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डेढ़ लाख की इकन्नी, 46 हजार का रुपया...

Kanpur Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। आपने आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपइया के बारे में तो सुना होगा लेकिन सिक्का एक आने का और कीमत डेढ़ लाख रुपये सुनकर जरूर आपको जरूर हैरत होगी। लेकिन, सिक्कों की दुनिया है ही कुछ ऐसी कि जितने ‘ओल्ड’ होते गए उतने ‘गोल्ड’ होते गए। इतिहास के अनगिनत पन्नों को समेटे ऐसे ही सिक्कों और नोटों से रू-ब-रू होने का शहरियों को शुक्रवार को मौका मिला। यूपी न्युमिसमेटिक सोसाइटी की ओर से शास्त्री नगर स्थित एक होटल में शुरू हुई 3 दिवसीय सिक्कों की प्रदर्शनी में 1920 की इकन्नी 1.5 लाख रुपये में, 1897 में जारी ब्रिटिशकालीन एक रुपये का सिक्का 46 हजार रुपये में और 1938 में जारी एक रुपये का सिक्का 15 हजार रुपये का बिका। वहीं, 58 स्टालों पर सजे मुगल, गुप्तकालीन शासकों और आजादी के पहले और बाद में जारी किये गये सिक्के और नोट देखने के लिये कनपुरिये उमड़ पड़े। प्रदर्शनी का उद्घाटन संस्था के संस्थापक भैरो सिंह सेंगर ने किया। इस मौके पर संस्था के संजीव अग्रवाल, अवधेश गुप्ता, राजू जैन, अमित जैन, तारे मियां, मेलकम टोडीवाला आदि मौजूद रहे।
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ऑनलाइन हुई नीलामी
कानपुर। प्रदर्शनी के पहले दिन टोडीवाला और मरुधर आर्ट ऑक्शन द्वारा ऑनलाइन बोली लगाई गई। इसमें सिक्कों के शौकीनों ने www.todyauction.com www.maruauction.com पर ऑनलाइन बोली लगाई।


ये रहे आकर्षण
शाहजहां की नजराना मोहर
मुगल शासक शाहजहां ने 1629 मेें यह सोने की मोहर एक वर्ष का शासनकाल पूरे करने पर जारी की थी। मोहर में कलमा के साथ उनके शासनकाल की संपन्नता का जिक्र है। इसकी कीमत 9 लाख रुपये है।

16 रुपये का नोट
कोलकाता के बैंक आफ हिंदुस्तान द्वारा 1830 में जारी किए गए 16 रुपये के नोट में उर्दू, हिंदी, अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया गया है। यह नोट ऑन डिमांड जारी किया गया था, जिसकी कीमत एक लाख रुपये बताई गई है।

10 हजार का नोट
आजादी के 5 साल बाद आरबीआई द्वारा जारी 10 हजार का नोट प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसकी कीमत 30 लाख रुपये आंकी गई है।

राशि आधारित सोने के सिक्के
गुप्तकालीन शासक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य द्वारा जारी गोल सोने के सिक्के पर मिथुन, सिंह, कर्क, वृश्चिक, वृष राशि को उनके चिह्न के अनुसार प्रदर्शित किया गया है। सिक्के की कीमत 30 से 80 हजार रुपये है।

पहली एक रुपये की गड्डी
आजादी के बाद 1948 में आरबीआई द्वारा पहली बार जारी की गई एक रुपये की गड्डी को देखने के लिए भी खासी भीड़ उमड़ी। एक ओर अशोक की लाट और दूसरी ओर फूल को प्रदर्शित किया गया है। नोट में तत्कालीन गर्वनर केआरके मेनन के हस्ताक्षर हैं। इसका नंबर 83550जे से शुरू हुआ है।

ये भी रहे खास
- 1835 में जार्ज पंचम द्वारा जारी तांबे की इकन्नी
- बीजापुर के सुल्तान आदिल शाह का ‘लारीन’ के नाम से लंबी क्लिप जैसा सिक्का
- अकबर, शाहजहां, मोहम्मद बिन तुगलक, मोहम्मद बिन फिरोज द्वारा जारी सोने की चौकोर और गोल मोहरें

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