अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी

Kanpur Updated Sat, 22 Dec 2012 05:30 AM IST
कानपुर। अवैध इमारतों के खिलाफ केडीए में बड़ी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार हो गई है। वीसी जयश्री भोज ने सभी संयुक्त सचिवों को अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध निर्माण चिह्नित करने का आदेश दिया है। वीसी के इस आदेश से केडीए में खलबली मच गई है। उधर, पूर्व में चिह्नित कई अवैध इमारतों की सीलिंग की फाइलें बन गई हैं। जो इमारतें जुर्माना की सीमा से बाहर हैं, उनके डिमॉलिशन की तैयारी की जा रही है।
वीसी के आदेश के बाद संयुक्त सचिवों ने जेई-एई को अवैध निर्माण के सर्वे में लगा दिया है। इनसे अपने-अपने इलाके में बन रही अवैध इमारतों की रिपोर्ट मांगी गई है। जेई और एई के लिए वीसी का यह आदेश गले की हड्डी बन गया है तो बिल्डरों में खलबली मची है। केडीए से रिटायर्ड अरुण त्रिपाठी बताते हैं अवैध निर्माण को यही जेई-एई संरक्षण देते हैं। इसके बदले में उन्हें बिल्डरों से मोटी रकम मिलती है। उन्होंने कहा पैसा लेकर अवैध निर्माण कराने वाले जेई-एई सही रिपोर्ट दे ही नहीं सकते। इससे उनकी दुकानदारी बंद हो जायेगी। जेई-एई जो रिपोर्ट देंगे वह औपचारिकता मात्र होगी। उधर, अफसरों ने बड़े पैमाने पर सीलिंग और डिमॉलिशन की कार्रवाई की तैयारी की है। केडीए सूत्रों ने बताया बार एसोसिएशन की अवैध निर्माण की सूची में जो इमारतें कार्रवाई से बची रह गई हैं, उनकी फाइलें बन रही हैं। अगले सप्ताह इन इमारतों का नंबर आयेगा।


अवैध निर्माण अब बर्दाश्त नहीं होंगे। जो इमारतें बन चुकी हैं, उनसे जुर्माना वसूला जायेगा। अगर अवैध निर्माण सीमा से अधिक है तो डिमॉलिश किया जायेगा।
जयश्री भोज, वीसी

अफसर खेल रहे नोटिसों का खेल
अवैध निर्माण पर कार्रवाई की आड़ में अफसर नोटिस का खेल खेल रहे हैं। केडीए सूत्र बताते हैं कई बिल्डरों को नोटिस भेजा ही नहीं गया है। अफसरों को दिखाने के लिए कुछ बिल्डरों को नोटिस भेजकर सीलिंग की कार्रवाई कर दी गई।


डिविनिटी होम्स पर तो मेहरबानी है
-मालिक को खुद गेट तोड़ने की नोटिस देकर भूले अफसर
स्टाफ रिपोर्टर
कानपुर। कल्याणपुर के इंदिरानगर में हाईटेंशन लाइन के नीचे बन रहे डिविनिटी होम्स पर केडीए के अफसर मेहरबान हैं। अफसरों ने अवैध रूप से बना गेट खुद तोड़ने की नोटिस भेजी थी। ऐसा न करने पर प्रवर्तन दस्ते से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराने और उसका हजा-खर्चा वसूलने की चेतावनी दी थी। पर डिविनिटी होम्स बनाने वाली कंपनी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। कंपनी ने गेट तोड़ने के बजाए उसे बंद करा दिया है।
इस प्रोजेक्ट का मेन गेट एक लाख 32,000 वॉट की हाईटेंशन लाइन के ठीक नीचे है। इसके बावजूद कंपनी ने निर्माण कराने के लिये लखनऊ स्थित विद्युत परिषद से एनओसी हासिल कर ली। ‘अमर उजाला’ ने इसका खुलासा किया तो केडीए अफसरों के होश उड़ गये। अफसरों ने नक्शा देखा तो पता चला गेट अवैध है। नक्शे में जहां गेट होना चाहिये था, वहां नहीं है। सचिव राकेश कुमार ने कंपनी को खुद ही गेट तोड़ने के लिये नोटिस भेजा था। पर कंपनी के कर्ता-धर्ताओं ने गेट तोड़ने के बजाए सामने एक दीवार खड़ी कर उसे बंद करा दिया। डेमो फ्लैट भी नहीं तोड़े।

मैंने नोटिस भेज दी थी। अगर डिविनिटी होम्स गेट खुद नहीं तोड़ेगी तो केडीए कार्रवाई करेगा। नोटिस भेजने के बाद ध्यान नहीं दिया। टीम को मौके पर भेजकर कार्रवाई कराऊंगा।
प्रदीप कुमार सिंह, संयुक्त सचिव जोन एक

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