‘हाजियों’ ने एक सदा से दुनिया की खुशी मांगी

Kanpur Updated Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
मेराज अहमद
अराफात-मुजदलफा (मक्का शरीफ)। मिना से दक्खिन-पूरब में करीब 10 किलोमीटर दूर अराफात के मैदान में ऐसा लग रहा है कि पूरी दुनिया उमड़ आई है। ‘लब्बैक’ (हाजिर हूं) और अल-हम्दो-लिल्लाह (सारी तारीफ अल्लाह के लिए है) से माहौल गूंज रहा है। हज के दूसरे दिन गुरुवार को अजब रूहानियत तारी है। अपने-पराए का ख्याल मिट चुका है। मिना से साथ निकले साथी अराफात के मैदान में आगे-पीछे हो गए हैं। दो कपड़ों में करीब 60 लाख लोग अराफात के मैदान में आसमान की तरफ हाथ उठाए भर्राई आवाज में अल्लाह से दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांग रहे हैं।
फजिर की नमाज के बाद हम लोग मिना से मेट्रो ट्रेन से अराफात आए। सऊदी सरकार ने पहली बार ट्रेन का इंतजाम किया है। तीन स्टेशन बनाए गए हैं। लेकिन ज्यादातर लोग मिना से अराफात पैदल ही आए हैं। कुछ लोग बस से भी आए। कदम-कदम पर दुनिया भर की नियामतें ‘हाजियों’ को बांटी जा रही हैं। आइसक्रीम, दुनिया के सभी मुल्कों के फल, बिस्कुट, खाना वगैरह मुफ्त बांटा जा रहा है। अराफात में भी खेमे लगे हैं। यहां पहुंचने के बाद मुअल्लिम ने हम लोगों को खेमों में पहुंचा दिया। कुछ देर ठहरने के बाद जोहर और असर की नमाज अदा की। यहां बस एक मसजिद-ए-नमरा है। हम लोगों ने अराफात के मैदान में नमाज अदा की। खेमे से साथ निकले सलमान भाई, राशिद और दूसरे लोग अलग हो गए हैं। लोग दुनिया में हो रहे फसाद को लेकर बहुत फिक्र मंद हैं। अराफात मैदान के बगल में पहाड़ी पर बने खंभे ‘जबल-ए-रहमत’ के पास खड़े होकर लोग पूरी दुनिया में खुशहाली के लिए दुआ मांग रहे हैं। कहते हैं कि इसी जगह पर आदम अलैस्सलाम की बीवी हव्वा से मुलाकात हुई थी। अराफात के मैदान में मांगी दुआ अल्लाहताला पूरी फरमाता है। यह भी कहा जाता है कि यही ‘महशर’ का मैदान होगा जहां कयामत के दिन अल्लाहताला इंसाफ करेगा। इसी अराफात के मैदान में रसूल पाक सल्लल्लाहो अलैहवसल्लम ने हज का आखिरी खुतबा दिया था। हज करने आए अरब मुल्क उरदुन के लोग बता रहे हैं कि माना जाता है कि अगर एहराम में यहां से परिंदा गुजर जाए तो उसका भी हज हो जाएगा। अब सूरज आसमान की सरहद पर आ गया है। मगरिब का वक्त नजदीक है। सुनिये, सायरन की आवाज आ रही है। मुजदलफा के लिए सफर का वक्त आ गया है। काफिले रवाना हो रहे हैं। अब सूरज ढल गया है। मुजदलफा में एक भी खेमा नहीं लगाया गया। यहां रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी है। हम लोगों ने यहां मगरिब और इशां की नमाज साथ अदा कर ली है। रात है, अब मैदान में लोग कंकड़ियां इकट्ठी कर रहे हैं। हज के तीसरे दिन शुक्रवार जुमा को ये कंकड़ियां शैतान को मारी जाएंगी।


प्रस्तुति: रजा शास्त्री
विशेष सहयोग: शारिक अल्वी


कोट
मक्का शरीफ की सरहद में दाखिल होते ही जेहन बदल जाता है। यह लगने लगता है कि सिर्फ अल्लाह की इबादत में ही जिंदगी गुजर जाए। पाक जमीन पर आते ही ख्यालात बदल जाते हैं।
-हाजी मोहम्मद जहूर, (कारोबारी) रोशननगर

