विज्ञापन

एसडीएम ने खाद्यान गोदाम पर छापा मारा

Kannauj Updated Mon, 25 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
तिर्वा (कन्नौज)। नगर के पुरानी तहसील रोड स्थित सरकारी खाद्यान गोदाम में रविवार की शाम एसडीएम ने छापा मारा। छापे के दौरान उन्हेें खाद्यान की तमाम बोरियों का वजन दर्शाए गए वजन से काफी कम मिला। इसके चलते उन्होंने मार्केटिंग इंसपेक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति जिलाधिकारी से की है।
विज्ञापन
उप जिलाधिकारी दिलीप त्रिगुणायक ने कोटेदारों से मिल रही शिकायतों के आधार पर रविवार की शाम खाद्यान गोदाम पर अचानक छापा मारा। छापे के दौरान उन्होंने दस बोरी गेहूं एवं दस बोरी चावल के निकलवाकर उनका वजन कराया। वजन के दौरान यह मामला प्रकाश में आया कि 52 किलो कहकर दी जाने वाली गेहूं की बोरी का वजन 50 किलो से भी कम निकला। जबकि 51 किलो की कहकर दी जाने वाली चावल की बोरी का वजन 49 किलो के आसपास निकला। इस पर एसडीएम ने मार्केटिंग इंसपेक्टर सुरेश पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति जिलाधिकारी से की है। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए हैं कि गेहूं की बोरी का वजन 50 किलो एवं चावल की बोरी का वजन 49 किलो 500 ग्राम मानकर कोटेदारों से इसी के अनुरूप मूल्य लिया जाएगा।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Lucknow

भगवान शिव के बाद राम की शरण में राहुल गांधी, जा सकते हैं चित्रकूट

अभी कुछ दिनों पहले ही मानसरोवर यात्रा कर लौटे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अब राम की शरण में हैं। चुनाव आते देख जहां भाजपा नेता अयोध्या जा रहे हैं वहीं, राहुल गांधी के चित्रकूट आने के कयास लगाए जा रहे हैं।

22 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

स्कूल होने के बावजूद यहां खेतों में पढ़ाई कर रहे हैं बच्चे, जानिए वजह

सरकार बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए जहां कई उपक्रम अपना रही है, वहीं यूपी के इटावा में बच्चे खेतों में पढ़ने को मजबूर है। जानिए आखिर क्यों खेतों में पढ़ रहे बच्चे।

12 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree