कम नहीं होंगी उद्योगों की बिजली दरें

Kanpur Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
कानपुर/लखनऊ। शासन ने फिलहाल उद्योगों की बढ़ी हुई बिजली दरों में किसी तरह की कमी करने में असमर्थता जताते हुए उद्यमियों को भरोसा दिलाया है कि अगले साल उनकी दरें नहीं बढ़ाई जाएंगी। ऊर्जा विभाग व पावर कार्पोरेशन ने गेंद राज्य विद्युत नियामक आयोग के पाले में डालते हुए कहा कि दरों में किसी तरह का बदलाव वही कर सकता है। कानूनन शासन या पावर कार्पोरेशन को टैरिफ आर्डर में कोई संशोधन करने का अधिकार नहीं हैं। उद्यमियों के लिए राज्य विद्युत आयोग के समक्ष पुनरीक्षण याचिका दायर करने तथा अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी के समक्ष अपील करने का विकल्प भी है।
उद्योगों की बिजली दरों में की गई वृद्धि का विरोध कर रहे इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को संसदीय कार्य एवं नगर विकास राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप केसाथ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। आईआईए के प्रतिनिधिमंडल से भेंट के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव ऊर्जा अनिल कुमार गुप्ता व पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ए.पी. मिश्र को भी बुला लिया था। उद्यमियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने गुप्ता व मिश्र से पूछा कि क्या दरों में कमी करके किसी तरह की राहत देना संभव है? अफसरों ने साफ कह दिया कि शासन या कार्पोरेशन स्तर से कुछ नहीं हो सकता। इसमें किसी तरह का संशोधन आयोग ही कर सकता है। इस जवाब के बाद उद्यमियों ने विद्युत कर में कमी के लिए दबाव बनाना शुरू किया। उद्यमियों का कहना था कि अगर बिजली दरें कम नहीं की जा सकती हैं तो विद्युत कर में ही कुछ कमी कर दी जाए। विद्युत कर सरकार ने तय किया है इसलिए इसमें तो कमी की ही जा सकती है। इस पर अफसरों ने कहा कि विद्युत कर बढ़ाने का फैसला कैबिनेट ने किया है और इसमें कमी का निर्णय कैबिनेट स्तर से ही संभव है। मुख्यमंत्री को बाहर जाना था कि इसलिए उन्होंने प्रमुख सचिव ऊर्जा को उद्यमियों के साथ बैठक करके उनकी समस्याओं को दूर कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बिजली आपूर्ति के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में आपूर्ति सामान्य है और गांवों समेत सभी क्षेत्रों में निर्धारित शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति की जा रही है।
आईआईए के प्रतिनिधिमंडल की ओर से राहत की मांग किए जाने पर अधिकारियों ने कहा कि प्रयास होगा कि अगले साल उद्योगों की बिजली दर में कोई इजाफा न हो लेकिन जो बढ़ गया है उसमें किसी तरह क ी दखलंदाजी नहीं की जा सकती। आईआईए के महासचिव मनीष गोयल का कहना है कि मुख्यमंत्री से भेंट के बाद प्रमुख सचिव ऊर्जा के साथ हुई बैठक में उद्यमियों ने अपनी बात विस्तार से रखी। गोयल का दावा है कि शासन की ओर से उद्योगों को आंशिक राहत तथा अगले साल बिजली की दरों में वृद्धि न करने का आश्वासन दिया गया है। शासन ने बिजली दरों को लागू करने के संबंध में अपीलेट ट्रिब्यूनल का फैसला मानने की बात भी कही है।
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बैरंग लौटा मर्चेंट चेंबर का प्रतिनिधिमंडल
कानपुर। मर्चेंट चेंबर के पदाधिकारियों के साथ आईआईए, पीआईए समेत अन्य संगठनों के लोग मुख्यमंत्री से नहीं मिल पाए। आईआईए के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील वैश्य ने कहा कि सीएम को अत्यंत आवश्यक कार्य से मैनपुरी जाना पड़ गया, जिसके चलते मुलाकात नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर स्थितियों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इस संबंध में हर चीज की समीक्षा करेंगे, उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी। आशाएं बहुत थीं कि कुछ राहत मिलेगी।

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