पैसे का बोलबाला, पेशे का मुंह काला

Kanpur Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
कानपुर। स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन की सख्ती और सीडीओ की चेतावनी के बावजूद बुधवार को भी डफरिन और उर्सला के डाक्टर ‘हम नहीं सुधरेंगे’ के ढर्रे पर चलते रहे। ‘अमर उजाला’ ने अस्पताल का दौरा किया और मरीजों के हालचाल लिए तो पता लगा कि कई मरीजों से आपरेशन के नाम पर घूूस ली गई। उन्हें और तीमारदारों को इस बारे में किसी को न बताने की धमकी भी दी गई। कुछ मरीजों को पैसा न देने पर पट्टी तक नहीं बांधी गई। अस्पताल में किस तरह पैसे का बोलबाला है, ये उजागर करने के लिए ये केस काफी हैं ।

केस - 1
लक्ष्मण बाग निवासी प्रभा का बुधवार दोपहर बाद उर्सला में सर्जन डा. सुधीर कटियार ने बच्चेदानी का आपरेशन किया। 3:30 बजे आपरेशन थियेटर से निकलते समय प्रभा के परिजनों ने बताया कि उनसे आपरेशन के नाम पांच हजार रुपये लिए गए हैं। न तो इसकी कोई रसीद दी गई और न ही यह बताया गया कि यह रुपये क्यों लिए जा रहे हैं। किसी को इस बारे में बताने से भी मना किया गया है।

(बयान) प्रभा का बच्चेदानी का आपरेशन जरूर किया है पर एक पैसा भी नहीं लिया। निशुल्क सेवा की है। सब दवाएं से दिलाई गईं। मरीज झूठ बोल रहा है।
डा, सुधीर कटियार, सर्जन, उर्सला


केस - 2
उर्सला के वार्ड - 8 के बेड - 29 पर भर्ती बर्रा विश्वबैंक कालोनी की श्रीदेवी ने बताया कि आपरेशन के लिए उससे डाक्टर ने तीन हजार रुपये लिए। कहा गया कि रुपये देने पर अच्छा इलाज होगा और यह भी कहा गया कि यदि इस बारे में किसी को बताया तो उन्हें दिक्कत हो सकती है। बकौल श्रीदेवी उन्हें भी डर है कि अस्पताल से कहीं भगा न दिया जाए।

केस - 3
कांशीराम कालोनी, सजारी निवासी सुनीता डफरिन के मेडिकल वार्ड के बेड - 8 पर 30 तारीख को भर्ती हुईं। उसी दिन रात में उन्हें डिलेवरी हुई। बकौल सुनीता आपरेशन करने वाली डाक्टर ने उससे 1100 रुपये लिए। सिरेंज, टेप तक बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदना पड़ता है। 4 दिसंबर को उसकी ड्रेसिंग की गई, पर पैसे न देने पर कर्मी पट्टी रखकर यह कहते हुए चले गए कि टेप मंगाकर चिपका लेना।

केस - 4
डफरिन के मेडिकल वार्ड के बेड - 7 पर भर्ती नसीम भी अस्पताल की खामियां उजाकर करने लगीं। छोटे मियां हाता निवासी नसीम की ननद कनीज ने बताया कि 30 नवंबर को आपरेशन से बेटी हुई। आपरेशन थियेटर से तब बाहर निकलने दिया गया जब 2000 रुपये ले लिए गए। इंजेक्शन से लेकर ड्रेसिंग का सारा सामान बाहर से मंगाया जाता है। 4 तारीख को ड्रेसिंग की गई, पर टेप न लाने पर चिपकाया नहीं गया।

केस - 5
कुलीबाजार की दिलशान की गर्भवती पत्नी सादिया का बुधवार को डफरिन में आपरेशन हुआ। सादिया के भाई मोहम्मद हसीब ने बताया कि अस्पताल में आज ही आए हैं। वीगो, सिरेंज और कुछ दवाएं बाहर से मंगाई गई हैं। अभी पैसे तो नहीं मांगे गए हैं, पर लगता है कि वह भी देने पड़ेंगे।

