ये क्या कर डाला सलीम मियां

Kanpur Updated Tue, 22 Oct 2013 05:41 AM IST
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कानपुर। शनिवार को बसपाइयों ने शहर लोकसभा क्षेत्र उम्मीदवार सलीम अहमद को सिक्कों से तौला। मानस धाम गेस्ट हाउस में एक तराजू लगाया गया था। इस पर एक तरफ सलीम अहमद और दूसरी तरफ सिक्के रखे गए। कैमरों के फ्लैश चमके तो सलीम मुस्कुराए और कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की मची। अचानक वहां मौजूद एक व्यक्ति बोल उठा, अरे यह तो भारतीय मुद्रा (सिक्कों) का अपमान है। यह बात सुनकर कान खड़े हो गए। जानकारी की तो पता चला कि यह तो अपराध है। इसमें सात साल तक कैद हो सकती है। पेश है पूरे मामले पर ‘अमर उजाला’ सीनियर रिपोर्टर आशुतोष मिश्र और फोटो जर्नलिस्ट संजय लोचन पांडेय की एक रिपोर्ट-
सलीम अहमद का अभिनंदन और सिक्कों से तौलने का कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से प्रस्तावित था। दोपहर 12.30 बजे मानस धाम गेस्ट हाउस में घुसते ही बीएसपी वांलेटियर फोर्स (बीवीएफ) के कुछ जवान सफेद शर्ट और नीली पैंट में नजर आए। इनमें से एक से बीवीएफ का फुल फार्म पूछा तो वह बोला, पता नहीं। अंदर जाते ही एक तराजू दिखा। इसके एक पलड़े पर सिक्के रखे थे। ठीक 1.10 पर मंच से घोषणा हुई कि सलीम अहमद आने वाले हैं। थोड़ी ही देर में वह आ गए। मंच पर गए और फिर तराजू के एक पलड़े में आकर बैठ गए। करीब पांच मिनट बाद वह मंच पर पहुंचे। फिर नेताओं के भाषण चलते रहे। इस दौरान जिलाध्यक्ष जय नारायण कुरील, निर्मल तिवारी, जिला सचिव तारिक अनवर, आरके वाजपेयी, वकील अहमद, देवेंद्र मिश्र भोला, शबनम आदिल, राजन सिंह चौहान, राम गोपाल दीक्षित, रमेश यादव, सोबरन सिंह और अविनाश मिश्र मौजूद रहे।
हो सकती सात साल तक कैद
बैकिंग मामलों के जानकार अनंत गुप्ता के मुताबिक क्वाइन एज एक्ट 2011 एक सितंबर 2011 से प्रभावी हुआ था। इसकी धारा 12(1)(4)(सी) के तहत कोई भी व्यक्ति जरूरत से ज्यादा सिक्के इकट्ठा नहीं कर सकता है। सिक्कों को ज्यादा पैसे लेकर बेच नहीं सकता है। सिक्कों को गलाया या नष्ट नहीं किया जा सकता है। सिक्कों का प्रयोग खरीद के अलावा दूसरी तरह से नहीं किया जा सकता है। ऐसा कुछ भी करना कानूनी रूप से गलत है। इसमें सात साल तक की कैद है। ऐसा करने पर पुलिस संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट दर्ज कर सकती है। यह सीआरपीसी की धारा 19 के तहत कवर होता है। यह जमानतीय अपराध है।


सिक्कों का यह इस्तेमाल गैरकानूनी
रिजर्व बैंक के नियमानुसार सिक्कों से किसी को तौलना या गलाना गैर कानूनी है। मुद्रा को मुद्रा के तौर पर ही इस्तेमाल करना चाहिए।
-संजय जैन, प्रशासनिक अधिकारी आरबीआई


क्या बोले जिम्मेदार
सिक्कों से तौलना या तुलवाना अपराध है, इसकी जानकारी नहीं थी। कार्यक्रम कार्यकर्ताओं ने रखा था। इसलिए चला गया था। अगर ऐसा है तो अनजाने में गलती हो गई। और लोग भी सिक्कों से तौलना चाहते हैं। इसका कार्यक्रम तय है। लेकिन अब यह सब नहीं होने दूंगा।
-सलीम अहमद, बसपा लोक सभा क्षेत्र प्रत्याशी


पहले भी कई अन्य दलों के नेताओं को सिक्कों से तौला जाता रहा है। इस कारण सलीम भाई को तौला। पहले 65 किलो सिक्कों की व्यवस्था की थी। बाद में 10 किलो सिक्के और जमा किए थे। यह सभी सिक्के कार्यकर्ताओं ने जमा किए थे।
-जय नारायण कुरील, जिलाध्यक्ष बसपा
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