टेलर के बेटे ने छुआ आसमान

Kannauj Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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तिर्वा (कन्नौज)। कहते हैं कि पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। यदि इनसान कुछ कर गुजरने की ठान ले तो गरीबी उसके रास्ते में बाधक नहीं बनती है। ऐसा ही कर दिखाया है तिर्वा कसबे के बेहद गरीब परिवार के होनहार छात्र शावेद खान ने। सीपीएमटी इंट्रेस परीक्षा में उसने सामान्य वर्ग से 567 वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रौशन किया है।
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शावेद खान के पिता चांद मियां की तिर्वा कसबे के रोडवेज बस स्टेंड के निकट टेलरिंग की दुकान है। उनकी पांच बेटे व एक बेटी हैं। इनमें सबसे बड़ा शावेद खान है। चांद मियां ने बताया कि उसके पिता बाबू खां का सपना था कि उनके परिवार में कोई डाक्टर बने। वह तो इस सपने को नहीं पूरा कर सके पर बेटे ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है। तिर्वा कसबे के दीनानाथ इंटरकालेज में हाईस्कूल की परीक्षा 74 फीसदी व किसान इंटरकालेज में इंटर की परीक्षा 78 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण करने के बाद उसके बेटे शावेद ने सीपीएमटी के लिए तैयारी शुरू की।
बीते चार वर्षों से वह कानपुर में रहकर लगातार तैयारी करता रहा। इस साल उसने सीपीएमटी में ओवरआल 567 रैंक हासिल कर तिर्वा कसबे का नाम रोशन कर दिया। शावेद ने बताया कि वह मनोरोग चिकित्सक बनना चाहता है। उसके पिता के पास खेती नहीं है। सारे परिवार का भरण पोषण टेलरी की दुकान से ही होता है। वह अपने पिता व बाबा के सपने को साकार करने के लिए डाक्टर बनकर ही रहेगा। मंजिल तक पहुंचने के लिए वह 14 से 16 घंटे तक की पढ़ाई करता है। ताकि आगे चलकर गरीब परिवारों का इलाज कर उनकी सेवा कर सके।
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