केस - 6
एलनगंज निवासी दिलीप ने 3 दिसंबर को अपनी गर्भवती पत्नी कंचन को डफरिन में भर्ती कराया। दिलीप ने बताया कि उसी दिन आपरेशन हुआ। यहां इस आस में आए थे कि मुफ्त में डिलेवरी होगी, ऊपर से जननी सुरक्षा योजना के तहत 1400 रुपये मिलेंगे। पर यहां आपरेशन के नाम पर 1100 रुपये लिए गए। आपरेशन थियेटर में सिरेंज समेत अन्य दवाएं बाजार से मंगाई गईं।

केस - 7
नौबस्ता के नीरज की पत्नी निर्मला डफरिन मेडिकल वार्ड के बेड 6 पर भर्ती हैं। नीरज ने बताया कि आपरेशन करते समय 1100 रुपये लिए गए। 300 रुपये की सिरेंज, दवाएं बाहर से मंगाई गईं। बुधवार को बच्चे की तबियत खराब हो गई। सुबह डाक्टर देखने आईं तो उनसे बच्चे को यहीं की दवा देने की गुहार लगाई, पर उन्होंने बाहर की दवाएं दिखकर पर्चा थमा दिया। मेडिकल स्टोर से दवाएं लानी पड़ीं।


केस- 8
नवाब साहब का हाता निवासी सगीर की पत्नी रिजवाना ने भी डफरिन अस्पताल में डिलेवरी के लिए 1100 रुपये लेने और 450 रुपये की दवाएं मेडिकल स्टोर से मंगाने का आरोप लगाया।


डाक्टरों को घूस न लेने की हिदायत दी गई है। गुरुवार को सभी डाक्टरों की मीटिंग बुलाई है। बैठक में यह बात सख्ती से कही जाएगी कि कोई भी डाक्टर घूस न ले। जिन डाक्टरों के खिलाफ पैसा लेने की शिकायतें मिलेंगी, उनसे स्पष्टीकरण तलब करेंगे। फिर भी नहीं माने तो शासन से उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। ढर्रा सुधारने में एक हफ्ते का समय चाहिए।
डा.(मेजर) आरके सक्सेना, निदेशक, उर्सला अस्पताल

अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की सूची सभी डाक्टरों को दे दी गई है। सभी से कहा गया है कि वे किसी मरीज से पैसे न लें और यहीं की दवाएं लिखें। जिन डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ शिकायत मिली हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
डा. मधु लाल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, डफरिन अस्पताल



पांच डाक्टरों समेत दो दर्जन से स्पष्टीकरण तलब
डफरिन में पैसे न देने पर मरीज को दो बार ओटी से लौटाने के मामले में तीन महिला डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ समेत दो दर्जन लोगों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। सभी से अतिशीघ्र जवाब मांगे गए हैं। उर्सला के निदेशक ने भी दो डाक्टरों से स्पष्टीकरण तलब किया।
डफरिन की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि रानी को ओटी से टरकाने में आपरेशन थियेटर और वार्ड में ड्यूटी कर रहीं डा. ज्योत्सना सिंह समेत अन्य डाक्टरों, नर्सों, वार्ड ब्वाय आदि से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वहीं उर्सला के निदेशक ने बताया कि बाजार से दवा मंगाने में चेस्ट फिजीशियन डा. रतन कुमार जायसवाल और घूस लेने के आरोपी डा. प्रशांत मिश्रा से स्पष्टीकरण मांगा है। डा. प्रशांत मिश्रा को स्वास्थ्य मंत्री ने अपने दौरे के समय निलंबित किया था।

बयान
श्यामा समेत किसी भी मरीज से पैसा नहीं लिया गया। न बाहर से दवाएं मंगाई गईं। मरीजों ने हलफनामा दिया है।
डा. प्रशांत मिश्रा, सर्जन, उर्सला


(आपको कुछ कहना है, डायल करें-9675898211)

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