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शीतगृहों से काफी कम हो रही निकासी

Kannauj Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
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कन्नौज। करीब एक हफ्ते से शुरू हुई बारिश ने किसानों को आलू की अगेती फसल किस तरह तैयार होगी, इस पर सोचने पर मजबूर कर दिया है। किसान अगेती फसल के लिए जुगत भिड़ाने में जुट गए है। यदि मौसम की बेवफाई जारी रही तो दीवाली पर नए कन्नौजिया आलू आलू का स्वाद चखने को नहीं मिलेगा।
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गौरतलब है कि एक सप्ताह से शुरू हुई बारिश ने किसानों को काफी परेशानी में डाल रखा है। बारिश के चलते खेतों में ओट न होने से खेत की तैयारी नहीं शुरु हो पा रही है। रुकरुककर हो रही बारिश व मौसम के साफ न होने से किसान खासे परेशान है। शीतगृहों में इन दिनों आलू की निकासी के लिए लगने वाली लंबी भीड़ गायब हैं। किसान अपने आलू की छंटाई कराने के लिए तक नहीं पहुंच रहा है। जबकि पिछले वर्षो में इन दिनों आलू निकासी के लिए किसानों की लंबी लाइन लगनी शुरु हो गई थी, और किसानों के घरों में आलू की गड़ाई के लिए शीतगृहों से आलू लाकर मजदूरों को लाकर बीज गाड़ने के लिए काटने का क्रम जारी कर दिया गया था। वहीं जिले में बड़ी तादात में ऐसे भी किसान हैं, जो कि हर वर्ष बीज खरीदकर आलू की बुआई करते हैं। इस बार आलू में छाई तेजी छंटने का नाम नहीं ले रही है। आलू की कम निकासी से भी दाम जहां के तहां टिके हुए हैं। मध्यम वर्गीय किसान इस आस में बैठा है कि निकासी शुरु होने के बाद कुछ रेट नीचे आएगा, तब वह आलू का बीज खरीदकर अगेती कच्ची फसल की बुआई करेंगे। इतना मंहगाई में किसी तरह का जोखिम लेने को किसान तैयार नहीं है। बीज, खाद, पानी, दवा सभी कुछ महंगा है। जिला उद्यान अधिकारी मुन्नालाल यादव का कहना है कि कन्नौज जिला आलू की अधिक पैदावार करने के लिए देश-दुनिया में विख्यात है। यहां पर अगेती आलू की फसल की जो कृषि विभाग की ओर से निर्धारित तिथि है, उससे पहले ही किसान आलू की बुआई शुरु कर देता है। जल्दी आलू की गड़ाई के चलते ही किसान दीवाली तक लोगों को नए आलू का स्वाद दिला सकता है। सामान्यत: आलू की अगेती फसल का निर्धारित समय 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक है, लेकिन इस आलू की गड़ाई करने के बाद इसका उत्पादन किसान को दिसंबर तक मिल सकेगा। वहीं मौजूदा समय में जिन किसानों ने आलू के लिए खेत की तैयारी शुरु कर दी है। यह दीवाली तक नया आलू मार्केट में दे देंगे। शीतगृह मालिक सोनी मिश्रा का कहना है कि आलू का भाव लगातार घट बढ़ रहा है। वहीं पिछले वर्षो की तुलना में इस बार आलू की निकासी भी कम हो रही है। जिले में 95 शीतगृहों में मौजूदा समय में व्यापारी व किसान महज खाने के लिए आलू निकाल रहा है।

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