अब चिड़ियाघर में घड़ियाल की मौत

Kanpur Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
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कानपुर। चिड़ियाघर में काले हिरणों की मौत का मामला अभी सुलझ भी नहीं पाया था कि अब घड़ियाल की मौत ने जू प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। घड़ियाल सोमवार दोपहर को अपने बाड़े में मृत मिला। जू के अफसरों ने आनन-फानन में घड़ियाल का पोस्टमार्टम कराके उसे चिड़ियाघर में दफन करा दिया। उधर, चिड़ियाघर के डायरेक्टर का कहना है कि घड़ियाल को चोट लगी थी, जिस कारण उसकी मौत हुई है।
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चिड़ियाघर में दो मादा घड़ियाल हैं जबकि एक नर घड़ियाल था। तीन-चार दिन से नर घड़ियाल के न दिखने पर चिड़ियाघर प्रशासन ने उसके बाड़े का पानी कम कराया। तब सोमवार दोपहर 12.30 बजे घड़ियाल अपने बाड़े में मृत मिला। एक बजे घड़ियाल के शव को पोस्टमार्टम हाउस लाया गया, जहां शाम 4.15 बजे तक उसका पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद उसेे चिड़ियाघर में दफन कर दिया गया।

चिड़ियाघर के डायरेक्टर कुरुविला थॉमस का कहना है कि घड़ियाल काफी वृद्ध था। अंदरूनी चोट के कारण उसकी मौत हुई है। यह दुर्लभ प्रजाति (शेड्यूल वन) का घड़ियाल था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाहर से कोई चोट नहीं मिली है। आनन-फानन में घड़ियाल का पोस्टमार्टम कर दफनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे विभागीय कार्य से लखनऊ में थे, जिस कारण मंगलवार को यह सूचना सार्वजनिक की गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट
घड़ियाल का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों ने किया। इस पैनल में पशुपालन विभाग के डा. राम सिंह, डा. यूसी श्रीवास्तव और डा. आरके सिंह थे। पैनल ने बताया कि घड़ियाल के गुप्तांग में चोट थी, जिसका इलाज चल रहा था। उसके हार्ट और फेफड़े में भी समस्या थी। उसकी आयु 38 वर्ष थी जबकि लंबाई 393 सेंटीमीटर और वजन दो क्विंटल था।

तीन महीने पहले आया था
चिड़ियाघर में दो मादा घड़ियाल थे। 18 अक्तूबर 2012 को लखनऊ चिड़ियाघर से इस नर घड़ियाल को लाया गया था। घड़ियाल को अंदरूनी चोट थी। तब से उसका लगातार इलाज चल रहा था।

घड़ियाल पर एक नजर
घड़ियाल अमूमन ताजे बहते पानी में पाया जाता है। कुकरैल लखनऊ और चंबल नदी इटावा के पास बड़ी संख्या में ये देखने को मिलते हैं। घड़ियाल की आयु 30 से 40 वर्ष होती है। इसका प्रजनन काल 90 दिन का होता है और एक बार में मादा घड़ियाल 100 से 120 अंडे देती हैं। इसका भोजन मुख्यत: मछली और मीट होता है।

पांच साल पहले भी मरा था घड़ियाल
चिड़ियाघर के डाक्टर आरके सिंह ने बताया कि पांच साल पहले भी जू में एक मादा घड़ियाल की मौत हुई थी। घड़ियाल के पोस्टमार्टम के दौरान करीब 102 अंडे मिले थे। तब भी मौत बीमारी से हुई थी।

दिल्ली जू के डायरेक्टर आए
दिल्ली जू के डायरेक्ट अमिताभ अग्निहोत्री मंगलवार को जानवरों को एक्सचेंज करने के सिलसिले में चिड़ियाघर आए। जू के डायरेक्टर कुरविला थॉमस ने बताया कि दिल्ली जू से गैंडे को एक्सचेंज करने की बात चल रही है।

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