पहली बार काबा को देखकर आंखों से आंसू निकल आए थे। जैसे दिल ही बदल गया। दिलो-दिमाग पर अजब खुमारी छा जाती है। लगता है कि जैसे जेहन नूरानियत से भर गया।
-हाजी मुन्ना (कारोबारी), पेंचबागसफर-ए-हज:2012 का जोड़
.सफर-ए-हज: 2012 की रिपोर्ट पढ़ते लगा कि मैं खुद हज में हूं। बहुत अच्छा लगा श्रद्धा भाव से आंखें नम हो गईं।
-शिल्पी श्रीवास्तव, यशोदानगर
--
.रिपोर्ट पढ़ते ही एक बारगी पुराना मंजर आंखों के सामने नाच गया। मैं 2007 में हज पर गया था। बहुत अच्छा लगा है।
-हाजी मोइनुद्दीन खां, मीरपुर छावनी
--
.वाकई में लगा कि जेहनी तौर पर हज हो गया है। उसी तरह की फीलिंग दिल में पैदा हो गई। इस श्रंखला को जारी रखियेगा।
-मुशीर अंसारी, उन्नाव
--
.आपकी सीरीज सफर-ए-हज 2012 के लिए मुबारकबाद, पूरा परिवार बैठकर खबर सुनता है, लगता है हज में शरीक हैं।
-मोहम्मद मुसलिम, सुजातगंज
--
.सफर-ए-हज की ऐसी रिपोर्ट पहली बार पढ़ी। आंखों में आंसू आ गए। सारा मंजर आंखों के सामने आता चला गया।
-दानिश शम्शी, मेस्टन रोड
--
.बहुत अच्छा लगा। हज-ए-सफर की रिपोर्ट में गर्क होते गए। वहां का सारा सीन जैसे निगाहों के सामने आ गया। आंसू आ गए।
-याकूब अली, मसवानपुर
--
.अमर उजाला को मुबारकबाद। लोगों को हज का सुखद एहसास करा दिया। लगा कि हम भी हज में हैं, सब देख रहे हैं।
-मोहम्मद रईस, बगाही, बाबूपुरवा
----------
----------
इसलिए मारी जाती शैतान को कंकड़ी
-यह रवायत पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहस्सलाम से जुड़ी है। हजरत इब्राहीम अलैहस्सलाम ने ख्वाब में देखा था कि अल्लाहताला सबसे प्यारी चीज की उनसे कुरबानी मांग रहा है। यह बात उन्होंने अपने बेटे पैगंबर इस्माईल अलैहस्सलाम को बताई और कहा कि वे उनके लिए सबसे कीमती हैं। इस पर वे बोले-ठीक है, अल्लाहताला के हुक्म पर अमल करें। वे कुरबान होने के लिए राजी हैं। इस पर हजरत इब्राहीम बेटे को लेकर मीना की तरफ चले। जमरात जगह पर उन्हें शैतान मिला। वह इस्माईल अलैहस्सलाम से बोला कि ‘जानते हो, तुम्हारे पिता तुम्हें मारने के लिए ले जा रहे हैं। कहते हैं कि अल्लाह की मर्जी है,।’ वे शैतान के बरगलाने में नहीं आए और ‘लाहौल’ कहा, शैतान भाग गया। लेकिन तब से यह रस्म हो गई कि हाजी इस जगह पर आकर शैतान को कंकड़ी मारते हैं।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

निठारी के नरपिशाच पंधेर व काली कमाई के कुबेर यादव सिंह को अब इलाज की जरूरत

डासना जेल में बंद निठारी कांड के अभियुक्त मोनिंदर सिंह पंधेर और नोएडा टेंडर घोटाले के मुख्य आरोपी यादव सिंह को इलाज के लिए दिल्ली और मेरठ भेजा जाएगा।

19 फरवरी 2018

Related Videos

रोटोमैक कंपनी मालिक विक्रम कोठारी अरेस्ट, तीन ठिकानों से CBI को मिला ये

सीबीआई ने रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी पर कार्रवाई करते हुए कानपुर स्थित तीन ठिकानों पर छापा मारा।

19 फरवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Switch to Amarujala.com App

Get Lightning Fast Experience

Click On Add to Home Screen