प्रदेश का पहला टूल रूम कानपुर में बनाने की सहमति बनी

Kanpur Updated Tue, 22 Oct 2013 05:40 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

विज्ञापन

कानपुर। शहर की औद्योगिक इकाइयों के लिए विकसित किए जाने वाले टूल रूम से शहर की इंडस्ट्री की रफ्तार और तेज होगी। प्रदेश का पहला टूल रूम शहर में बनाने की सैद्घांतिक सहमति बन गई है। उद्यमियों के मुताबिक टूल रूम बनने से लेदर, इंजीनियरिंग, मशीनरी सहित तमाम इंडस्ट्री के लिए जरूरी डाइज, उपकरण यहीं बनाए जा सकेंगे। इसके अलावा बड़े पैमाने पर पर लोगों को रोजगार मिल सकेगा। साथ ही इंडस्ट्री के मुताबिक कुशल श्रमिक भी तैयार हो सकेंगे।
गौरतलब है कि 9 अक्तूबर को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय,(एमएसएमई) मंत्री केएच मुनियप्पा कानपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर में आए थे। जिसमें शहर के उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल ने कानपुर में औद्योगिक इकाइयों के लिए टूल रूम विकसित करने की मांग की थी। जिस पर एमएसएमई मंत्री केएच मुनियप्पा ने सैद्घांतिक सहमति दी थी। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील वैश्य ने बताया कि टूल रू म बनने से लेदर, इंजीनियरिंग, मशीनरी, फैब्रिक्स, टेक्सटाइल, होजरी समेत तमाम औद्योगिक इकाइयों में प्रयोग होने वाली डाइज, मोल्ड व उपकरण बनाए जा सकेंगे। अभी तक डाइज व उपकरण को अन्य राज्यों से आयात करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि टूल रूम यहीं विकसित होने से औद्योगिक इकाइयों की रफ्तार और तेज होगी। एमएसएमई के निदेशक संजीव चावला ने बताया कि देश में अभी तक कोलकाता, लुधियाना, इंदौर, अहमदाबाद, औरंगाबाद, भुवनेश्वर, जमशेदपुर, चेन्नई, हैदराबाद में टूल रूम विकसित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि टूल रूम विकसित करने के लिए 15-20 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि देश में वर्ल्ड बैंक की सहायता से टूल रूम विकसित किए जा रहे हैं। एक प्रोजेक्ट पर 150 करोड़ रुपये की लागत आएगी। टूल रूम में कई तरह के ट्रेनिंग कोर्स चलाए जाएंगे हैं। जिनका फायदा बेरोजगारों को मिलेगा। यहां से ट्रेनिंग करने वाले बेरोजगारों को रोजगार भी मिल सकेगा। काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट (सीएलई) के क्षेत्रीय अध्यक्ष ताज आलम ने बताया कि टूल रूम बनने से लेदर इंडस्ट्री को फायदा होगा।
-
क्या है टूल रूम
कानपुर। टूल रूम में उद्योगों के अनुरूप मशीनें लगाई जाती हैं। इन मशीनों से इंडस्ट्री के मुताबिक जैसे डाइज बनवानी हो या फिर किसी खास मशीन के उपकरण बनवाने हों तो उसे विकसित किया जा सकता। टूल रूम में इंडस्ट्री के मुताबिक 70-80 आधुनिक मशीनें लगाई जाती हैं। टूल रूम में लगी इन मशीनों के माध्यम से बेरोजगारों को ट्रेनिंग भी दी जाती है।
-----------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us