लापरवाही का खामियाजा भुगतेंगे20 गांव के बच्चे

Kannauj Updated Fri, 27 Jul 2012 12:00 PM IST
कन्नौज। हाकिमों के दावे हवा हो गए। जुलाई बीतने को है, लेकिन जिले में 30 विद्यालय अभी भी ऐसे हैं, जिनका निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो सका है। बजट होने के बावजूद कहीं पर जमीन न मिल पाने, कहीं विवाद होने तो कहीं अनुमोदन न होने का कारण काम अटका है। बेसिक शिक्षा विभाग की खोटी नीति और जिला प्रशासन की मानीटरिंग में लापरवाही का खामियाजा कम से कम 50 गांवों के हजारों बच्चे भुगतेंगे। उन्हें पढ़ने-लिखने के लिए पड़ोसी गांवों के स्कूलों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
वित्तीय वर्ष 2011-12 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में 167 प्राथमिक और 8 जूनियर हाईस्कूल निर्माण के लिए शासन ने बजट जारी किया था। तत्कालीन बीएसए जेएस शाक्य के कार्यकाल में नियम-कानून ताक पर रख दिए गए। यही वजह रही कि आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों का अनुमोदन न होने के बावजूद भवन प्रभारी नियुक्त कर दिए गए। उनके बैंकों में खाते खुलवाकर पहली किश्त के रुप में लाखों रुपए का बजट भी भेज दिया गया। वहीं कई गांवों में स्थल न होने के बावजूद स्कूल निर्माण को मंजूरी देकर धनराशि हेडमास्टरों को रिलीज कर दी गई।
शासन की मंशा थी कि जून 2012 तक विद्यालय निर्माण पूर्ण करा दिए जाएं, ताकि जुलाई में बच्चों का दाखिला शुरु हो सके। कागजी आंकड़ों को ही सही मानें तो 30 विद्यालय अभी तक ऐसे हैं जहां नींव तक नहीं खुद सकी है। परिषदीय स्कूल हौदापुरवा, गनेशापुर, कांशीराम कालोनी, बहादुरपुर, खसुमनपुरवा, में जमीन ही उपलब्ध नहीं है। अमिलिहापुर में जो जमीन स्कूल भवन निर्माण के लिए जल्दबाजी में चयनित कर ली गई वह नलकूप विभाग से संबंधित निकली। बेलामऊ में जो जमीन चयनित की गई, उसे लेकर विवाद चल रहा है।
बगैर अनुमोदन खाते खुलवाकर भेज दिए लाखों रुपये
ॎ ज्योराखनपुरवा, ब्राह्मणपुरवा, फैजुल्लापुर समेत 8 गांवों में स्कूल बनाने के लिए अनुमोदन ही नहीं हुआ था। इसके बावजूद तत्कालीन बीएसए ने भवन प्रभारी नियुक्त कर दिए। बैंकों में खाते खुलवाकर बजट भी भेज दिया। कई भवन प्रभारियों ने तो निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया है। जबकि ज्योराखनपुरवा, ब्राह्मणपुरवा व फैजुल्लापुर में काम अटका है। अब पटल के बाबू, सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी, डिप्टी बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। पूर्व बीएसए ने डायरेक्ट पत्राचार कर खाते में पैसा भिजवाया और भवन प्रभारी बना दिए।
मानक नहीं फिर भी स्वीकृति देकर भेजा बजट
कन्नौज। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों को ही सच मानें तो हीरापुरवा गांव जनसंख्या के अनुसार मानक में नहीं है, इसके बावजूद विद्यालय निर्माण को अभिलेखों में मंजूरी दे दी गई। सौरिख ब्लाक के गांव सरबा, नगला भीम, नगला झाबर, उमर्दा ब्लाक के जरियन, ऊसरी, भखरा, जवाहरपुरवा गांव में दूरी का मानक पूरा नहीं है फिर भी स्कूल भवन बनवाने को बजट भेजा। इरादा लाखों रुपया डकारने का था, लेकिन जब सत्ता परिवर्तन हुआ और वीवीआईपी जिला की श्रेणी में आया तब कान खड़े हुए।
बोले बीएसए- सीडीओ को सारी स्थिति से अवगत करा दिया
ॎ बीएसए एके यादव कहते हैं कि मामला उनके कार्यकाल का नहीं है। सीडीओ को सारी स्थिति से अवगत कराया गया है। 8 विद्यालय बगैर अनुमोदन वाले हैं, जिनका जल्द अनुमोदन करा लिया जाएगा। सीडीओ ने कहा है कि बगैर अनुमोदन के जो स्कूल बन रहे हैं उन्हें बनने दो। स्कूल भवन निर्माण के लिए देरी के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी, क्या कोई जांच कराई जाएगी ? पूछने पर उन्होंने कहा इसकी जरूरत नहीं है।
एडीएम रमेश चंद्र यादव कहते हैं कि मामला गंभीर है। पता कराएंगे कि उच्चाधिकारियों के बगैर अनुमोदन के ही कैसे विद्यालय बन रहे हैं। देरी करने के लिए जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। ताकि फिर से कोई मनमानी न कर सके।

Spotlight

Most Read

Dehradun

देहरादून: 24 जनवरी को कक्षा 1 से 12 तक बंद रहेंगे सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र

मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में बारिश की चेतावनी के चलते डीएम ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।

23 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में कोहरे का कहर जारी, ट्रक और कार की टक्कर में तीन की मौत

कन्नौज के तालग्राम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कोहरे के चलते एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से पीछे से आ रही कार के चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक  नजर नहीं आया और उनमें कार जा टकराई। हादसे में तीन की मौत हो गई।

10 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper