवेश निरस्त।
-राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (एसईईई) 2008-09 में कानपुर में 54 फर्जी छात्रों का खेल सामने आया था।
-कंबाइंड एग्रीकल्चरल इंट्रेंस एग्जाम 2009 में नकल माफिया का खेल सामने आया था।
-संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2010 में फजीवाड़े का खुलासा हुआ था।
-2010-11 में हुई एलआईसी की परीक्षा में कोचिंग मंडी बड़ा मकड़जाल सामने आया था। मामले में एसटीएफ ने कोचिंग मंडी से तीन लोगों को उठाया था।
-छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय द्वारा संचालित की गई सीपीएमटी प्रवेश परीक्षा 2010 में परीक्षा के बाद विश्वविद्यालय परिसर में ही परीक्षा की डुप्लीकेट ओएमआर सीट के साथ एक महिला सहित चार लोगों का रैकेट पकड़ा गया था।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Kanpur

कानपुरः जबलपुर एक्सप्रेस की चपेट में आईं 15 अधिक गाय, दर्दनाक मौत से मची अफरातफरी

कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में शिर्डी इटारा गांव के पास से काफी संख्या में रेलवे लाइन पैर बैठी गायें जबलपुर एक्सप्रेस की चपेट में आ गईं। ड्राइवर की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। ड्राइवर ने लगभग तीस मिनट तक ट्रेन घटनास्थल पर ही खड़ी रखी।

16 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

दरोगा की पिस्टल छीन बदमाश ने की फरार होने की कोशिश, लेकिन...

कानपुर में पुलिस की गिरफ्त से ईनामी बदमाश ने फरार होने की कोशिश की। उसने दरोगा की सर्विस पिस्तौल छीन ली। हालांकि बदमाश पकड़ा गया।

16 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree