इंजीनियर दोस्त निकला नैंसी का कातिल

Kanpur Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
कानपुर। चकेरी के नैंसी हत्याकांड का खुलासा 8 महीने बाद पुलिस कर सकी। पुलिस ने नैंसी के इंजीनियर प्रेमी गौरव वाजपेई को गिरफ्तार किया है। चकेरी पुलिस ने रविवार को हत्या के आरोप में उसे जेल भेजा है।
बीकाम प्रथम वर्ष की छात्रा नैंसी उर्फ अंजली(22) देवरिया जिले के हाटा बाजार गौनरपुरवा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह की बड़ी बेटी थी। यहां गांधी ग्राम चकेरी में अपने नाना बीरबली सिंह और नानी दमयंती के साथ रहती थी। बीरबली एचएएल के रिटायर्ड इलेक्ट्रीशियन हैं। वह 26फरवरी को गांव गए थे। 3 मार्च को नैंसी की हत्या हो गई। अगले दिन पोस्टमार्टम में गला घोंटकर मारने की पुष्टि भी हो गई। हालांकि सिर के एक हिस्से में किसी भारी चीज के वार से खून के थक्के जमे मिले। जांघ, चेहरे, आंख के पास, गले में नाखून के निशान थे। गैंगरेप की संभावना पर स्लाइड बनाई गई लेकिन प्रयोगशाला जांच में स्पर्म नहीं मिला।
नैंसी के मामा उमेश कुमार हांगकांग में मर्चेंट नेवी अफसर हैं। उन्होंने ऑरकुट, फेसबुक से खुद ही भांजी के 75 दोस्त ढूंढ निकाले। खुद ही त्रिकोणीय प्रेम संबंध का खुलासा किया। चारों के मैसेज में अश्लील एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां थीं। मामा ने परिवार की बदनामी से ज्यादा हत्यारोपी को जेल भेजने पर ज्यादा जोर दिया। उन्होंने पहला शक गौरव बाजपेई पर जताया था। नैंसी की बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र गौरव बाजपेई से दो साल पहले सोशल साइट आरकुट से दोस्ती हुई। नजदीकियां बढ़ीं तो शारीरिक संबंध भी हुए। इससे पहले सेल्स एक्जीक्यूटिव मंगलम शुक्ला मैडी से भी नजदीकियां थीं। पुलिस ने गौरव, मंगलम उर्फ मैडी, तीसरे दोस्त साहिल, सिलेंडर वाले कन्हैया जायसवाल, नौकरानी, एक अन्य मित्र दीपक को उठाया। पूछताछ की लेकिन सभी के हत्या कबूल न करने से उन्हें छोड़ दिया।
मामा उमेश ने 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को फेसबुक के जरिए ऑनलाइन पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि पुलिस को पर्याप्त सबूत देने के बाद भी वह गौरव और मैडी से सख्ती से पूछताछ नहीं कर रही है। मामले को लटकाया जा रहा है। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचने पर चकेरी पुलिस ने फिर कुछ दिन तेजी दिखाई। परंतु दो हफ्ते बाद फिर थक कर बैठ गई। अचानक 25 नवंबर को चकेरी पुलिस ने गौरव बाजपेई को हत्यारोपी बताकर हत्याकांड का गुपचुप खुलासा कर दिया। पुलिस का कहना है कि नैंसी अपने इंजीनियर प्रेमी गौरव बाजपेई पर शादी का दबाव बना रही थी वह इसके पक्ष में नहीं था। इसी मुद्दे पर कई बार इनमें झगड़ा हुआ। वारदात के एक दिन पहले भी एक रिश्तेदार के सामने ऐसा होने पर आरोपी गौरव ने कहानी खत्म करने की ठान ली। अगले दिन सुनियोजित तरीके से उसने गला दबाकर नैंसी को मार डाला। शक न आए और मामला गैंगरेप का लगे इसके लिए खुद ही नैंसी के कपड़े उतार कर बगल में रख दिए। पुलिस का दावा कोर्ट में कहां तक टिक पाता है। यह विवेचना में जुटाए साक्ष्य और पैरवी पर निर्भर है।

