विज्ञापन

जिले में साठ फीसदी बिजली की हो रही चोरी

Kannauj Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कन्नौज। जहां पूरा प्रदेश बिजली की किल्लत से त्राहि-त्राहि कर रहा है वहीं कन्नौज जिले में खुलेआम बिजली की चोरी और बरबादी हो रही है। न बिजली चोरी पकड़ने की अधिकारियों में हिम्मत है और न ही बिजली की बरबादी को रोकने का प्रयास। नलकूप से लेकर कारखाने तक बिजली आने के वक्त दिनरात चलते रहते हैं। मुख्यमंत्री का क्षेत्र मानकर विभागीय अधिकारी भी हाथ पर हाथ रखकर बैठे हुए हैं। विभाग की मानें तो जिले में 60 फीसदी बिजली की चोरी हो रही है। इससे कनेक्शन धारक उपभोक्ताओं को सही वोल्टेज नहीं मिल पा रहे हैं। बिजली चोरी करने वाले बेखौफ होकर मेन लाइन में कटिया डालकर उपयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
जिले में बिजली का हाल विभाग ही बुरा करता जा रहा है। विभागीय अधिकारी भगवान भरोसे बैठकर प्रतिमाह पूरी पगार उठा रहे हैं। न किसी गांव में ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि हो रही है और न ही जर्जर तार बदले जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को सही मात्रा में बिजली न मिल पाने के बाद भी अपने बिलों को चुकाना पड़ रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी बिजली चोरी पकड़ने के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। कुछ कनेक्शनधारक उपभोक्ताओं के घर छापा मारकर शासन में बैठे अधिकारियों के रिकार्ड में अपनी गिनती करा रहे हैं। बिजली कार्यालय का भी बुरा हाल है। जहां गरीब जनता किसी काम को लेकर जाती है तो उसे अधिकारियों से लेकर बाबुओं तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। पहुंच रखने वाले व्यक्तियों के काम तत्काल कर दिए जाते हैं।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Kannauj

तीसरे दिन हुआ शिक्षामित्र का अंतिम संस्कार

तीसरे दिन हुआ शिक्षामित्र का अंतिम संस्कार

22 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

स्कूल होने के बावजूद यहां खेतों में पढ़ाई कर रहे हैं बच्चे, जानिए वजह

सरकार बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए जहां कई उपक्रम अपना रही है, वहीं यूपी के इटावा में बच्चे खेतों में पढ़ने को मजबूर है। जानिए आखिर क्यों खेतों में पढ़ रहे बच्चे।

12 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls
Niine

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree