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डीएवी के शिक्षकों का उच्च शिक्षाधिकारी दफ्तर पर हमला

Kanpur Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति लटकाने का आरोप लगाते हुए डीएवी कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों ने गुरुवार सुबह क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय पर हमला बोल दिया। कार्यवाहक क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी शोभनाथ और चौकीदार अजय वर्मा को पीटा, उनके कपड़े फाड़ डाले। गमले, गुलदस्ते और कुर्सियां तोड़ डालीं। गालीगलौज करके कर्मचारियों को भगा दिया। फिर कार्यालय में ताला डाल दिया। दो कर्मचारियों को कार में खींचकर ले जाने की कोशिश की। इससे नाराज क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। उनका कहना है कि पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हीं से गालीगलौज की।
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क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार कार्यालय के काम से बाहर गए हैं। उनका कार्यभार कार्यालय अधीक्षक शोभनाथ देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि शासन ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगा रखी है। फिर भी डीएवी पीजी कॉलेज प्रबंधन ने 8 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी है। यह नियुक्ति नियम विरुद्ध है, लेकिन अनुमोदन का दबाव डाला जा रहा है। गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे डीएवी कॉलेज के 25-30 शिक्षक, कर्मचारी गालीगलौज करते हुए पहुंचे और कार्यवाहक क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी शोभनाथ (55) की धुनाई शुरू कर दी। इससे शोभनाथ को गंभीर चोटें आईं। हमलावरों ने शोभनाथ के मोबाइल से ही छुट्टी पर गए डॉ. अखिलेश कुमार को फोन मिलाया और जमकर गालीगलौज की। धमकी दी कि यदि वसूली बंद नहीं हुई तो रोज मार खाएंगे। शोभनाथ का कहना है कि हमला करने वालों में डॉ. कपिल बाजपेयी, डॉ. अनिल बाजपेयी, देवेश, सहायक लेखाकार अशोक और डीएन निगम आदि शामिल थे। बाकी की पहचान नहीं की जा सकी है। इस मामले की सूचना निदेशक उच्च शिक्षा को दे दी गई है। उनके माध्यम से शासन, जिलाधिकारी एमपी अग्रवाल को जानकारी दी गई है। मामले में एफआईआर कराई जाएगी। हमला करने वाले शिक्षक, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई न होने तक कामकाज ठप रहेगा।


इनसेट

क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय में मारपीट की जानकारी मिली है। एडीएम सिटी को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मारपीट करने वाले किसी भी शिक्षक, कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। यदि पुलिस का रवैया ठीक नहीं रहा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
एमपी अग्रवाल, डीएम कानपुर नगर


50-50 हजार रुपए वसूलने के चक्कर में 2011 से नियुक्ति रोके हैं। यदि नियुक्ति गलत थी तो आपत्ति लगाकर पत्रावली वापस कर देनी चाहिए थी। ऐसा नहीं हुआ। स्टाफ की कमी, लगातार भागदौड़ से परेशान शिक्षक, कर्मचारी पिछले 10 दिन से क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी को ढूंढ रहे हैं। वह नहीं मिले तो कार्यालय बंद करा दिया। किसी के साथ मारपीट की जानकारी नहीं है। हां, यदि क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय ने वसूली नहीं बंद की तो जरूर पीटे जाएंगे। वह कार्यालय लूट-खसोट का अड्डा बन गया है। शिक्षक, कर्मचारियों के अनुमोदन के लिए धन उगाही होती है।
डा. नागेंद्र स्वरूप, सचिव दयानंद शिक्षण संस्थान


शासन ने मार्च से भर्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे में नियुक्ति का अनुमोदन संभव नहीं था। धन उगाही के आरोप निराधार हैं। डीएवी कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारियों ने गुंडागर्दी की है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
डॉ. अखिलेश कुमार, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कानपुर मंडल

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