झुलसी मां-बेटी को जबरन रेफर करने पर हंगामा

Kanpur Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। डीएम दफ्तर के पास बुधवार को मां-बेटी के आत्मदाह की कोशिश का मुद्दा शुक्रवार को भी गर्माया रहा। सुबह उर्सला के डाक्टरों ने झुलसी मां-बेटी की हालत गंभीर होने का हवाला देकर उन्हें हैलट रेफर किए जाने की बात कही, तो परिजन भड़क गए। उनका कहना था कि हैलट में सुविधाओं के अभाव में मां-बेटी की जान जा सकती है। इसे लेकर परिजनों और अस्पताल प्रबंधन और अफसरों के बीच दो घंटे तक नोकझोंक चली। अस्पताल के निदेशक और अफसरों का घेराव भी हुआ। बाद में बेहतर सुविधाएं और इलाज का भरोसा देकर इन्हें हैलट रेफर कर दिया गया। जब हैलट में मां-बेटी को एक जर्जर प्राइवेट रूम में ले जाया गया, तो फिर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने मौके की नजाकत देख झुलसी मां-बेटी को इमरजेंसी के आईसीयू में भर्ती कराया। इस दौरान समाजसेवी और महिला संगठनों के सदस्य भी आ गए। हैलट में दोनों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
किराएदार द्वारा मकान पर कब्जे के विवाद में चमनगंज निवासी तसलीम फातिमा ने अपनी बेटी साहिबा के साथ बुधवार सुबह कलेक्ट्रेट में डीएम आफिस के पास आ लगा ली थी। दोनों को उर्सला में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को डाक्टरों ने झुलसी मां-बेटी को हैलट रेफर कर दिया। डाक्टरों का तर्क था कि हैलट मेडिकल कालेज से जुड़ा है और वहां किडनी, हार्ट और सर्जरी समेत सभी रोगों के विशेषज्ञ डाक्टर हैं। उर्सला से बेहतर सुविधाएं भी हैं। पर, तसलीम का बेटा हयात जफर हाशमी और परिवार के अन्य लोगों ने इसका विरोध किया और किसी नर्सिंग होम में रेफर करने की मांग की। परिजनों और सामाजिक संस्था लक्ष्य की अनीता दुआ समेत कई संगठनों के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। दो घंटे तक चली बहस के बाद तसलीम और साहिबा को हैलट में अच्छी सुविधाएं देने के आश्वासन पर सहमति बन गई। हैलट में दोनों को वार्ड नंबर-3 एक प्राइवेट रूम में ले जाया गया। बिना एसी वाले कमरे की जर्जर हालत देख परिवार वाले फिर भड़क गए। सीओ स्वरूप नगर पवित्र मोहन त्रिपाठी, एसीएम-6 आरके त्रिपाठी समेत कई अफसर पहुंचे और झुलसी मां-बेटी को इमरजेंसी के आईसीयू में भर्ती कराया। तब मामला शांत हुआ।

जफर को गिरफ्तार करने की हुई कोशिश
तसलीम के बेटे जफर हयात हाशमी के खिलाफ भी आत्मदाह की कोशिश का मामला कोतवाली थाने में दर्ज है। शुक्रवार को जफर को गिरफ्तार करने की तैयारी की गई। पर, इसकी भनक परिजनों को लग गई। उन लोगों ने गिरफ्तारी रोकने के लिए हंगामा किया। बाद में पुलिस अफसरों ने अपना फैसला टाल दिया।

जबरदस्ती किया गया रेफर
जफर हयात हाशमी का आरोप है कि जिला और पुलिस अफसरों ने जबरदस्ती उनकी मां और बहन को हैलट रेफर कराया है। जबकि वह दोनों को किसी नर्सिंग होम में ले जाना चाहते थे। यदि इलाज और सुविधाओं के अभाव में उनकी मां अथवा बहन की मौत हुई, तो जिम्मेदार यह अफसर ही होंगे।


(बयान)

झुलसी मां-बेटी को अच्छे इलाज के लिए हैलट रेफर किया गया है। वहां प्रत्येक रोग के एक्सपर्ट डाक्टर हैं और जिला अस्पताल से बेहतर सुविधाएं भी हैं।
डा. आरपी यादव, सीएमओ


झुलसी मां-बेटी को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। जरूरत पर दवाओं की बाजार से मंगाकर दिया जा रहा है। इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जा रही है।
डा.आरएल महीप, ईएमओ, हैलट

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