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जमीन की कमी से आवास विकास का प्रोजेक्ट अटका

Kannauj Updated Mon, 02 Jul 2012 12:00 PM IST
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कन्नौज। जमीन की कमी से जिले में एक और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अटक गया है। शहरी क्षेत्र में आवासीय समस्या को समाप्त करने के लिए जो सपना 12 साल पहले देखा गया था उसके पूरा होने में भी भूमि दीवार बनकर खड़ी हो गई है। मामला मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र का होने की वजह से आवास एवं विकास परिषद भी हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
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आवास विकास के लिए शुरू में 500 एकड़ जमीन की तलाश शुरू हुई। बाद में भूमि की किल्लत होने पर 200 एकड़ पर आठ हजार आवास तक प्रोजेक्ट सिमटकर रह गया। खास बात तो यह रही कि इतनी जमीन भी अब विभाग नहीं जुटा पा रहा है। कलेक्ट्रेट के निकट 200 एकड़ जमीन देखी गई थी। करीब छह महीने तक उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अफसरों ने भागदौड़ कर अभिलेखीय औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, लेकिन पूरी होने से पहले ही ग्रहण लगता दिख रहा है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो किसानों के विरोध के बाद स्थल परिवर्तन कराने के लिए कोशिशें तेजी से चल रही हैं। विनोद दीक्षित अस्पताल के सामने पुरानी पुलिस लाइन के पीछे से लेकर कैलाश शीतगृह तक जमीन पर कालोनी बनवाए जाने की मांग डीएम तक से सपाइयों ने की है। इसी के बाद जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने इस मुददे पर परिषद के अफसरों से वार्ता की पर कोई नतीजा नहीं निकल सका है। फिलहाल मामला अटक गया है। यदि जमीन बदलती है तो फिर शुरु से सारी लिखापढ़ी व कागजी कवायद करनी पड़ेगी, जिसमें चार से छह महीने लग जाएंगे।

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