इल्म बांटने की चीज है-मौलाना आफाक

Kannauj Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
कन्नौज। हम्मालीपुरा स्थित अल जामेतुल अहमदिया में 25वां सालाना खत्म बुखारी शरीफ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों मोमिनों ने शिरकत कर अमन चैन की दुआ मांगी। इस मौके पर आलिमों ने तकरीरों से लोगों को नेक इंसान बनने की हिदायत दी।
सुबह 9 बजे से शुरू हुआ खत्मे बुखारी शरीफ में आशिके रसूल की भीड़ उमड़ी। इस कार्यक्रम में मुरादाबाद से आए कारी आरिफ ने निकल आयी फौजे शेख अहमद, मुजद्दी का सिपहसलार देखो, अलम की शान आफाकी हुई है, अलम देखो, अलमदार देखो पढ़कर लोगों की वाहवाही लूटी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मदरसे के संस्थापक हजरत आफाक अहमद मुजद्दी ने कहा कि इल्म बांटने की चीज है। उन्होंने भी 1985 में मदरसे की बुनियाद के दौरान तमाम परेशानियों के बावजूद इल्म बांटने का काम जारी रखा। आज मदरसे में सैकड़ाें बच्चों को रहने, खाने-पीने व अच्छी तालीम की सुविधाएं दी जा रही हैं। दर्जनों मेधावियों की तालीम का खर्च उठाने के लिए कई मालदार लोग आगे आए हैं। लोगों का यही सहयोग मिला तो मदरसा कम फीस पर नौनिहालों को आधुनिक शिक्षण संस्थाओं से बेहतर तालीम देने का जरिया बन जाएगा। उन्होंने 25 वर्ष पहले मदरसे के लिए भूमि व आर्थिक मदद देने वाले लोगों का भी शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर बरेली से आए आलिम व मौलाना ततहीर कादरी ने कहा कि अच्छा इंसान कभी खुद को बेहतर मानने की भूल नहीं करता है ा। करीब 2 बजे दुआ में शामिल होकर लोगों ने अमन-चैन की दुआ मांगी। इस मौके पर मौलाना जियाउल कमर, मौलाना अजीज, मौलाना शाहिद, मौलाना अबू दुजाना, मौलाना जैनुल आबदीन गंजडुडवारा, मौलाना नूरैन नूरी, मौलाना गुलाम रब्बानी, हाफिज अकीस अहमद, साजिद वारसी, शालू वारसी, हाजी हसीम वारसी, एमएलसी नौशाद अली, मुकददर अली, हाजी मुदस्सिर हुसैन मुल्लाजी, हाजी मुमताज कानपुर, हाजी मुईन नूरी, मदरसे के प्रधानाचार्य आफताब आलम, अतहर वारसी, रियाज अली, मंगली मौजूद रहे।

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