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अब गुरुजी नहीं करेंगे स्कूलों के निर्माण कार्य

Kannauj Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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कन्नौज। परिषदीय प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में अब विद्यालय संबंधी विभिन्न निर्माण कार्य विद्यालय प्रबंध समिति से कराए जाएंगे। राज्य परियोजना निदेशक ने इस आशय का आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एके यादव को भेज दिया है। अब प्रधानाध्यापक/अध्यापक को विद्यालय निर्माण कार्यों से मुक्त रखा जाएगा।
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अभी तक सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत स्कूल भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्षा कक्ष, शौचालय, चहारदीवारी, ओवरहेड टैंक, विद्यालय की मरम्मत, विद्यालय विकास संबंधी कार्य का बजट ग्राम शिक्षा निधि खाते में भेजा जाता था। यह सभी कार्य ग्राम शिक्षा समिति के जरिए प्रधान व हेडमास्टर रुपया निकालकर कराते थे। अब ऐसा नहीं होगा। मुफ्त एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद विद्यालय प्रबंध समिति सभी स्कूलों में गठित की गई हैं। इस अधिनियम का पालन करने के लिए विद्यालयों में होने वाले सारे निर्माण कार्य प्रबंध समिति के जरिए ही कराए जाएंगे।

राज्य परियोजना निदेशक अतुल कुमार ने भेजे निर्देश में कहा है कि प्रबंध समिति के खाते खुलवाकर उसी में शिक्षक अनुदान, विद्यालय भवन निर्माण, विद्यालय मरम्मत अनुदान, विकास अनुदान, यूनीफार्म व इसी प्रकृति के अन्य कार्यों का बजट भेजा जाए। प्रबंध समिति ही सर्व शिक्षा अभियान के मापदंडों, मानकों के अनुसार व्यय करेगी। प्रबंध समिति के चार सदस्यों की उप समिति गठित की जाएगी। इसमें विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, दो अभिभावक सदस्य, प्रबंध समिति द्वारा नामित पदेन शासकीय सेवक शामिल होंगे। दोनों अभिभावक सदस्यों का चयन प्रबंध समिति की बैठक में बहुमत के आधार पर किया जाएगा। उप समिति के समस्त सदस्यों से संबंधित परिवार रजिस्टर, मतदाता सूची का विवरण प्रधानाध्यापक को अपने पास रखना होगा। उप समिति के सदस्य ही विद्यालय निर्माण सामग्री खरीदेंगे। प्रधानाध्यापक की मौजूदगी में खरीदी गई सामग्री का विवरण साइट पंजिका में दर्ज होगा। निर्माण संबंधी मानक, डिजाइन आदि की जानकारी बीएसए अध्यापक के जरिए प्रबंध समिति को देंगे। हेडमास्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्माण के लिए उप समिति की संस्तुतियों के आधार पर वांछित धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष व समिति का सहयोग करें। ताकि धनराशि आहरण न होने से निर्माण कार्य में बाधा न उत्पन्न हो। विद्यालय प्रबंध समिति का खाता राष्ट्रीयकृत बैंक, शेड्यूल्ड बैंक में खोला जाएगा। प्रबंध समिति के अध्यक्ष और विद्यालय के प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से इस खाते का संचालन करेंगे। खाते का रखरखाव व अभिलेख रखने का दायित्व प्रधानाध्यापक के जिम्मे रहेगा। आडिट के समय हेडमास्टर को ही समस्त अभिलेख उपलब्ध कराना पड़ेगा।
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बीएसए करेंगे गुणवत्ता की मानीटरिंग
कन्नौज। परियोजना कार्यालय ने निर्देश दिए हैं कि बीएसए निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक महीने खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से निरीक्षण कराएं। जिलाधिकारी भी निर्माण कार्यों की जांच के लिए एक टीम गठित करेंगे, जिसमें दो विभागों के अभियंता व शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को शामिल किया जाएगा। गंभीर शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी स्तर से एसडीएम या एडीएम से जांच कराई जाएगी। विद्यालय के शिक्षक गुणवत्ता पर निगरानी रखेंगे। गड़बड़ी होने पर अफसरों को लिखित जानकारी देंगे।
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क्या होंगे फायदे
- शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी। भवन निर्माण कराने के चक्कर में शिक्षक कई महीने तक पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान नहीं दे पाते थे। अब वे पूरी तरह स्कूल में बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे।
- अक्सर घटिया निर्माण कार्यों को लेकर शिक्षकों पर उंगली उठती है। कभी जांच, निलंबन का सामना करते हैं तो कभी रिकवरी कराते हैं।
- वर्ष 2011-12 में करीब दो सौ से अधिक शिक्षक सिर्फ स्कूल निर्माण में जुटे रहे। रंगाई-पुताई से लेकर अन्य निर्माण कार्यों में भी सैकड़ों शिक्षक व्यस्त रहे।


घटिया निर्माणों पर एक नजर
- चहारदीवारी निर्माण में पूर्व सीडीओ मूलसजीवन के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं मिलीं। हसेरन के एक विद्यालय की घटिया दीवार गिरी, जिससे एक छात्र का पैर टूट गया।
- परिषदीय कर्री के निर्माण के दौरान घटिया सामग्री लगी। हेडमास्टर व प्रधान से रिकवरी की गई। प्रधान ने बाद में हलफनामा देकर शिक्षक पर जबरन पैसा निकलवाने का आरोप जड़ा। जांच जारी।
- कन्नौज, गुगरापुर, जलालाबाद, सौरिख, छिबरामऊ, तालग्राम, उमर्दा ब्लाक के दर्जनों स्कूल मानकों के अनुरूप नहीं बने। बाद में शिक्षकों से की गई रिकवरी।
- खानपुर कसावा, मतौली, ढिपारी, मोहद्दीनगर, सूलनपुर, सकरहनी, करौंदाशाहनगर समेत कई स्कूलों व अतिरिक्त कक्षा कक्षों का लेंटर कम उंचाई पर ही डाल दिया गया। अतिरिक्त कक्ष की लंबाई-चौड़ाई ही घटा दी गई। खिड़कियों की संख्या ही कई स्कूलों में कम व छोटी कर दी गई।
- दो साल के अंदर छह शिक्षक सस्पेंड हुए तो किसी का वेतन कटा। आधा दर्जन से ज्यादा एबीएसए को घटिया निर्माण होने पर वर्ष 2010-12 में मिली भी प्रतिकूल प्रविष्टि।
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निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत
कन्नौज। जलालाबाद ब्लाक के नवीन प्राथमिक विद्यालय चित्तरपुरवा के निर्माण में अनियमितताएं हो रही हैं। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने विभागीय अफसरों से की है। जिलाधिकारी से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई है। यह विद्यालय तालग्राम ब्लाक में तैनात शिक्षक वकील अहमद खां बनवा रहे हैं।

क्या कहते हैं बीएसए
बीएसए एके यादव कहते हैं कि शासन के निर्देशों का पालन कराया जाएगा। नवीन शैक्षिक सत्र में जो स्कूल बनेंगे, उसमें शिक्षक निर्माण कार्य नहीं कराएंगे।

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