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दिल नहीं जेब भी मांगे कार्डियोलॉजी का विस्तार

Kanpur Updated Mon, 11 Feb 2013 05:31 AM IST
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मनोज चौरसिया
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कानपुर। जीटी रोड स्थित कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट (लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान) का विस्तार न सिर्फ मरीजों के बेहतर इलाज बल्कि उन्हें भरी-भरकम खर्च से बचाने के लिए भी बहुत जरूरी हो गया है। अगर कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट और निजी अस्पतालों में इलाज के खर्च पर नजर डालें तो दोनों में 10 गुने से अधिक का भारी अंतर सामने आ रहा है। ऐसे में संस्थान में 50 बेड की उत्तर प्रदेश सरकार से मंजूरी मरीजों और उनके परिवार के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। अब निगाहें सिर्फ मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) के दौरे पर टिकी हैं, जिसकी टीम जल्द से जल्द यहां आकर मरीजों को अपनी मंजूरी की सौगात दे।
100 बेड वाले हृदय रोग संस्थान की ओपीडी में रोजाना 500 से 600 और इंडोर में रोजाना 20 से 30 मरीज आते हैं। इस मौसम में तो मरीज और भी ज्यादा आ रहे हैं। इमरजेंसी और आईसीसीयू में बेडों के अलावा विशेष ट्रालियों, स्ट्रेचर से लेकर व्हील चेयर तक पर इलाज शुरू करने के बावजूद सीमित संसाधनों की वजह से तमाम मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ जाता है। 10 साल में कार्डियोलॉजी में रोगियों की संख्या में लगभग 200 गुना इजाफा हुआ है लेकिन इस अवधि में बेड एक भी नहीं बढ़ा। इसके मद्देनजर छह साल पहले कार्डियोलॉजी के तत्कालीन निदेशक डा. ए दयाल ने आईडीएच (संक्रामक रोग अस्पताल) की जमीन पर हृदय रोग संस्थान के विस्तार का प्रस्ताव शासन को भेजा था। कार्डियोलॉजी के निवर्तमान निदेशक डा. जेएल साहनी और मौजूदा निदेशक डा. विनय कृष्णा ने प्रदेश सरकार को बेड बढ़ाने का प्रस्ताव फिर भेजकर पैरवी भी की। सरकार ने प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए फाइल एमसीआई भेज दी है, वहां से मंजूरी मिलते ही बेड बढ़ जाएंगे।



ये है अंतर
कार्डियोलॉजी में एक रुपये का पर्चा बनवाने के बाद जहां फ्री चेकअप हो जाता है, वहीं निजी अस्पताल में इसके किम से कम 150 रुपये अदा करने पड़ते हैं। ओपन हार्ट सर्जरी जहां सिर्फ एक लाख रुपये तक में हो जाएगी, वहीं, बाहर इसके लिए 3.5 लाख से आठ लाख रुपये तक का बोझ मरीज पर पड़ता है।

कोट्स
इलाज सस्ता होने की वजह से आम आदमी यहां आता है। दिल के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। कार्डियोलॉजी के तत्काल विस्तार की जरूरत है। इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
डा. विनय कृष्णा, निदेशक, कार्डियोलॉजी

ये है खर्च का अंतर (रुपये में)
मर्ज कार्डियोलॉजी निजी अस्पताल
पर्चा एक रुपये 150-450
ईसीजी 61 (ओपीडी), इमरजेंसी (50) 150-250
आरएच 7 80
सीबीसी 40 250
एचबी 5 60
कैल्शियम 14 140, 250
पोटेशियम 5 70, 150
एचबीएसएजी 26 170, 400
एचआईवी 60 350, 650
एंजियोग्राफी 1000 12 से 15 हजार
एंजियोप्लास्टी 60000 से एक लाख 1.60 से दो लाख
बाईपास सर्जरी 40000-55000 1.25 से दो लाख
ओपन हार्ट सर्जरी एक लाख 5-10 लाख
फेफड़े का आपरेशन 10-15 हजार 50 हजार से ढाई लाख
दिल में छेद 50000 1.50 लाख से पांच लाख
सीएमबी 8000 50000-70000
नोट : ये रेट औसत हैं। जरूरत और इलाज के मुताबिक रेट घट-बढ़ भी सकते हैं।

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