‘स’ और ‘श’ में टूट गया जॉब का सपना

Kanpur Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में शुक्रवार को लगे जॉब फेयर में बीपीओ कंपनियों के मानकों पर शहर के युवा खरे नहीं उतर सके। जॉब फेयर में कंपनियों का 500 युवाओं का सेलेक्शन करने का टारगेट था लेकिन उच्चारण और कम्युनिकेशन स्किल बेहतर न होने के कारण 2000 आवेदकों में सिर्फ 64 को ही ऑफर लेटर मिल सका। ज्यादातर आवेदक ‘स’ और ‘श’ का अंतर न बता पाने और सही उच्चारण न कर पाने के कारण स्क्रीनिंग राउंड से ही बाहर हो गए।
सेवायोजन कार्यालय में लगे जॉब फेयर में एमबीए, बीएससी आईटी करने वाले युवाओं के अलावा पालिटेक्निक के डिप्लोमा होल्डर सुबह से ही जॉब पाने के लिए लाइन में लगे थे। सबसे पहले नेट एम्बिट, कारपोरेट सर्विसेस, नेट कनेक्ट कंपनी के प्रतिनिधियों ने आवेदकों को कंपनी की वर्किंग और सैलरी के बारे में बताया। इसके बाद 100-100 के बैच में आवेदकों की स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग में प्रतिनिधियों ने आवेदकों से सुरक्षा, इंश्योरेंस, शाहरुख, शलजम, चेकोस्लोवाकिया जैसे शब्दों का उच्चारण करवाया और बीपीओ सेक्टर के बारे में पूछा। लेकिन, ज्यादातर आवेदक इन शब्दों का उच्चारण करते समय ‘स’ और ‘श’ में गच्चा खा गए जबकि बीपीओ सेक्टर के बारे में सही जानकारी भी नहीं दे सके। स्क्रीनिंग में छांटे गए युवक-युवतियों का साक्षात्कार लिया गया। क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी राजीव यादव ने बताया कि कारपोरेट सर्विसेस नेे 32, नेट एम्बिट ने 28 और नेट कनेक्ट ने 4 लोगों को ऑफर लेटर दिया है।

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