रेल टिकट आरक्षण कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़

Kanpur Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। अवैध तरीके से रेल टिकट आरक्षण कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। गिरोह का संचालन खपरा मोहाल के एक पीसीओ से हो रहा था। एक गुर्गा सेंट्रल पर आरपीएफ के हाथ लग गया। उसकी निशानदेही पर खपरा मोहाल में छापा मारा गया। मौके से रेलवे के 190 आरक्षित टिकट, 711 फार्म और 88 परिचय पत्र बरामद हुए है। टिकटों की कीमत छह लाख रुपये बताई गई है। गिरोह का सरगना अपनी वर्ल्ड ट्रैवल एजेंसी की आड़ में रेलवे के समानांतर टिकट आरक्षण का अवैध कारोबार कर रहा था।
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मंगलवार को वर्ल्ड ट्रैवल्स एजेंसी का गुर्गा दिलीप शुक्ल आरक्षण केंद्र पर आरपीएफ के हाथ लग गया। उसके कब्जे से 15 आरक्षित टिकट, 111 फार्म, 1835 रुपये मिले। दिलीप के खुलासे पर कंपनी कमांडर संजय पांडेय के नेतृत्व में सभा शंकर दुबे, सचिन शर्मा ने खपरा मोहाल में छापा मारा तो वहां भगदड़ मच गई। आरपीएफ ने संचालक नफाकत को पकड़ लिया। काउंटर से 190 आरक्षित टिकट, 600 रेलवे फार्म, 65000 रुपये, 88 परिचय पत्र और रजिस्टर बरामद किया गया। आरपीएफ ने मामला दर्ज कर दोनों को नैनी जेल भेज दिया है।
आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त अनूप श्रीवास्तव ने दल को पुरस्कृत करने का आश्वासन दिया है। पिछले दिनों उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने बैठक में मुख्य सुरक्षा आयुक्त अनूप श्रीवास्तव से कहा था कि सेंट्रल स्टेशन के आसपास मोहल्लों में गैर-कानूनी तरह से रेल टिकट आरक्षण कराने वाली एजेंसियों को बंद कराया जाए। इस पर कंपनी कमांडर ने आकस्मिक छापा मारा।
4 करोड़ का सालाना टर्नओवर
कानपुर। वर्ल्ड ट्रैवल्स एजेंसी के संचालक नफाकत के पास से मिले रजिस्टर से पता चला है कि इस एजेंसी का सालाना चार करोड़ रुपए का टर्नओवर था। रोजाना औसतन सवा-डेढ़ लाख रुपये के टिकट एजेंसी संचालक बनवाता था।
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कुली का लाइसेंस लेने की जुगाड़ में था
कानपुर। आरपीएफ के हत्थे चढ़े वर्ल्ड ट्रैवल्स एजेंसी के संचालक नफाकत से पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी। पता चला कि लग्जरी गाड़ी से चलने वाला नफाकत धंधे को चमकाने के लिए कुली का लाइसेंस पाने की जुगाड़ में था। हाल में जारी हुई सूची में उसके परिवार के दो सदस्यों का चयन हो चुका है। अब आरपीएफ पर्सनल और वाणिज्य विभाग में रिपोर्ट भेज लाइसेंस को निरस्त कराने की सिफारिश की है।
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चेहरा देख बाबू बनाते थे तत्काल टिकट
कानपुर। सिटी साइड आरक्षण केंद्र में गिरफ्तार वर्ल्ड ट्रैवल्स एजेंसी के गुर्गे दिलीप ने कबूला कि सुबह 7:30 बजे आरक्षण गेट खुलते ही बाबू उसका चेहरा देख फार्म पर टोकन नंबर देते थे। फार्म पर 1,3, 5, 7, 9 और 11 नंबर मिलने पर मुंबई, बंगलुरू सहित कई स्थानों का तत्काल कंफर्म टिकट निकल आता था।
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एडवांस टिकट का गढ़ तो रावतपुर
कानपुर। सेंट्रल पर दिल्ली जाने वाली श्रमशक्ति एक्सप्रेस की एडवांस टिकट बनवाने का गढ़ तो रावतपुर, कल्याणपुर है। यहां पर सक्रिय दलाल सिंगल नाम पर टिकट बनवा कालाबाजारी करते हैं।
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ये था संचालक का टिकट का रेट
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- तत्काल टिकट कंफर्म देने पर- एसी श्रेणी में 600-800 रुपये प्रति यात्री
- रेलवे का ऐसे ही टिकट बनवाकर देने में 60 रुपये प्रति यात्री
- दूसरे स्थानों की टिकट बनवा बोर्डिंग सहित की सुविधा में 150-200 रुपये प्रति यात्री
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ये रुपये देते थे बाबुओं को
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- टोकन नंबर देने में प्रति यात्री 5 रुपये। कंफर्म टिकट बनाकर देने में 50 रुपये प्रति यात्री। बोर्डिंग करवाने में 10 रुपये यात्री। टिकट निरस्त कराने में 10 रुपये यात्री। फोन पर बोर्डिंग कराने पर 20 रुपये यात्री। आरक्षण स्थिति फोन पर बताने पर 10 रुपये प्रति टिकट।
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