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यूपी स्टॉक एक्सचेंज का अस्तित्व खत्म

Kanpur Updated Fri, 07 Nov 2014 05:30 AM IST
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कानपुर। यूपी स्टॉक एक्सचेंज का अस्तित्व खत्म हो गया है। 3 नवंबर को एक्सचेंज के मैनेजिंग डॉयरेक्टर की ओर से जारी किए गए नोटिस में यहां लिस्टेड कंपनियों को 30 दिन के भीतर किसी अन्य क्षेत्रीय या फिर राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड होने के लिए कह दिया गया है। एक्सचेंज में करीब 600 कपनियां लिस्टेड हैं। बाजार नियामक संस्था सेबी की नई शर्तों और मानकों को पूरा न कर पाने के कारण यह निर्णय किया गया है। दूसरी ओर शेयर बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि स्टॉक एक्सचेंज को बचाने में प्रदेश सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।
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सेबी ने मई 2012 में यूपी स्टाक एक्सचेंज समेत देश भर के तमाम क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंजों के लिए अगले तीन साल के भीतर 100 करोड़ के नेटवर्थ और 1000 करोड़ रुपये के टर्नओवर की शर्त रखी थी। यूपी स्टॉक एक्सचेंज ब्रोकर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कनौडिया ने बताया कि सेबी एक्सचेंज को चालू ही नहीं रखना चाहती है। 1,000 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल तो किया जा सकता है लेकिन 100 करोड़ रुपये के नेटवर्थ से एक्सचेंज को मुश्किल सामने आ रही थी। सेबी की शर्तों और मानकों के विरोध में हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट तक में वाद दाखिल किए गए थे लेकिन राहत नहीं मिली। उन्होंने बताया कि 3 नवंबर को एक्सचेंज के मैनेजिंग डॉयरेक्टर बीके नधानी ने नोटिस जारी करके एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों से स्वेच्छा से एक्सचेंज से डीलिस्ट होने और किसी अन्य एक्सचेंज में लिस्टेड होने के निर्देश दिए हैं। यूपी स्टॉक एक्सचेंज से जुडे़ एक कारोबारी का कहना है कि स्टॉक एक्सचेंज को बंद करके सेबी अपनी जिम्मेदारियां घटानी चाहती है। वह चाहती है कि एक्सचेंज से जुड़ा कारोबार मुंबई से बाहर न हो। उन्होंने बताया कि यहां पर पहले 950 कंपनियां लिस्टेड थीं लेकिन बदली हुई परिस्थितियों के कारण अब इनकी संख्या घटकर 600 के करीब रह गई है।




स्टॉक एक्सचेंज छोटे-मझोले निवेशकों और देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं। गुजरात में वर्तमान में तीन एक्सचेंज काम कर रहे हैं लेकिन प्रदेश का इकलौता एक्सचेंज अब खत्म होने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने एक्सचेंज को बचाने के लिए कोई मदद नहीं की।
सुशील कनौडिया, अध्यक्ष, यूपी स्टॉक एक्सचेंज ब्रोकर एसोसिएशन
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सेबी की नई शर्तों को एक्सचेंज पूरा नहीं कर पाया है। यहां लिस्टेड कंपनियों को नोटिस भेजकर 30 दिन के भीतर किसी अन्य एक्सचेंज में लिस्टेड होने के लिए कहा गया है। अब एक्सचेंज को एक प्राइवेट कंपनी के तौर पर चलाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
पदम कुमार जैन, पूर्व चेयरमैन, यूपी स्टॉक एक्सचेंज


बंद हो चुके स्टॉक एक्सचेंज
मगध स्टॉक एक्सचेंज, मंगलौर स्टॉक एक्सचेंज, ओटीसी स्टॉक एक्सचेंज, यूनाइटेड
स्टॉक एक्सचेंज आफ इंडिया लिमिटेड मुंबई
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देश में संचालित हो रहे क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंज
-अहमदाबाद स्टॉक एक्सचेंज, बड़ोदरा स्टॉक एक्सचेंज, बंगलुरु स्टॉक एक्सचेंज, भुवनेश्वर स्टॉक एक्सचेंज, कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज, कोचीन स्टॉक एक्सचेंज, दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज, गुवाहाटी स्टॉक एक्सचेंज, इंटरकनेक्टेड स्टॉक एक्सचेंज मुबंई, जयपुर स्टॉक एक्सचेंज, लुधियाना स्टॉक एक्सचेंज, मध्यप्रदेश स्टॉक एक्सचेंज, मद्रास स्टॉक एक्सचेंज, पुणे स्टॉक एक्सचेंज,

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