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आपस में जुड़ेंगे रजबहे और माइनरें

Kannauj Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
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तिर्वा (कन्नौज)। तिर्वा विधानसभा क्षेत्र के करीब एक लाख किसानों को सिंचाई संकट से राहत देने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। सपा विधायक विजय बहादुर पाल ने रजबहे व माइनरों को आपस में जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना के तहत दौड़भाग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भिजवा देने के लिए सपा विधायक से कहा है।
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तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में तीन रजबहे तिर्वा , ठठिया व तिलसरा रजबहा हैं। इन तीन रजबहों से 19 माइनरें निकली हैं। इन सभी की लंबाई करीब 54 किमी है। इसके अलावा निचली गंग नहर भी सिंचाई का प्रमुख स्त्रोत है। माह जनवरी से लेकर अगस्त तक रजबहों व माइनरों में पानी कम होने की वजह से किसानों को फसलों की सिंचाई में दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। किसान मजबूरन फसलों की सिंचाई पंपसेट या निजी ट्यूबवेल के जरिए करते हैं। इससे फसल पर लागत अधिक आ जाती है।
सपा विधायक ने किसानों की इस प्रमुख समस्या को देखते हुए क्षेत्र के सभी रजबहे, माइनरों व निचली गंग नहर को आपस में इंटरकनेक्शन करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि सभी रजबहे व माइनरें आपस में जुड़ जाएंगी तो किसी भी मौसम में माइनरों की समस्या नहीं रहेगी। निचली गंग नहर में अगर पानी है तो माइनरों में भी पानी स्वत: आ जाएगा। इससे किसानों को सिंचाई की समस्या से काफी हद तक राहत मिल जाएगी।

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