इनसेट:
यूं हुई हत्या, पुलिस ने सुनाई कहानी
कानपुर। पुलिस ने बताया कि गौरव बाजपेई कैलाश विहार जाजमऊ में रहने वाले रोडवेज कर्मी अजय कुमार बाजपेई का बेटा है। बाबू बनारसी दास इंजीनियरिंग कालेज लखनऊ से बीटेक करने के बाद दिल्ली में नौकरी करने लगा था। नैंसी से दोस्ती ऑरकुट से शुरू होकर फेसबुक में परवान चढ़ी। दोनों में नजदीकियां बढ़ीं तो होटलों और घर में मिलने लगे थे। जनवरी से नैंसी गौरव पर शादी का दबाव बनाने लगी थी। गौरव अवैध रिश्ता तो रखना चाहता था पर शादी के लिए तैयार नहीं था। उसे नैंसी के कई दोस्त होने और उनसे संबंध होने का पता था। वारदात के तीन दिन पहले अचानक नैंसी की मौसी आ गई थीं। तब दोनों को एक साथ देख उन्होंने नैंसी से जल्द ही शादी करने की बात कही। उनके जाते ही दोनों में फिर शादी करने-न करने के मुद्दे पर झगड़ा हुआ। अचानक दीपांश का फोन आया लेकिन वह दीपिका नाम से फीड था। दो बार नैंसी ने बात की तो बोली गर्ल फ्रैंड है। एक बार उसने उठा लिया तो खुला कि दीपिका नहीं दीपांश है। इससे दोनों में हाथापाई हुई।
3 मार्च को अचानक वह फिर घर पहुंचा माफी मांगी और विश्वास में लेकर पहले तकिया से नैंसी का चेहरा दबाया। फिर गला घोंटकर मार डाला। मल निकल जाने और पुलिस को भ्रम में डालने के लिए उसने खुद ही उसके अधोवस्त्र उतार कर बगल में रख दिए। जिसे देखते ही गैंगरेप की शंका जाहिर हो। जो भी पुलिस अफसर पहुंचे प्रथम दृष्टया उन्होंने गैंगरेप और हत्या का शक जाहिर भी किया। इधर गौरव कमरा लॉक कर उसकी चाभी लेकर भाग गया था। वह चाभी पुलिस ने रविवार को गांधी ग्राम चकेरी निवासी शशिकांत मिश्र के घर के पास झाड़ी से बरामद की है।
--
3 दिन पहले जारी हुआ था एनबीडब्लू
कानपुर। डीआईजी नगर अमिताभ यश ने बताया कि तीन दिन पहले गौरव के खिलाफ एनबीडब्लू जारी हुआ था। उधर गौरव ने लोकल कोर्ट और हाईकोर्ट में अरेस्ट स्टे के लिए अर्जी डाली। कहा कि पुलिस हमें फंसाना चाहती है। कोर्ट के पूछने पर पुलिस ने पुख्ता सबूत का दावा किया। इससे अर्जी खारिज हो गई। सर्विलांस के सहारे गौरव को दबोचा गया।
--
ऐसे पकड़ा गया
ऑरकुट, फेसबुक मैसेज, सर्विलांस, कॉल डिटेल, देखने वालों के बयान, लखनऊ में रहने वाली बहन के बयान को आधार बनाया। पाया गया कि गौरव का मोबाइल वारदात के दिन दो बार मोबाइल स्विच ऑफ रहा। एक बार घटना सार्वजनिक होने से पहले दो घंटे तक और दूसरी बार बाद में तीन घंटे तक। यही गौरव पर शक की ठोस वजह भी बना।
--
आखिर क्यों हुआ गुपचुप खुलासा
कानपुर। आमतौर पर तीन-चार चोर पकड़ने पर प्रेस कांफ्रेंस करने वाली पुलिस ने हाईप्रोफाइल हत्याकांड का गुपचुप खुलासा कर लिया। न कोई कांफ्रेंस और न ही आरोपी को मीडिया से मुखातिब कराने का कोई प्रयास हुआ। फाइल बंद होने की ओर जा रहा हत्याकांड अचानक कैसे खुल गया। क्या वास्तव में अकेला गौरव इतने पेशेवर तरीके से हत्या कर इतने दिन पुलिस को गच्चा दे सकता है। गुपचुप खुलासे ने पुलिस की नीयत पर सवाल उठा दिया है।

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

दिल्ली-एनसीआर में दोपहर में हुआ अंधेरा, हल्की बार‌िश से गिरा पारा

पहले धुंध, उसके बाद उमस भरे मौसम और फिर हुई हल्की बारिश ने दिल्ली में हो रहे गणतंत्र दिवस के फुल ड्रेस रिहर्सल में विलेन की भूमिका निभाई।

23 जनवरी 2018

Related Videos

थर्ड डिग्री से डरे युवक ने पुलिस कस्टडी में पिया तेजाब

एक लूट के मामले का जब उन्नाव पुलिस खुलासा नहीं कर पाई तो उसने एक शर्मनाक कृत्य को अंजाम दिया।

23 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper